राजस्थान की ताम्रयुगीन सभ्यताएँ
60 QuestionsQ: ताम्रयुगीन काल किसे कहा जाता है?
Ans: पत्थर के साथ तांबे के औजारों के प्रयोग वाले काल को।
Q: राजस्थान की प्रमुख ताम्रयुगीन सभ्यताएँ कौन-कौन सी हैं?
Ans: आहड़, गिलुण्ड, बालाथल और गणेश्वर।
Q: आहड़ सभ्यता कहाँ स्थित है?
Ans: उदयपुर में।
Q: आहड़ सभ्यता किस नदी के किनारे स्थित है?
Ans: आयड़/बेड़च नदी के किनारे।
Q: आहड़ सभ्यता को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
Ans: बनास संस्कृति।
Q: आहड़ सभ्यता को 'बनास संस्कृति' नाम किसने दिया?
Ans: एच. डी. सांकलिया ने।
Q: आहड़ का प्राचीन नाम क्या था?
Ans: ताम्रवती।
Q: आहड़ का स्थानीय नाम क्या है?
Ans: धूलकोट।
Q: आहड़ का मध्यकालीन नाम क्या था?
Ans: आघाटपुर/आघाट दुर्ग।
Q: 'बनासियन बुल' का संबंध किस सभ्यता से है?
Ans: आहड़ सभ्यता से।
Q: आहड़ सभ्यता में अनाज रखने के बड़े बर्तनों को क्या कहा जाता था?
Ans: गोरे और कोठे।
Q: आहड़ सभ्यता के लोग किस धातु के कार्य में विशेष रूप से दक्ष थे?
Ans: तांबे के धातु-कर्म में।
Q: आहड़ सभ्यता से किस प्रकार के प्रमुख मृद्भांड मिले हैं?
Ans: काले-लाल मृद्भांड (Black and Red Ware)।
Q: आहड़ सभ्यता में तांबा गलाने के किस प्रमाण मिले हैं?
Ans: तांबा गलाने की भट्टियाँ।
Q: आहड़ का प्रथम उत्खनन कब और किसने किया?
Ans: 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास ने।
Q: 1956 में आहड़ का उत्खनन किसने किया?
Ans: आर. सी. अग्रवाल ने।
Q: 1961–62 में आहड़ में विस्तृत उत्खनन/शोध किसने किया?
Ans: एच. डी. सांकलिया ने।
Q: आहड़ से प्राप्त बिना हत्थे के जलपात्र किसका संकेत देते हैं?
Ans: ईरानी/विदेशी संपर्क का।
Q: आहड़ में एक मकान में कितने चूल्हों के प्रमाण मिले हैं?
Ans: 4 से 6 चूल्हों के।
Q: गिलुण्ड सभ्यता कहाँ स्थित है?
Ans: राजसमंद जिले में।
Q: गिलुण्ड किस नदी के किनारे स्थित है?
Ans: बनास नदी के किनारे।
Q: गिलुण्ड का प्रमुख पुरातात्विक टीला कौन-सा है?
Ans: मोडिया मगरी।
Q: गिलुण्ड किस संस्कृति का प्रमुख केंद्र था?
Ans: आहड़/बनास संस्कृति का।
Q: गिलुण्ड का उत्खनन 1957–58 में किसने किया?
Ans: बी. बी. लाल ने।
Q: गिलुण्ड की सबसे प्रमुख स्थापत्य विशेषता क्या है?
Ans: पक्की ईंटों का प्रयोग।
Q: गिलुण्ड से कितने आकार का विशाल भवन मिला है?
Ans: लगभग 100 × 80 फीट का।
Q: गिलुण्ड से हाथी दाँत की क्या वस्तु मिली है?
Ans: चूड़ियाँ।
Q: बालाथल सभ्यता कहाँ स्थित है?
Ans: उदयपुर जिले में।
Q: बालाथल किस तहसील में स्थित है?
Ans: वल्लभनगर तहसील में।
Q: बालाथल किस नदी के किनारे स्थित है?
Ans: बेड़च नदी के किनारे।
Q: बालाथल में उत्खनन कब शुरू हुआ?
Ans: 1993 में।
Q: बालाथल में उत्खनन किसके निर्देशन में शुरू हुआ?
Ans: वी. एन. मिश्रा के निर्देशन में।
Q: बालाथल से कितने कमरों वाला विशाल भवन मिला है?
Ans: 11 कमरों वाला।
Q: बालाथल से लगभग कितने वर्ष पुराना मानव कंकाल मिला है?
Ans: लगभग 4000 वर्ष पुराना।
Q: बालाथल से किस रोग का प्राचीन प्रमाण मिला है?
Ans: कुष्ठ रोग का।
Q: बालाथल में किस प्रकार के शवाधान का प्रमाण मिला है?
Ans: योग मुद्रा में शवाधान का।
Q: गणेश्वर सभ्यता कहाँ स्थित है?
Ans: नीम का थाना जिले में।
Q: गणेश्वर किस नदी के उद्गम क्षेत्र में स्थित है?
Ans: कांतली नदी के उद्गम क्षेत्र में।
Q: गणेश्वर को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी।
Q: गणेश्वर सभ्यता किस धातु के लिए प्रसिद्ध है?
Ans: तांबे के लिए।
Q: गणेश्वर से कौन-कौन से तांबे के उपकरण मिले हैं?
Ans: बाणाग्र, मछली पकड़ने के कांटे और कुल्हाड़ियाँ।
Q: गणेश्वर से प्राप्त तांबा किस बात का प्रमाण देता है?
Ans: उन्नत धातुकर्म ज्ञान का।
Q: गणेश्वर का उत्खनन 1977 में किसने किया?
Ans: आर. सी. अग्रवाल ने।
Q: गणेश्वर से मछली पकड़ने के कांटे मिलने से क्या संकेत मिलता है?
Ans: कांतली नदी में प्राचीन समय में जल-प्रवाह होने का।
Q: गणेश्वर का संबंध किस प्रसिद्ध सभ्यता से तांबे के आदान-प्रदान के कारण जोड़ा जाता है?
Ans: हड़प्पा सभ्यता से।
Q: 'ताम्रवती' किसे कहा जाता था?
Ans: आहड़ को।
Q: 'धूलकोट' किस पुरातात्विक स्थल का स्थानीय नाम है?
Ans: आहड़ का।
Q: 'बनासियन बुल' कहाँ से मिला है?
Ans: आहड़ से।
Q: पक्की ईंटों के प्रमाण किस ताम्रयुगीन स्थल से मिले हैं?
Ans: गिलुण्ड से।
Q: 'मोडिया मगरी' किससे संबंधित है?
Ans: गिलुण्ड से।
Q: 11 कमरों वाला विशाल भवन कहाँ मिला है?
Ans: बालाथल में।
Q: भारत में कुष्ठ रोग के प्राचीनतम प्रमाणों में से एक कहाँ मिला है?
Ans: बालाथल में।
Q: 'ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी' किसे कहा जाता है?
Ans: गणेश्वर को।
Q: कांतली नदी का संबंध किस ताम्रयुगीन सभ्यता से है?
Ans: गणेश्वर से।
Q: आयड़/बेड़च नदी का संबंध किस सभ्यता से है?
Ans: आहड़ से।
Q: बनास नदी का संबंध किस ताम्रयुगीन स्थल से है?
Ans: गिलुण्ड से।
Q: राजस्थान में तांबे के धातु-कर्म का प्रमुख प्राचीन केंद्र कौन-सा था?
Ans: आहड़।
Q: आहड़ सभ्यता के मृद्भांडों की प्रमुख विशेषता क्या थी?
Ans: काले-लाल मृद्भांड।
Q: आहड़ में अनाज भंडारण के लिए किसका प्रयोग होता था?
Ans: गोरे और कोठे।
Q: राजस्थान की ताम्रयुगीन सभ्यताओं में तांबे के विशाल उत्पादन के लिए कौन-सा स्थल प्रसिद्ध है?
Ans: गणेश्वर।
राजस्थान के साहित्यिक स्रोत
80 QuestionsQ: राजस्थान के साहित्यिक स्रोतों को मुख्यतः कितने वर्गों में बाँटा गया है?
Ans: तीन वर्गों में: राजस्थानी, संस्कृत और फारसी।
Q: राजस्थान के साहित्यिक स्रोतों में प्रमुख राजस्थानी भाषाएँ/शैलियाँ कौन-सी हैं?
Ans: डिंगल और पिंगल।
Q: रास साहित्य मुख्यतः किस प्रकार का साहित्य है?
Ans: धार्मिक एवं कथात्मक साहित्य।
Q: रास साहित्य के प्रमुख रचनाकार कौन थे?
Ans: मुख्यतः जैन कवि।
Q: रासो साहित्य की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans: वीर रस, युद्ध, शौर्य और वंशावली का वर्णन।
Q: रासो साहित्य का संबंध मुख्यतः किन कवियों से है?
Ans: चारण और भाट कवियों से।
Q: ‘पृथ्वीराज रासो’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: चंदबरदाई।
Q: ‘पृथ्वीराज रासो’ किस शासक से संबंधित है?
Ans: पृथ्वीराज चौहान तृतीय।
Q: ‘बीसलदेव रासो’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: नरपति नाल्ह।
Q: ‘बीसलदेव रासो’ किस शासक से संबंधित है?
Ans: विग्रहराज चतुर्थ।
Q: ‘हम्मीर रासो’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: जोधराज।
Q: ‘हम्मीर रासो’ किस शासक से संबंधित है?
Ans: रणथंभौर के हम्मीर देव चौहान।
Q: ‘खुमाण रासो’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: दलपत विजय।
Q: ‘खुमाण रासो’ में मुख्यतः किस क्षेत्र के शासकों का वर्णन है?
Ans: मेवाड़ के शासकों का।
Q: ‘वचनिका’ साहित्य की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans: गद्य-पद्य मिश्रित रचना।
Q: ‘अचलदास खींची री वचनिका’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: शिवदास गाडण।
Q: ‘अचलदास खींची री वचनिका’ से किस स्थान के इतिहास की जानकारी मिलती है?
Ans: गागरोन के इतिहास की।
Q: दवावैत किस प्रकार की साहित्यिक शैली है?
Ans: उर्दू-फारसी शब्दावली से युक्त राजस्थानी शैली।
Q: दवावैत में मुख्यतः किसका वर्णन किया जाता है?
Ans: राजा या व्यक्ति की प्रशंसा और उपलब्धियों का।
Q: ‘महाराणा प्रताप री दवावैत’ किस प्रकार के साहित्य का उदाहरण है?
Ans: दवावैत साहित्य का।
Q: प्रकास साहित्य में मुख्यतः किसका वर्णन किया जाता है?
Ans: किसी राजवंश या व्यक्ति की उपलब्धियों का।
Q: ‘पाबू प्रकास’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: आशिया मोड़जी।
Q: ‘पाबू प्रकास’ किस लोकदेवता से संबंधित है?
Ans: पाबूजी से।
Q: ‘राज प्रकास’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: किशोरदास।
Q: वेलि साहित्य में मुख्यतः किसका वर्णन मिलता है?
Ans: शासकों और सामंतों की वीरता, प्रेम, उदारता, स्वामिभक्ति और वंशावली का।
Q: ‘वेलि क्रिसन रुकमणी री’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: पृथ्वीराज राठौड़।
Q: ‘वेलि क्रिसन रुकमणी री’ किस भाषा/शैली की प्रसिद्ध रचना है?
Ans: डिंगल भाषा की।
Q: ‘वेलि क्रिसन रुकमणी री’ को किस उपाधि से जाना जाता है?
Ans: पाँचवाँ वेद।
Q: ख्यात साहित्य मुख्यतः किस शैली में लिखा गया है?
Ans: गद्य शैली में।
Q: ‘ख्यात’ शब्द का क्या अर्थ है?
Ans: ख्याति या प्रशंसा।
Q: ख्यात साहित्य में मुख्यतः किसका वर्णन मिलता है?
Ans: राजाओं की वंशावली और ऐतिहासिक घटनाओं का।
Q: ‘मुहणौत नैणसी री ख्यात’ के लेखक कौन हैं?
Ans: मुहणौत नैणसी।
Q: मुहणौत नैणसी को ‘राजपूताने का अबुल फजल’ किसने कहा?
Ans: मुंशी देवीप्रसाद ने।
Q: ‘बाँकीदास री ख्यात’ में मुख्यतः किसका वर्णन मिलता है?
Ans: मारवाड़ के इतिहास और अंग्रेजों की नीतियों का।
Q: ‘दयालदास री ख्यात’ में मुख्यतः किसका इतिहास मिलता है?
Ans: बीकानेर के राठौड़ों का।
Q: ‘पृथ्वीराज विजय’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: जयानक।
Q: ‘पृथ्वीराज विजय’ से किसके इतिहास की जानकारी मिलती है?
Ans: चौहानों और अजमेर के इतिहास की।
Q: ‘हम्मीर महाकाव्य’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: नयनचंद्र सूरि।
Q: ‘हम्मीर महाकाव्य’ में किसका वर्णन मिलता है?
Ans: रणथंभौर के चौहान वंश और मुस्लिम आक्रमणों का।
Q: ‘एकलिंग महात्म्य’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: कान्ह व्यास।
Q: ‘एकलिंग महात्म्य’ से किस क्षेत्र के इतिहास की जानकारी मिलती है?
Ans: मेवाड़ के इतिहास की।
Q: ‘एकलिंग महात्म्य’ से किस प्रकार की सामाजिक जानकारी मिलती है?
Ans: वर्ण व्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था की।
Q: ‘भट्टि काव्य’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: महाकवि भट्टि।
Q: ‘भट्टि काव्य’ से किस राज्य के इतिहास की जानकारी मिलती है?
Ans: जैसलमेर राज्य की।
Q: ‘राजविनोद’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: सदाशिव भट्ट।
Q: ‘राजविनोद’ से किस क्षेत्र के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन की जानकारी मिलती है?
Ans: बीकानेर के।
Q: ‘अमरसार’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: जीवाधर।
Q: ‘अमरसार’ में किन शासकों के काल का वर्णन मिलता है?
Ans: महाराणा प्रताप और अमरसिंह प्रथम के काल का।
Q: ‘अजितोदय’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: जगजीवन भट्ट।
Q: ‘अजितोदय’ में किस क्षेत्र के इतिहास का वर्णन है?
Ans: मारवाड़ (जोधपुर) के इतिहास का।
Q: फारसी साहित्यिक स्रोतों से मुख्यतः किस दृष्टिकोण से राजस्थान का इतिहास मिलता है?
Ans: दिल्ली सल्तनत और मुगल दृष्टिकोण से।
Q: ‘ताज-उल-मासीर’ के लेखक कौन हैं?
Ans: हसन निजामी।
Q: ‘ताज-उल-मासीर’ से किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: अजमेर और तुर्कों के शुरुआती आक्रमणों की।
Q: ‘तबकात-ए-नासिरी’ के लेखक कौन हैं?
Ans: मिनहाज-उस-सिराज।
Q: ‘तबकात-ए-नासिरी’ से राजस्थान के किन क्षेत्रों पर मुस्लिम आक्रमण की जानकारी मिलती है?
Ans: जालौर और नागौर पर।
Q: ‘खजाइन-उल-फुतूह’ के लेखक कौन हैं?
Ans: अमीर खुसरो।
Q: ‘खजाइन-उल-फुतूह’ में राजस्थान की कौन-सी प्रमुख विजयों का वर्णन मिलता है?
Ans: चित्तौड़ और रणथंभौर की विजय का।
Q: ‘अकबरनामा’ के लेखक कौन हैं?
Ans: अबुल फजल।
Q: ‘अकबरनामा’ से राजस्थान के इतिहास में किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: मुगल-राजपूत संबंधों और राजस्थान की भौगोलिक स्थिति की।
Q: ‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ के लेखक कौन हैं?
Ans: जियाउद्दीन बरनी।
Q: ‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ से किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: रणथंभौर पर हुए आक्रमणों और खिलजी की नीतियों की।
Q: ‘तुजुक-ए-जहांगीरी’ के लेखक कौन हैं?
Ans: जहाँगीर।
Q: ‘तुजुक-ए-जहांगीरी’ में राजस्थान से संबंधित कौन-सी महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख है?
Ans: मेवाड़-मुगल संधि (1615 ई.) का।
Q: राजस्थान का सबसे महत्वपूर्ण ख्यात ग्रंथ कौन-सा माना जाता है?
Ans: मुहणौत नैणसी री ख्यात।
Q: राजस्थान के इतिहास में ख्यात साहित्य का मुख्य महत्व क्या है?
Ans: वंशावली और ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी।
Q: ‘पाँचवाँ वेद’ किस ग्रंथ को कहा जाता है?
Ans: वेलि क्रिसन रुकमणी री।
Q: ‘राजपूताने का अबुल फजल’ किसे कहा जाता है?
Ans: मुहणौत नैणसी को।
Q: मुहणौत नैणसी री ख्यात किस भाषा में है?
Ans: राजस्थानी भाषा में।
Q: ‘कान्हड़दे प्रबंध’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: पद्मनाभ।
Q: ‘कान्हड़दे प्रबंध’ में किस शासक का वर्णन है?
Ans: जालौर के शासक कान्हड़दे का।
Q: कान्हड़दे का संघर्ष किस शासक से हुआ था?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी से।
Q: ‘पद्मावत’ के रचयिता कौन हैं?
Ans: मलिक मुहम्मद जायसी।
Q: ‘पद्मावत’ से किस घटना की जानकारी मिलती है?
Ans: चित्तौड़ के प्रथम साके और रानी पद्मिनी के जौहर की।
Q: राजस्थान के साहित्यिक स्रोतों से किस प्रकार के इतिहास की जानकारी मिलती है?
Ans: राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक इतिहास की।
Q: राजस्थानी साहित्य में वीर रस प्रधान साहित्य की प्रमुख शैली कौन-सी है?
Ans: रासो साहित्य।
Q: चारण और भाट कवियों का राजस्थान के साहित्य में प्रमुख योगदान क्या है?
Ans: वीरगाथाओं, वंशावलियों और शौर्य का वर्णन।
Q: राजस्थान के साहित्यिक स्रोतों में मुगल काल की जानकारी के लिए कौन-से स्रोत महत्वपूर्ण हैं?
Ans: फारसी ग्रंथ।
Q: मेवाड़-मुगल संधि 1615 ई. की जानकारी किस फारसी ग्रंथ से मिलती है?
Ans: तुजुक-ए-जहांगीरी।
Q: चित्तौड़ और रणथंभौर विजय का वर्णन किस ग्रंथ में मिलता है?
Ans: खजाइन-उल-फुतूह।
Q: जालौर के कान्हड़दे और अलाउद्दीन खिलजी के संघर्ष का प्रमुख साहित्यिक स्रोत कौन-सा है?
Ans: कान्हड़दे प्रबंध।
राजस्थान इतिहास के प्रमुख स्रोत
71 QuestionsQ: राजस्थान के इतिहास के जनक किसे कहा जाता है?
Ans: कर्नल जेम्स टॉड।
Q: कर्नल जेम्स टॉड राजस्थान में किस पद पर रहे थे?
Ans: मेवाड़ के पॉलिटिकल एजेंट।
Q: कर्नल जेम्स टॉड मेवाड़ के पॉलिटिकल एजेंट कब रहे?
Ans: 1818 से 1821 ई. तक।
Q: कर्नल जेम्स टॉड को किस उपनाम से जाना जाता है?
Ans: घोड़े वाले बाबा।
Q: कर्नल जेम्स टॉड की प्रसिद्ध पुस्तक कौन-सी है?
Ans: Annals and Antiquities of Rajasthan।
Q: Annals and Antiquities of Rajasthan कब प्रकाशित हुई?
Ans: 1829 ई. में।
Q: Annals and Antiquities of Rajasthan कहाँ से प्रकाशित हुई?
Ans: लंदन से।
Q: Annals and Antiquities of Rajasthan का पहला हिन्दी अनुवाद किसने किया?
Ans: गौरी शंकर हीराचंद ओझा ने।
Q: कर्नल जेम्स टॉड की अन्य प्रसिद्ध पुस्तक कौन-सी है?
Ans: Travels in Western India।
Q: राजस्थान में पुरातात्विक सर्वेक्षण की शुरुआत कब हुई?
Ans: 1871 ई. में।
Q: राजस्थान में पुरातात्विक सर्वेक्षण का श्रेय किसे दिया जाता है?
Ans: ए.सी.एल. कार्लाइल को।
Q: राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत कितने भागों में बाँटे जाते हैं?
Ans: तीन भागों में।
Q: राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत कौन-कौन से हैं?
Ans: पुरातात्विक, पुरालेखागारिय और साहित्यिक स्रोत।
Q: पुरातात्विक स्रोतों में मुख्यतः क्या शामिल हैं?
Ans: शिलालेख, ताम्रपत्र और सिक्के।
Q: पुरातात्विक स्रोतों से मुख्यतः किस प्रकार की जानकारी मिलती है?
Ans: शासन, धर्म, समाज और राजाओं की जानकारी।
Q: पुरालेखागारिय स्रोत क्या होते हैं?
Ans: प्रशासनिक एवं राजकीय दस्तावेज।
Q: हकीकत बही में किस प्रकार की जानकारी मिलती है?
Ans: दैनिक घटनाओं का लेखा-जोखा।
Q: हुकुमनामा क्या होता है?
Ans: राजा द्वारा जारी किया गया आदेश।
Q: कमान बही किससे संबंधित है?
Ans: प्रशासनिक आदेशों से।
Q: खरीता बही में किस प्रकार की जानकारी मिलती है?
Ans: राजकीय पत्र-व्यवहार की।
Q: साहित्यिक स्रोतों में मुख्यतः कौन-कौन से साहित्य शामिल हैं?
Ans: राजस्थानी-हिन्दी, संस्कृत और फारसी साहित्य।
Q: रायसिंह प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: बीकानेर में।
Q: रायसिंह प्रशस्ति का समय क्या है?
Ans: 1594 ई.।
Q: रायसिंह प्रशस्ति के प्रशस्तिकार कौन थे?
Ans: जैन मुनि जैता।
Q: रायसिंह प्रशस्ति में किन शासकों का वर्णन मिलता है?
Ans: राव बीका से राव रायसिंह तक के शासकों का।
Q: बीकानेर दुर्ग का निर्माण कब हुआ?
Ans: 1589 से 1594 ई. के बीच।
Q: बीकानेर दुर्ग का निर्माण किसने करवाया?
Ans: राव रायसिंह ने।
Q: राव रायसिंह ने बीकानेर दुर्ग का निर्माण किस मंत्री से करवाया?
Ans: मंत्री कर्णचंद से।
Q: मंडोर अभिलेख कब का है?
Ans: 685 ई. का।
Q: मंडोर अभिलेख कहाँ स्थित है?
Ans: जोधपुर के मंडोर में।
Q: मंडोर अभिलेख किसकी प्रशस्ति है?
Ans: गुर्जर नरेश बाडुक की।
Q: मंडोर अभिलेख में किस वंश की वंशावली मिलती है?
Ans: गुर्जर प्रतिहार वंश की।
Q: मंडोर अभिलेख से किन धार्मिक परंपराओं की जानकारी मिलती है?
Ans: विष्णु और शिव पूजा की।
Q: सचिया माता मंदिर प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1179 ई. की।
Q: सचिया माता मंदिर प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: ओसियां, जोधपुर में।
Q: सचिया माता मंदिर प्रशस्ति में किन शासकों का उल्लेख मिलता है?
Ans: कल्हण के महाराज और कीर्तिपाल का।
Q: सचिया माता प्रशस्ति में किसकी विजय का वर्णन मिलता है?
Ans: धारावर्ष की विजय का।
Q: बिजोलिया शिलालेख कब का है?
Ans: 1170 ई. का।
Q: बिजोलिया शिलालेख कहाँ स्थित है?
Ans: भीलवाड़ा के बिजोलिया में।
Q: बिजोलिया शिलालेख किस मंदिर परिसर में स्थित है?
Ans: पार्श्वनाथ मंदिर परिसर में।
Q: बिजोलिया शिलालेख किस वंश से संबंधित है?
Ans: चौहान वंश से।
Q: बिजोलिया शिलालेख के लेखक कौन थे?
Ans: वत्सभट्ट केशव।
Q: बिजोलिया शिलालेख के रचयिता कौन थे?
Ans: गुणभद्र।
Q: बिजोलिया शिलालेख में किस वंश की वंशावली मिलती है?
Ans: चौहान वंश की।
Q: बिजोलिया शिलालेख के अनुसार चौहान वंश के संस्थापक कौन थे?
Ans: वासुदेव चौहान।
Q: बिजोलिया शिलालेख के अनुसार वासुदेव चौहान ने कहाँ राज्य स्थापित किया?
Ans: शाकम्भरी में।
Q: बिजोलिया शिलालेख के अनुसार वासुदेव चौहान ने शाकम्भरी में राज्य कब स्थापित किया?
Ans: 551 ई. में।
Q: बिजोलिया शिलालेख में किस झील के निर्माण का उल्लेख है?
Ans: सांभर झील का।
Q: बिजोलिया शिलालेख में अहिच्छत्रपुर को किस रूप में बताया गया है?
Ans: राजधानी के रूप में।
Q: अहिच्छत्रपुर का संबंध वर्तमान किस स्थान से माना जाता है?
Ans: नागौर से।
Q: ‘राजस्थान के इतिहास के जनक’ किसे कहा जाता है?
Ans: कर्नल जेम्स टॉड।
Q: ‘घोड़े वाले बाबा’ किसे कहा जाता है?
Ans: कर्नल जेम्स टॉड।
Q: ‘Annals and Antiquities of Rajasthan’ के लेखक कौन हैं?
Ans: कर्नल जेम्स टॉड।
Q: ‘Annals and Antiquities of Rajasthan’ का प्रकाशन कब हुआ?
Ans: 1829 ई.।
Q: टॉड की दूसरी प्रसिद्ध पुस्तक कौन-सी है?
Ans: Travels in Western India।
Q: राजस्थान में पुरातात्विक सर्वेक्षण किसने और कब किया?
Ans: ए.सी.एल. कार्लाइल ने 1871 ई. में।
Q: रायसिंह प्रशस्ति कहाँ और कब की है?
Ans: बीकानेर, 1594 ई.।
Q: रायसिंह प्रशस्ति के प्रशस्तिकार कौन थे?
Ans: जैन मुनि जैता।
Q: मंडोर अभिलेख कब का है और किस वंश से संबंधित है?
Ans: 685 ई. का, गुर्जर प्रतिहार वंश से संबंधित।
Q: मंडोर अभिलेख किसकी प्रशस्ति है?
Ans: गुर्जर नरेश बाडुक की।
Q: सचिया माता मंदिर प्रशस्ति कब की है और कहाँ स्थित है?
Ans: 1179 ई. की, ओसियां में।
Q: बिजोलिया शिलालेख कब का है और किस वंश से संबंधित है?
Ans: 1170 ई. का, चौहान वंश से संबंधित।
Q: बिजोलिया शिलालेख के लेखक कौन थे?
Ans: वत्सभट्ट केशव।
Q: बिजोलिया शिलालेख के रचयिता कौन थे?
Ans: गुणभद्र।
Q: बिजोलिया शिलालेख में चौहान वंश के संस्थापक कौन थे?
Ans: वासुदेव चौहान।
Q: वासुदेव चौहान ने राज्य कहाँ स्थापित किया?
Ans: शाकम्भरी में।
Q: चौहानों की राजधानी का उल्लेख किस नाम से मिलता है?
Ans: अहिच्छत्रपुर (नागौर)।
Q: राजस्थान के प्रशासनिक दस्तावेजों में दैनिक घटनाओं का विवरण किसमें मिलता है?
Ans: हकीकत बही।
Q: राजा के आदेशों का दस्तावेज क्या कहलाता है?
Ans: हुकुमनामा।
Q: राजकीय पत्र-व्यवहार का दस्तावेज क्या कहलाता है?
Ans: खरीता बही।
Q: राजस्थान के इतिहास में वंशावली की जानकारी का प्रमुख अभिलेखीय स्रोत क्या है?
Ans: शिलालेख एवं प्रशस्तियाँ।
राजस्थान के ऐतिहासिक स्रोत एवं प्रमुख शिलालेख
100 QuestionsQ: राजस्थान के इतिहास को जानने के सबसे विश्वसनीय स्रोत कौन-से माने जाते हैं?
Ans: पुरातात्विक स्रोत।
Q: राजस्थान के प्रमुख पुरातात्विक स्रोत कौन-कौन से हैं?
Ans: शिलालेख, ताम्रपत्र, सिक्के और स्मारक।
Q: शिलालेखों से मुख्यतः किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: राजवंश, प्रशासन, धर्म और ऐतिहासिक घटनाओं की।
Q: ताम्रपत्रों से मुख्यतः किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: भूमि दान और राजकीय आदेशों की।
Q: प्राचीन सिक्कों से मुख्यतः किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: तत्कालीन आर्थिक और राजनीतिक स्थिति की।
Q: रायसिंह प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: बीकानेर में।
Q: रायसिंह प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1594 ई. की।
Q: रायसिंह प्रशस्ति के प्रशस्तिकार कौन थे?
Ans: जैन मुनि जैता।
Q: रायसिंह प्रशस्ति में किन शासकों का वर्णन है?
Ans: राव बीका से राव रायसिंह तक।
Q: रायसिंह प्रशस्ति से किस दुर्ग के निर्माण की जानकारी मिलती है?
Ans: जूनागढ़ दुर्ग की।
Q: जूनागढ़ दुर्ग का निर्माण किस शासक ने करवाया?
Ans: राव रायसिंह ने।
Q: जूनागढ़ दुर्ग का निर्माण कब प्रारंभ हुआ?
Ans: 30 जनवरी 1589 ई. को।
Q: जूनागढ़ दुर्ग का निर्माण कब पूरा हुआ?
Ans: 1594 ई. में।
Q: जूनागढ़ दुर्ग का निर्माण किसकी देखरेख में हुआ?
Ans: मंत्री करमचंद की।
Q: मंडोर अभिलेख कहाँ स्थित है?
Ans: जोधपुर में।
Q: मंडोर अभिलेख कब का है?
Ans: 685 ई. का।
Q: मंडोर अभिलेख किस वंश से संबंधित है?
Ans: गुर्जर-प्रतिहार वंश से।
Q: मंडोर अभिलेख से किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: प्रतिहारों की वंशावली और प्रशासन की।
Q: घटियाला अभिलेख कब का है?
Ans: 861 ई. का।
Q: घटियाला अभिलेख किस वंश से संबंधित है?
Ans: गुर्जर-प्रतिहार वंश से।
Q: घटियाला अभिलेख किस शासक से संबंधित है?
Ans: कक्कुक से।
Q: घटियाला अभिलेख किस भाषा में लिखा गया है?
Ans: संस्कृत में।
Q: घटियाला अभिलेख को किसने उत्कीर्ण किया था?
Ans: स्वर्णकार कृष्णेश्वर ने।
Q: घटियाला अभिलेख में किस प्रतिहार शासक के पुत्रों का उल्लेख है?
Ans: हरिश्चंद्र के।
Q: घटियाला अभिलेख में हरिश्चंद्र के किन चार पुत्रों का उल्लेख है?
Ans: भोगभट, कक्कुक, रज्जिल और दह।
Q: बिजोलिया शिलालेख कहाँ स्थित है?
Ans: भीलवाड़ा में।
Q: बिजोलिया शिलालेख कब का है?
Ans: 1170 ई. का।
Q: बिजोलिया शिलालेख किस मंदिर परिसर में स्थित है?
Ans: पार्श्वनाथ मंदिर परिसर में।
Q: बिजोलिया शिलालेख किस वंश से संबंधित है?
Ans: चौहान वंश से।
Q: बिजोलिया शिलालेख की स्थापना किसने करवाई?
Ans: जैन श्रावक लोलक ने।
Q: बिजोलिया शिलालेख के लेखक कौन थे?
Ans: केशव।
Q: बिजोलिया शिलालेख के रचयिता कौन थे?
Ans: गुणभद्र।
Q: चौहानों को 'वत्सगोत्रीय ब्राह्मण' किस शिलालेख में बताया गया है?
Ans: बिजोलिया शिलालेख में।
Q: चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण बताए जाने का उल्लेख किस इतिहासकार ने किया?
Ans: डॉ. दशरथ शर्मा ने।
Q: बिजोलिया शिलालेख के अनुसार चौहान वंश का मूल पुरुष कौन था?
Ans: वासुदेव चौहान।
Q: वासुदेव चौहान ने कहाँ राज्य स्थापित किया था?
Ans: शाकम्भरी (सांभर) में।
Q: बिजोलिया शिलालेख में अहिछत्रपुर किस वर्तमान नगर के लिए प्रयुक्त हुआ है?
Ans: नागौर।
Q: बिजोलिया शिलालेख में जाबालिपुर किस वर्तमान नगर का नाम है?
Ans: जालौर।
Q: बिजोलिया शिलालेख में शाकम्भरी किस वर्तमान स्थान का नाम है?
Ans: सांभर।
Q: बिजोलिया शिलालेख में श्रीमाल किस वर्तमान स्थान का नाम है?
Ans: भीनमाल।
Q: बसंतगढ़ अभिलेख कहाँ से प्राप्त हुआ है?
Ans: सिरोही से।
Q: बसंतगढ़ अभिलेख कब का है?
Ans: 625 ई. का।
Q: बसंतगढ़ अभिलेख किस शासक के समय का है?
Ans: वर्मलात के समय का।
Q: वर्मलात किस वंश का शासक था?
Ans: चावड़ा वंश का।
Q: 'राजस्थान' शब्द के प्राचीन प्रयोग का उल्लेख किस अभिलेख में मिलता है?
Ans: बसंतगढ़ अभिलेख में।
Q: बसंतगढ़ अभिलेख में राजस्थान से संबंधित कौन-सा शब्द मिलता है?
Ans: 'राजस्थानियादित्य'।
Q: घोसुंडी शिलालेख कहाँ से प्राप्त हुआ है?
Ans: चित्तौड़गढ़ से।
Q: घोसुंडी शिलालेख किस काल का है?
Ans: द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व का।
Q: घोसुंडी शिलालेख किस भाषा में है?
Ans: संस्कृत भाषा में।
Q: घोसुंडी शिलालेख किस लिपि में लिखा गया है?
Ans: ब्राह्मी लिपि में।
Q: राजस्थान में वैष्णव/भागवत धर्म का प्राचीनतम अभिलेखीय प्रमाण कहाँ से मिलता है?
Ans: घोसुंडी शिलालेख से।
Q: घोसुंडी शिलालेख में किस यज्ञ का उल्लेख मिलता है?
Ans: अश्वमेध यज्ञ का।
Q: घोसुंडी शिलालेख में किस धार्मिक निर्माण का उल्लेख है?
Ans: विष्णु मंदिर की चारदीवारी का।
Q: भाब्रू शिलालेख कहाँ से प्राप्त हुआ है?
Ans: बैराठ (जयपुर) से।
Q: भाब्रू शिलालेख किस शासक से संबंधित है?
Ans: सम्राट अशोक से।
Q: भाब्रू शिलालेख किस धर्म से संबंधित है?
Ans: बौद्ध धर्म से।
Q: अशोक के बौद्ध धर्म के प्रति विश्वास का महत्वपूर्ण प्रमाण कौन-सा शिलालेख है?
Ans: भाब्रू शिलालेख।
Q: भाब्रू शिलालेख में किन तीन बौद्ध तत्वों का उल्लेख है?
Ans: बुद्ध, धम्म और संघ।
Q: राज प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: राजसमंद झील की नौचौकी पाल पर।
Q: राज प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1676 ई. की।
Q: राज प्रशस्ति किस भाषा में लिखी गई है?
Ans: संस्कृत में।
Q: राज प्रशस्ति किस शासक से संबंधित है?
Ans: महाराणा राजसिंह से।
Q: राज प्रशस्ति कितने पत्थरों पर उत्कीर्ण है?
Ans: 25 काले संगमरमर के पत्थरों पर।
Q: भारत के विशालतम संस्कृत शिलालेखों में प्रमुख कौन-सा है?
Ans: राज प्रशस्ति।
Q: राज प्रशस्ति से किस वंश की वंशावली की जानकारी मिलती है?
Ans: गुहिल वंश की।
Q: राज प्रशस्ति में किस महाराणा की उपलब्धियों का वर्णन है?
Ans: महाराणा राजसिंह की।
Q: राज प्रशस्ति में किन लोककल्याणकारी कार्यों का उल्लेख है?
Ans: अकाल राहत कार्यों का।
Q: कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: चित्तौड़गढ़ में।
Q: कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1460 ई. की।
Q: कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति किस शासक से संबंधित है?
Ans: महाराणा कुम्भा से।
Q: कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति में महाराणा कुम्भा की किन विजयों का वर्णन है?
Ans: मालवा और गुजरात की विजयों का।
Q: कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति में किस स्तम्भ के निर्माण का उल्लेख मिलता है?
Ans: विजय स्तम्भ का।
Q: कुम्भलगढ़ शिलालेख कहाँ स्थित है?
Ans: राजसमंद में।
Q: कुम्भलगढ़ शिलालेख कब का है?
Ans: 1460 ई. का।
Q: कुम्भलगढ़ शिलालेख में बापा रावल को किस वंश का बताया गया है?
Ans: विप्रवंशीय।
Q: कुम्भलगढ़ शिलालेख में किस महाराणा की विजयों का वर्णन है?
Ans: महाराणा हम्मीर की।
Q: 'विषम घाटी पंचानन' की उपाधि किससे संबंधित है?
Ans: महाराणा हम्मीर से।
Q: रणकपुर प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: चौमुखा जैन मंदिर, रणकपुर (पाली) में।
Q: रणकपुर प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1439 ई. की।
Q: रणकपुर प्रशस्ति में किस राजवंश का विवरण मिलता है?
Ans: मेवाड़ के राजवंश का।
Q: किस प्रशस्ति में बापा रावल और कालभोज को अलग-अलग व्यक्ति बताया गया है?
Ans: रणकपुर प्रशस्ति में।
Q: जगन्नाथराय प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: उदयपुर में।
Q: जगन्नाथराय प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1652 ई. की।
Q: हल्दीघाटी युद्ध का उल्लेख किस प्रशस्ति में मिलता है?
Ans: जगन्नाथराय प्रशस्ति में।
Q: जगन्नाथराय प्रशस्ति में किस शासक के संघर्षों का वर्णन है?
Ans: महाराणा प्रताप के।
Q: राजस्थान में वैष्णव धर्म का प्राचीनतम अभिलेखीय प्रमाण कौन-सा है?
Ans: घोसुंडी शिलालेख।
Q: अशोक का राजस्थान से प्राप्त प्रसिद्ध शिलालेख कौन-सा है?
Ans: भाब्रू शिलालेख।
Q: भाब्रू शिलालेख कहाँ मिला?
Ans: बैराठ (जयपुर)।
Q: चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण किस शिलालेख में बताया गया?
Ans: बिजोलिया शिलालेख में।
Q: चौहान वंश का मूल पुरुष किसे बताया गया है?
Ans: वासुदेव चौहान।
Q: राज प्रशस्ति किस झील पर उत्कीर्ण है?
Ans: राजसमंद झील।
Q: राज प्रशस्ति कितनी शिलाओं पर अंकित है?
Ans: 25।
Q: राज प्रशस्ति किस महाराणा से संबंधित है?
Ans: महाराणा राजसिंह।
Q: घोसुंडी शिलालेख की लिपि क्या है?
Ans: ब्राह्मी।
Q: घोसुंडी शिलालेख की भाषा क्या है?
Ans: संस्कृत।
Q: घटियाला अभिलेख किस शासक से संबंधित है?
Ans: कक्कुक।
Q: रायसिंह प्रशस्ति के प्रशस्तिकार कौन थे?
Ans: जैन मुनि जैता।
Q: हल्दीघाटी युद्ध का उल्लेख किस प्रशस्ति में मिलता है?
Ans: जगन्नाथराय प्रशस्ति।
Q: बापा रावल को 'विप्रवंशीय' किस शिलालेख में बताया गया है?
Ans: कुम्भलगढ़ शिलालेख।
Q: बापा रावल और कालभोज को अलग-अलग व्यक्ति किस प्रशस्ति में बताया गया है?
Ans: रणकपुर प्रशस्ति।
राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
112 QuestionsQ: इतिहास के स्रोत किसे कहा जाता है?
Ans: वे साधन या साक्ष्य जिनसे अतीत की घटनाओं का पुनर्निर्माण किया जाता है।
Q: राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत कितने प्रकार के हैं?
Ans: तीन प्रकार के—पुरातात्विक, पुरालेखीय और साहित्यिक।
Q: राजस्थान के इतिहास का सबसे प्रामाणिक स्रोत कौन-सा माना जाता है?
Ans: पुरातात्विक स्रोत।
Q: पुरातात्विक स्रोतों में प्रमुख रूप से क्या शामिल हैं?
Ans: शिलालेख, प्रशस्तियाँ, ताम्रपत्र, सिक्के, स्मारक और मूर्तियाँ।
Q: शिलालेखों के अध्ययन को क्या कहा जाता है?
Ans: अभिलेखशास्त्र (Epigraphy)।
Q: सिक्कों के अध्ययन को क्या कहा जाता है?
Ans: मुद्राशास्त्र (Numismatics)।
Q: ताम्रपत्रों से मुख्यतः किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: भूमि दान, कर-व्यवस्था और राजकीय आदेशों की।
Q: पुरालेखीय स्रोतों में प्रमुख रूप से क्या शामिल हैं?
Ans: बहियाँ, फरमान, निशान, रुक्के और पट्टे।
Q: राजस्थान के इतिहास के साहित्यिक स्रोतों में क्या शामिल हैं?
Ans: राजस्थानी, हिन्दी, संस्कृत, फारसी साहित्य और विदेशी यात्रियों के वृत्तांत।
Q: राजस्थान के इतिहास का जनक किसे कहा जाता है?
Ans: कर्नल जेम्स टॉड।
Q: कर्नल जेम्स टॉड को किस उपनाम से जाना जाता है?
Ans: घोड़े वाले बाबा।
Q: कर्नल जेम्स टॉड मेवाड़ के पॉलिटिकल एजेंट कब रहे?
Ans: 1818 से 1821 ई. तक।
Q: कर्नल जेम्स टॉड की प्रसिद्ध पुस्तक कौन-सी है?
Ans: Annals and Antiquities of Rajasthan।
Q: Annals and Antiquities of Rajasthan कब प्रकाशित हुई?
Ans: 1829 ई. में।
Q: Annals and Antiquities of Rajasthan कहाँ से प्रकाशित हुई?
Ans: लंदन से।
Q: कर्नल जेम्स टॉड की अन्य प्रसिद्ध पुस्तक कौन-सी है?
Ans: Travels in Western India।
Q: कर्नल जेम्स टॉड को राजस्थान के इतिहास का पितामह किस रूप में माना जाता है?
Ans: राजस्थान के इतिहास के जनक/पितामह के रूप में।
Q: बिजोलिया शिलालेख कहाँ स्थित है?
Ans: भीलवाड़ा के बिजोलिया में।
Q: बिजोलिया शिलालेख कब का है?
Ans: 1170 ई. का।
Q: बिजोलिया शिलालेख किस वंश से संबंधित है?
Ans: चौहान वंश से।
Q: बिजोलिया शिलालेख में चौहानों को किस गोत्र का ब्राह्मण बताया गया है?
Ans: वत्स गोत्रीय ब्राह्मण।
Q: बिजोलिया शिलालेख के मूल पुरुष कौन माने गए हैं?
Ans: वासुदेव चौहान।
Q: बिजोलिया शिलालेख में वासुदेव चौहान ने कहाँ राज्य स्थापित किया बताया गया है?
Ans: शाकम्भरी (सांभर) में।
Q: बिजोलिया शिलालेख में अहिछत्रपुर किसे कहा गया है?
Ans: नागौर को।
Q: बिजोलिया शिलालेख में जाबालिपुर किस वर्तमान स्थान का नाम है?
Ans: जालौर।
Q: बिजोलिया शिलालेख में श्रीमाल किस वर्तमान स्थान का नाम है?
Ans: भीनमाल।
Q: घटियाला अभिलेख कब का है?
Ans: 861 ई. का।
Q: घटियाला अभिलेख कहाँ स्थित है?
Ans: जोधपुर में।
Q: घटियाला अभिलेख किस वंश से संबंधित है?
Ans: गुर्जर-प्रतिहार वंश से।
Q: घटियाला अभिलेख किस शासक से संबंधित है?
Ans: प्रतिहार राजा कक्कुक से।
Q: घटियाला अभिलेख किस भाषा में रचित है?
Ans: संस्कृत में।
Q: घटियाला अभिलेख में किसके चार पुत्रों का उल्लेख मिलता है?
Ans: राजा हरिश्चंद्र के।
Q: हरिश्चंद्र के चार पुत्र कौन-कौन थे?
Ans: भोगभट, कक्कुक, रज्जिल और दह।
Q: मंडोर अभिलेख कब का है?
Ans: 685 ई. का।
Q: मंडोर अभिलेख किस वंश से संबंधित है?
Ans: गुर्जर-प्रतिहार वंश से।
Q: मंडोर अभिलेख किसकी प्रशस्ति है?
Ans: गुर्जर नरेश बाडुक की।
Q: मंडोर अभिलेख से मुख्यतः किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: गुर्जर-प्रतिहारों की वंशावली की।
Q: बसंतगढ़ अभिलेख कहाँ से प्राप्त हुआ है?
Ans: सिरोही से।
Q: बसंतगढ़ अभिलेख कब का है?
Ans: 625 ई. का।
Q: बसंतगढ़ अभिलेख किस वंश से संबंधित है?
Ans: चावड़ा वंश से।
Q: बसंतगढ़ अभिलेख किस शासक के समय का है?
Ans: वर्मलात के समय का।
Q: 'राजस्थान' शब्द का प्राचीनतम प्रयोग किस अभिलेख में मिलता है?
Ans: बसंतगढ़ अभिलेख में।
Q: बसंतगढ़ अभिलेख में 'राजस्थान' शब्द किस रूप में मिलता है?
Ans: 'राजस्थानियादित्य' के रूप में।
Q: घोसुंडी शिलालेख कहाँ से प्राप्त हुआ है?
Ans: चित्तौड़गढ़ से।
Q: घोसुंडी शिलालेख किस काल का है?
Ans: द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व का।
Q: घोसुंडी शिलालेख किस लिपि में लिखा गया है?
Ans: ब्राह्मी लिपि में।
Q: घोसुंडी शिलालेख किस भाषा में है?
Ans: संस्कृत भाषा में।
Q: राजस्थान में वैष्णव/भागवत धर्म का प्राचीनतम प्रमाण किस शिलालेख से मिलता है?
Ans: घोसुंडी शिलालेख से।
Q: घोसुंडी शिलालेख में किस यज्ञ का उल्लेख है?
Ans: अश्वमेध यज्ञ का।
Q: घोसुंडी शिलालेख में किस मंदिर का उल्लेख मिलता है?
Ans: विष्णु मंदिर का।
Q: भाब्रू शिलालेख कहाँ से प्राप्त हुआ है?
Ans: बैराठ (जयपुर) से।
Q: भाब्रू शिलालेख किस शासक से संबंधित है?
Ans: सम्राट अशोक से।
Q: भाब्रू शिलालेख किस धर्म से संबंधित है?
Ans: बौद्ध धर्म से।
Q: भाब्रू शिलालेख में किन तीन बौद्ध तत्वों का उल्लेख मिलता है?
Ans: बुद्ध, धम्म और संघ।
Q: अशोक के बौद्ध धर्म के प्रति झुकाव का महत्वपूर्ण प्रमाण कौन-सा शिलालेख है?
Ans: भाब्रू शिलालेख।
Q: राज प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: राजसमंद झील की नौचौकी पाल पर।
Q: राज प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1676 ई. की।
Q: राज प्रशस्ति किस भाषा में लिखी गई है?
Ans: संस्कृत में।
Q: राज प्रशस्ति के रचयिता कौन थे?
Ans: रणछोड़ भट्ट तैलंग।
Q: राज प्रशस्ति कितने काले संगमरमर के पत्थरों पर उत्कीर्ण है?
Ans: 25 पत्थरों पर।
Q: भारत की सबसे बड़ी संस्कृत प्रशस्ति कौन-सी मानी जाती है?
Ans: राज प्रशस्ति।
Q: राज प्रशस्ति किस शासक से संबंधित है?
Ans: महाराणा राजसिंह से।
Q: राज प्रशस्ति में किस वंश की वंशावली मिलती है?
Ans: गुहिल वंश की।
Q: राज प्रशस्ति में किस महत्वपूर्ण कार्य का उल्लेख मिलता है?
Ans: अकाल राहत कार्यों का।
Q: कुम्भलगढ़ प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1460 ई. की।
Q: कुम्भलगढ़ प्रशस्ति किस शासक से संबंधित है?
Ans: महाराणा कुम्भा से।
Q: कुम्भलगढ़ प्रशस्ति में किसकी विजयों का वर्णन मिलता है?
Ans: महाराणा कुम्भा की।
Q: कुम्भलगढ़ प्रशस्ति में बापा रावल को किस रूप में बताया गया है?
Ans: विप्रवंशीय।
Q: 'विषम घाटी पंचानन' किसकी उपाधि थी?
Ans: महाराणा हम्मीर की।
Q: कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: चित्तौड़गढ़ में।
Q: कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति किस शासक से संबंधित है?
Ans: महाराणा कुम्भा से।
Q: कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति में किसकी विजयों का वर्णन है?
Ans: मालवा और गुजरात की विजयों का।
Q: रणकपुर प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: रणकपुर के चौमुखा जैन मंदिर में।
Q: रणकपुर प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1439 ई. की।
Q: रणकपुर प्रशस्ति से किस राजवंश की जानकारी मिलती है?
Ans: मेवाड़ के राजवंश की।
Q: बापा रावल और कालभोज को अलग-अलग व्यक्ति किस प्रशस्ति में बताया गया है?
Ans: रणकपुर प्रशस्ति में।
Q: जगन्नाथराय प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: उदयपुर में।
Q: जगन्नाथराय प्रशस्ति कब की है?
Ans: 1652 ई. की।
Q: हल्दीघाटी युद्ध का उल्लेख किस प्रशस्ति में मिलता है?
Ans: जगन्नाथराय प्रशस्ति में।
Q: चिरवा शिलालेख कब का है?
Ans: 1273 ई. का।
Q: चिरवा शिलालेख कहाँ से प्राप्त हुआ है?
Ans: उदयपुर के चिरवा गाँव से।
Q: चिरवा शिलालेख से किस वंश के इतिहास की जानकारी मिलती है?
Ans: गुहिल वंश की।
Q: चिरवा शिलालेख से किस सामाजिक प्रथा की जानकारी मिलती है?
Ans: सती प्रथा की।
Q: सिक्कों के अध्ययन को क्या कहा जाता है?
Ans: मुद्राशास्त्र (Numismatics)।
Q: प्राचीन राजस्थान में किस प्रकार के सिक्के प्रचलित थे?
Ans: आहत या पंच-मार्क सिक्के।
Q: मेवाड़ के प्रमुख रियासती सिक्के कौन-से थे?
Ans: स्वरूपशाही, चांदोड़ी और चित्तौड़ी।
Q: मारवाड़ के प्रमुख रियासती सिक्के कौन-से थे?
Ans: विजयशाही और लल्लूलिया।
Q: जयपुर रियासत का प्रमुख सिक्का कौन-सा था?
Ans: झाड़शाही।
Q: झाड़शाही सिक्के किस रियासत से संबंधित थे?
Ans: जयपुर रियासत से।
Q: झाड़शाही सिक्कों पर किसका चित्र अंकित होता था?
Ans: 6 टहनियों वाले झाड़ का।
Q: जैसलमेर रियासत का प्रमुख सिक्का कौन-सा था?
Ans: अखेशाही।
Q: राजस्थान राज्य अभिलेखागार कहाँ स्थित है?
Ans: बीकानेर में।
Q: हकीकत बही में किसका विवरण मिलता है?
Ans: राजा की दिनचर्या और दैनिक घटनाओं का।
Q: कमठाणा बही किससे संबंधित है?
Ans: भवन एवं किला निर्माण के खर्च से।
Q: फरमान क्या होता है?
Ans: मुगल सम्राट द्वारा जारी शाही आदेश।
Q: मंसूर और निशान किससे संबंधित हैं?
Ans: मुगल राजकुमारों या बेगमों द्वारा जारी आदेश/पत्रों से।
Q: रुक्का क्या होता है?
Ans: एक अधिकारी द्वारा दूसरे अधिकारी को लिखा गया पत्र।
Q: राजस्थान के इतिहास के जनक किसे कहा जाता है?
Ans: कर्नल जेम्स टॉड।
Q: राजस्थान का पुरातात्विक सर्वेक्षण किसने और कब किया?
Ans: ए.सी.एल. कार्लाइल ने 1871 ई. में।
Q: राजस्थान शब्द का प्राचीनतम प्रयोग किस अभिलेख में मिलता है?
Ans: बसंतगढ़ अभिलेख।
Q: राजस्थान में वैष्णव धर्म का प्राचीनतम अभिलेखीय प्रमाण कौन-सा है?
Ans: घोसुंडी शिलालेख।
Q: अशोक का प्रसिद्ध राजस्थान शिलालेख कौन-सा है?
Ans: भाब्रू शिलालेख।
Q: चौहान वंश की जानकारी का प्रमुख स्रोत कौन-सा है?
Ans: बिजोलिया शिलालेख।
Q: चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण बताने वाला शिलालेख कौन-सा है?
Ans: बिजोलिया शिलालेख।
Q: गुर्जर-प्रतिहार वंश की जानकारी के प्रमुख अभिलेख कौन-से हैं?
Ans: मंडोर और घटियाला अभिलेख।
Q: भारत की सबसे बड़ी संस्कृत प्रशस्ति कौन-सी मानी जाती है?
Ans: राज प्रशस्ति।
Q: राज प्रशस्ति के रचयिता कौन थे?
Ans: रणछोड़ भट्ट तैलंग।
Q: राज प्रशस्ति के पत्थरों की संख्या कितनी है?
Ans: 25 काले संगमरमर के पत्थर।
Q: झाड़शाही सिक्के किस रियासत से संबंधित थे?
Ans: जयपुर रियासत।
Q: 'राजपूताने का अबुल फजल' किसे कहा जाता है?
Ans: मुहणौत नैणसी।
Q: 'घोड़े वाले बाबा' किसे कहा जाता है?
Ans: कर्नल जेम्स टॉड।
Q: सिक्कों के अध्ययन को क्या कहा जाता है?
Ans: मुद्राशास्त्र (Numismatics)।
राजस्थान का इतिहास
83 QuestionsQ: राजस्थान का इतिहास किन प्रमुख स्रोतों से जाना जाता है?
Ans: पुरातात्त्विक, शिलालेखीय, साहित्यिक और विदेशी यात्रियों के विवरणों से।
Q: कालीबंगा किस जिले में स्थित है?
Ans: हनुमानगढ़ जिले में।
Q: कालीबंगा किस सभ्यता का प्रमुख स्थल है?
Ans: सिंधु घाटी सभ्यता का।
Q: कालीबंगा की प्रमुख खोज क्या है?
Ans: जुते हुए खेत और अग्निवेदिकाएँ।
Q: आहड़ किस प्रकार की संस्कृति का प्रमुख केंद्र था?
Ans: ताम्र-पाषाण संस्कृति का।
Q: गिलूंड किस प्रकार की संस्कृति से संबंधित है?
Ans: ताम्र-पाषाण संस्कृति से।
Q: बागोर किस नदी के किनारे स्थित है?
Ans: कोठारी नदी के किनारे।
Q: बागोर किस काल का प्रमुख पुरातात्विक स्थल है?
Ans: मध्य-पाषाण काल का।
Q: बागोर से किसका प्राचीनतम प्रमाण प्राप्त हुआ है?
Ans: पशुपालन का।
Q: राजस्थान के इतिहास का पितामह किसे कहा जाता है?
Ans: कर्नल जेम्स टॉड।
Q: कर्नल जेम्स टॉड की प्रसिद्ध पुस्तक कौन-सी है?
Ans: Annals and Antiquities of Rajasthan।
Q: Annals and Antiquities of Rajasthan कब प्रकाशित हुई?
Ans: 1829 ई. में।
Q: राजस्थान का प्राचीन नाम क्या था?
Ans: राजपूताना।
Q: प्राचीन राजस्थान में प्रमुख जनपद कौन-कौन से थे?
Ans: मत्स्य, शूरसेन, मालव और शिवि।
Q: मत्स्य जनपद की राजधानी क्या थी?
Ans: विराटनगर (बैराठ)।
Q: विराटनगर का आधुनिक नाम क्या है?
Ans: बैराठ।
Q: बैराठ किस जिले में स्थित है?
Ans: जयपुर जिले में।
Q: पांडवों ने अज्ञातवास कहाँ बिताया था?
Ans: मत्स्य जनपद में।
Q: शूरसेन जनपद में राजस्थान के किन क्षेत्रों का भाग शामिल था?
Ans: अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली का क्षेत्र।
Q: बैराठ से किस मौर्य शासक का शिलालेख प्राप्त हुआ है?
Ans: सम्राट अशोक का।
Q: बैराठ के अशोक शिलालेख को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: भाब्रू शिलालेख।
Q: भाब्रू शिलालेख किस धर्म से संबंधित है?
Ans: बौद्ध धर्म से।
Q: मेवाड़ पर किस प्रमुख राजवंश का शासन था?
Ans: गुहिल/सिसोदिया वंश का।
Q: मारवाड़ पर किस राजवंश का शासन था?
Ans: राठौड़ वंश का।
Q: ढूँढाड़ पर किस राजवंश का शासन था?
Ans: कछवाहा वंश का।
Q: अजमेर पर किस प्रमुख राजवंश का शासन था?
Ans: चौहान वंश का।
Q: जैसलमेर पर किस राजवंश का शासन था?
Ans: भाटी वंश का।
Q: मेवाड़ के प्रमुख शासक कौन-कौन थे?
Ans: महाराणा कुम्भा, राणा सांगा और महाराणा प्रताप।
Q: मारवाड़ के प्रमुख शासक कौन-कौन थे?
Ans: राव जोधा, राव मालदेव और राव चंद्रसेन।
Q: ढूँढाड़ के प्रमुख कछवाहा शासक कौन थे?
Ans: राजा भारमल, मिर्जा राजा जयसिंह और सवाई जयसिंह।
Q: चौहान वंश के प्रमुख शासक कौन थे?
Ans: पृथ्वीराज चौहान तृतीय और हम्मीर देव चौहान।
Q: महाराणा प्रताप किस राज्य के शासक थे?
Ans: मेवाड़ के।
Q: महाराणा प्रताप ने किस मुगल शासक के विरुद्ध संघर्ष किया?
Ans: अकबर के विरुद्ध।
Q: हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1576 ई. में।
Q: हल्दीघाटी के युद्ध में मुगल सेना का नेतृत्व किसने किया था?
Ans: मानसिंह ने।
Q: हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की ओर से प्रमुख सेनानायक कौन थे?
Ans: हकीम खान सूर।
Q: मारवाड़ के किस शासक ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की?
Ans: राव चंद्रसेन ने।
Q: किस राजपूत राज्य ने मुगलों के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित किए?
Ans: आमेर के कछवाहों ने।
Q: राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध विशाल दुर्ग कौन-सा है?
Ans: चित्तौड़गढ़ दुर्ग।
Q: चित्तौड़गढ़ दुर्ग किस जिले में स्थित है?
Ans: चित्तौड़गढ़ जिले में।
Q: चित्तौड़गढ़ दुर्ग किस घटना के लिए प्रसिद्ध है?
Ans: जौहर और राजपूत वीरता के लिए।
Q: कुंभलगढ़ दुर्ग का निर्माण किसने करवाया?
Ans: महाराणा कुम्भा ने।
Q: कुंभलगढ़ दुर्ग की दीवार की लंबाई लगभग कितनी है?
Ans: 36 किलोमीटर।
Q: कुंभलगढ़ दुर्ग को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: भारत की महान दीवार।
Q: जूनागढ़ दुर्ग कहाँ स्थित है?
Ans: बीकानेर में।
Q: जूनागढ़ दुर्ग का निर्माण किसने करवाया?
Ans: राव रायसिंह ने।
Q: जूनागढ़ दुर्ग का निर्माण कब हुआ?
Ans: 1589 से 1594 ई. के बीच।
Q: भटनेर दुर्ग कहाँ स्थित है?
Ans: हनुमानगढ़ में।
Q: भटनेर दुर्ग को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: उत्तरी सीमा का प्रहरी।
Q: तारागढ़ दुर्ग, बूंदी का निर्माण किसने करवाया?
Ans: राव बरसिंह चौहान ने।
Q: तारागढ़ दुर्ग, बूंदी का निर्माण कब हुआ?
Ans: 1356 ई. में।
Q: मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण किसने करवाया?
Ans: राव जोधा ने।
Q: मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण कब हुआ?
Ans: 1459 ई. में।
Q: मेहरानगढ़ दुर्ग किस शहर में स्थित है?
Ans: जोधपुर में।
Q: राजस्थान के कितने पहाड़ी किलों को UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है?
Ans: 6 किलों को।
Q: राजस्थान के पहाड़ी किलों को UNESCO विश्व धरोहर सूची में कब शामिल किया गया?
Ans: 2013 में।
Q: राजस्थान की प्रमुख भाषा कौन-सी है?
Ans: राजस्थानी।
Q: मारवाड़ी बोली मुख्यतः किस क्षेत्र में बोली जाती है?
Ans: पश्चिमी राजस्थान में।
Q: मेवाड़ी बोली मुख्यतः किस क्षेत्र में बोली जाती है?
Ans: उदयपुर एवं आसपास के क्षेत्र में।
Q: ढूँढाड़ी बोली मुख्यतः किस क्षेत्र में बोली जाती है?
Ans: जयपुर क्षेत्र में।
Q: मेवाती बोली मुख्यतः किस क्षेत्र में बोली जाती है?
Ans: अलवर-भरतपुर क्षेत्र में।
Q: राजस्थान के प्रसिद्ध लोकनृत्य कौन-कौन से हैं?
Ans: घूमर, कालबेलिया, चरी और तेरहताली।
Q: कालबेलिया नृत्य को UNESCO की किस सूची में शामिल किया गया है?
Ans: अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में।
Q: राजस्थान के प्रसिद्ध लोक संगीत समुदाय कौन-कौन से हैं?
Ans: मांगणियार और लंगा।
Q: राजस्थान का प्रसिद्ध पारंपरिक भोजन कौन-सा है?
Ans: दाल-बाटी-चूरमा।
Q: राजस्थान के प्रमुख त्योहार कौन-कौन से हैं?
Ans: तीज और गणगौर।
Q: प्रसिद्ध पुष्कर मेला किस प्रकार का मेला है?
Ans: पशु मेला।
Q: स्वतंत्रता से पहले राजस्थान को किस नाम से जाना जाता था?
Ans: राजपूताना।
Q: राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया कितने चरणों में पूरी हुई?
Ans: 7 चरणों में।
Q: मत्स्य संघ का गठन कब हुआ?
Ans: 18 मार्च 1948 को।
Q: मत्स्य संघ में कौन-कौन सी रियासतें शामिल थीं?
Ans: अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली।
Q: पूर्व राजस्थान का गठन कब हुआ?
Ans: 25 मार्च 1948 को।
Q: संयुक्त राजस्थान का गठन कब हुआ?
Ans: 18 अप्रैल 1948 को।
Q: संयुक्त राजस्थान में किस प्रमुख रियासत का विलय हुआ?
Ans: मेवाड़ का।
Q: वृहत् राजस्थान का गठन कब हुआ?
Ans: 30 मार्च 1949 को।
Q: राजस्थान दिवस कब मनाया जाता है?
Ans: 30 मार्च को।
Q: वृहत् राजस्थान में कौन-कौन सी प्रमुख रियासतें शामिल हुईं?
Ans: जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर और जयपुर।
Q: संयुक्त वृहत् राजस्थान का गठन कब हुआ?
Ans: 15 मई 1949 को।
Q: संयुक्त वृहत् राजस्थान में किस संघ का विलय हुआ?
Ans: मत्स्य संघ का।
Q: सिरोही का राजस्थान में विलय कब हुआ?
Ans: 26 जनवरी 1950 को।
Q: वर्तमान राजस्थान का गठन कब पूरा हुआ?
Ans: 1 नवंबर 1956 को।
Q: राजस्थान के वर्तमान स्वरूप का गठन किस घटना के बाद हुआ?
Ans: राज्य पुनर्गठन के बाद।
Q: राजस्थान के एकीकरण में प्रमुख भूमिका किसने निभाई?
Ans: सरदार वल्लभभाई पटेल ने।
राजस्थान की मुद्रा व्यवस्था एवं ताम्रपत्र
74 QuestionsQ: राजस्थान में संगठित रूप से मुद्रा जारी करने का श्रेय किस वंश को दिया जाता है?
Ans: चौहान वंश को।
Q: चौहान काल की प्रमुख ताँबे की मुद्राएँ कौन-सी थीं?
Ans: द्रम्म और विशोपक।
Q: चौहान काल का प्रमुख चाँदी का सिक्का कौन-सा था?
Ans: रूपक।
Q: चौहान काल का प्रमुख सोने का सिक्का कौन-सा था?
Ans: दीनार।
Q: चौहान कालीन सिक्कों पर मुख्यतः किस लिपि का प्रयोग मिलता है?
Ans: संस्कृत या नागरी लिपि का।
Q: मेवाड़ की प्रमुख ताँबे की मुद्राएँ कौन-सी थीं?
Ans: डिंगला, भिलाड़ी, त्रिशुलिया, भिडरिया और नाथद्वारिया।
Q: मेवाड़ की प्रमुख चाँदी की मुद्राएँ कौन-सी थीं?
Ans: द्रम्म और रूपक।
Q: नाथद्वारिया सिक्के किस क्षेत्र के धार्मिक प्रभाव से प्रचलित हुए?
Ans: नाथद्वारा मंदिर क्षेत्र के प्रभाव से।
Q: मेवाड़ के सिक्कों पर किस धार्मिक देवता का प्रभाव दिखाई देता है?
Ans: भगवान एकलिंगनाथ का।
Q: भारत के सबसे प्राचीन सिक्कों को क्या कहा जाता है?
Ans: पंचमार्क या आहत मुद्राएँ।
Q: पंचमार्क सिक्के मुख्यतः किस धातु के बने होते थे?
Ans: चाँदी के।
Q: पंचमार्क सिक्कों पर कौन-कौन से चिह्न मिलते हैं?
Ans: सूर्य, वृक्ष, पशु और ज्यामितीय आकृतियाँ।
Q: पंचमार्क सिक्कों का प्रचलन लगभग कब से कब तक माना गया है?
Ans: 600 ई.पू. से 200 ई.पू. तक।
Q: राजस्थान में पंचमार्क सिक्कों की प्राप्ति का सबसे महत्वपूर्ण स्थल कौन-सा है?
Ans: रैढ़।
Q: रैढ़ किस जिले में स्थित है?
Ans: टोंक जिले में।
Q: रैढ़ से कितने चाँदी के पंचमार्क सिक्के प्राप्त हुए हैं?
Ans: 3075 सिक्के।
Q: रैढ़ से प्राप्त सिक्कों को किस नाम से जाना जाता था?
Ans: धरण या पाण।
Q: रैढ़ को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: प्राचीन भारत का टाटानगर।
Q: रैढ़ के सिक्के किस बात के प्रमाण हैं?
Ans: प्राचीन राजस्थान की व्यापारिक समृद्धि और व्यापारिक गतिविधियों के।
Q: उणियारा किस जिले में स्थित है?
Ans: टोंक जिले में।
Q: उणियारा से किस जनपद के सिक्के प्राप्त हुए हैं?
Ans: मालव जनपद के।
Q: उणियारा में उत्खनन किसने किया था?
Ans: कार्लाइल ने।
Q: उणियारा से लगभग कितने सिक्के प्राप्त हुए?
Ans: लगभग 6000 सिक्के।
Q: रंगमहल किस जिले में स्थित है?
Ans: हनुमानगढ़ जिले में।
Q: रंगमहल से किस प्रकार के सिक्के मिले हैं?
Ans: आहत और कुषाणकालीन सिक्के।
Q: बैराठ से किस यूनानी शासक की मुद्राएँ मिली हैं?
Ans: मिनांडर की।
Q: बैराठ से मिनांडर की कितनी मुद्राएँ मिली हैं?
Ans: 16 मुद्राएँ।
Q: मिनांडर की मुद्राएँ राजस्थान के किस विदेशी संपर्क का प्रमाण हैं?
Ans: यूनानी संपर्क का।
Q: गधिया सिक्के किस काल में प्रचलित हुए?
Ans: 10वीं से 11वीं शताब्दी में।
Q: गधिया सिक्के किस शैली से संबंधित थे?
Ans: इंडो-सासानी शैली से।
Q: गधिया सिक्के किस प्रकार के विदेशी प्रभाव को दर्शाते हैं?
Ans: पश्चिमी एशिया के सांस्कृतिक एवं व्यापारिक प्रभाव को।
Q: अकबर ने राजस्थान में कैसी मुद्रा प्रणाली लागू करने का प्रयास किया?
Ans: एकीकृत मुद्रा प्रणाली।
Q: अकबर ने मेवाड़ क्षेत्र में कौन-सा सिक्का चलाया?
Ans: एलची सिक्का।
Q: एलची सिक्का कब चलाया गया?
Ans: 1567 ई. में।
Q: एलची सिक्का किस घटना के बाद चलाया गया?
Ans: चित्तौड़ विजय के बाद।
Q: अकबर ने राजस्थान में किस स्थान पर टकसाल स्थापित करने की अनुमति दी?
Ans: आमेर में।
Q: टकसाल क्या होती है?
Ans: वह स्थान जहाँ सिक्के ढाले जाते हैं।
Q: मुगलकालीन सिक्कों पर किस लिपि का प्रयोग प्रमुख था?
Ans: फारसी लिपि का।
Q: मेवाड़ की प्रमुख रियासतकालीन मुद्रा कौन-सी थी?
Ans: स्वरूपशाही।
Q: मारवाड़ की प्रमुख रियासतकालीन मुद्रा कौन-सी थी?
Ans: आलमशाही।
Q: ब्रिटिश काल का सबसे प्रसिद्ध चाँदी का सिक्का कौन-सा था?
Ans: कलदार।
Q: 1900 ई. में राजपूताना में किस सिक्के को अनिवार्य किया गया?
Ans: कलदार को।
Q: 1900 ई. में स्थानीय सिक्कों के साथ क्या किया गया?
Ans: उनके प्रचलन पर रोक लगाई गई।
Q: ब्रिटिश प्रभाव वाले सिक्कों पर किनका उल्लेख मिलता था?
Ans: ब्रिटिश सम्राटों और महारानी विक्टोरिया का।
Q: ताम्रपत्र किसे कहा जाता है?
Ans: ताँबे की पट्टिकाओं पर उत्कीर्ण लेखों को।
Q: ताम्रपत्रों का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Ans: भूमि दान, धार्मिक अनुदान, प्रशासनिक आदेश और कर संबंधी जानकारी सुरक्षित रखना।
Q: ताम्रपत्रों पर सामान्यतः किस भाषा का प्रयोग होता था?
Ans: संस्कृत और प्राकृत का।
Q: ताम्रपत्रों पर किसका अंकन होता था?
Ans: शासक की राजकीय मुहर का।
Q: राजस्थान का प्राचीन ताम्रपत्र कौन-सा माना गया है?
Ans: पुलेव का दान पत्र।
Q: पुलेव का दान पत्र कब का है?
Ans: 679 ई. का।
Q: पुलेव के दान पत्र का मुख्य विषय क्या है?
Ans: भूमि दान एवं प्रशासनिक व्यवस्था।
Q: प्रतापगढ़ ताम्रपत्र से किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: भूमि स्वामित्व, सामाजिक-धार्मिक संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था की।
Q: सांभर ताम्रपत्र किस वंश के प्रशासन से संबंधित हैं?
Ans: चौहान शासकों के प्रशासन से।
Q: सांभर ताम्रपत्रों में किस लिपि का प्रयोग मिलता है?
Ans: नागरी लिपि का।
Q: राजस्थान में संगठित मुद्रा प्रचलन का श्रेय किसे दिया जाता है?
Ans: चौहान वंश को।
Q: चौहान काल का चाँदी का सिक्का कौन-सा था?
Ans: रूपक।
Q: चौहान काल का सोने का सिक्का कौन-सा था?
Ans: दीनार।
Q: पंचमार्क सिक्कों का दूसरा नाम क्या है?
Ans: आहत मुद्राएँ।
Q: रैढ़ से कितने पंचमार्क सिक्के प्राप्त हुए हैं?
Ans: 3075।
Q: रैढ़ का उपनाम क्या है?
Ans: प्राचीन भारत का टाटानगर।
Q: उणियारा के सिक्के किस जनपद के थे?
Ans: मालव जनपद के।
Q: बैराठ से यूनानी सिक्के किस शासक के मिले हैं?
Ans: मिनांडर के।
Q: मिनांडर की कितनी मुद्राएँ बैराठ से मिली हैं?
Ans: 16।
Q: गधिया सिक्के किस शैली से संबंधित थे?
Ans: इंडो-सासानी शैली।
Q: अकबर का मेवाड़ में चलाया गया सिक्का कौन-सा था?
Ans: एलची।
Q: एलची सिक्का कब चलाया गया?
Ans: 1567 ई. में।
Q: आमेर की टकसाल किसके समय स्थापित करने की अनुमति दी गई?
Ans: अकबर के समय।
Q: ब्रिटिश काल का प्रसिद्ध चाँदी का सिक्का कौन-सा था?
Ans: कलदार।
Q: 1900 ई. में राजपूताना में कौन-सी मुद्रा अनिवार्य की गई?
Ans: कलदार।
Q: मेवाड़ की रियासती मुद्रा कौन-सी थी?
Ans: स्वरूपशाही।
Q: मारवाड़ की रियासती मुद्रा कौन-सी थी?
Ans: आलमशाही।
Q: राजस्थान का प्राचीन ताम्रपत्र कौन-सा माना गया है?
Ans: पुलेव का दान पत्र।
Q: पुलेव का दान पत्र किस वर्ष का है?
Ans: 679 ई. का।
Q: ताम्रपत्रों पर राजकीय पहचान के रूप में क्या अंकित होता था?
Ans: शासक की राजकीय मुहर।
राजस्थान के ताम्रपत्र
65 QuestionsQ: ताम्रपत्र क्या होते हैं?
Ans: तांबे की पट्टिकाओं पर उत्कीर्ण अभिलेखों को ताम्रपत्र कहते हैं।
Q: ताम्रपत्रों में मुख्य रूप से किसका उल्लेख मिलता है?
Ans: भूमि दान, कर-मुक्ति, धार्मिक दान और राजाओं की वंशावली का।
Q: ताम्रपत्रों से किन विषयों की जानकारी मिलती है?
Ans: प्रशासन, कृषि, कर-व्यवस्था, धर्म और सामाजिक व्यवस्था की।
Q: राजस्थान का प्राचीन ताम्रपत्र कौन-सा माना गया है?
Ans: धुलेव का दान पत्र।
Q: धुलेव का दान पत्र कब का है?
Ans: 679 ई. का।
Q: धुलेव के दान पत्र में भूमि किसे दान दी गई थी?
Ans: ब्राह्मण भट्टिनाग को।
Q: धुलेव दान पत्र में भूमि दान करने वाला राजा कौन था?
Ans: किष्किंधा (कल्याणपुर) का राजा भेटी।
Q: धुलेव दान पत्र में किस स्थान की भूमि दान दी गई थी?
Ans: उब्बतक नामक स्थान की।
Q: ब्रो गुर्जर ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 978 ई. का।
Q: ब्रो गुर्जर ताम्रपत्र में किस वंश के सैन्य अभियानों का उल्लेख है?
Ans: गुर्जर वंश के।
Q: ब्रो गुर्जर ताम्रपत्र के आधार पर राजपूतों की उत्पत्ति के संबंध में किसने मत दिया था?
Ans: कनिंघम ने।
Q: मथनदेव का ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 959 ई. का।
Q: मथनदेव के ताम्रपत्र में किसका उल्लेख मिलता है?
Ans: मंदिरों के लिए भूमि दान की व्यवस्था का।
Q: वीरपुर का दान पत्र कब का है?
Ans: 1185 ई. का।
Q: वीरपुर दान पत्र किस क्षेत्र के राजनीतिक संबंधों की जानकारी देता है?
Ans: बागड़ और गुजरात के चालुक्य शासकों के संबंधों की।
Q: वीरपुर दान पत्र में भूमि दान करने वाला गुहिल शासक कौन था?
Ans: अमृतपालदेव।
Q: अमृतपालदेव किसके अधीन था?
Ans: गुजरात के चालुक्य राजा भीमदेव द्वितीय के।
Q: वीरपुर दान पत्र में भूमि दान किस अवसर पर किया गया था?
Ans: सूर्यपर्व के अवसर पर।
Q: आहड़ ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1206 ई. का।
Q: आहड़ ताम्रपत्र किस शासक से संबंधित है?
Ans: गुजरात के सोलंकी राजा भीमदेव द्वितीय से।
Q: आहड़ ताम्रपत्र में किस वंश की वंशावली मिलती है?
Ans: सोलंकी वंश की।
Q: आहड़ ताम्रपत्र में सोलंकी वंश की वंशावली कहाँ तक दी गई है?
Ans: मूलराज से भीमदेव द्वितीय तक।
Q: पारसोली ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1473 ई. का।
Q: पारसोली ताम्रपत्र किस शासक के समय का है?
Ans: महाराणा रायमल के समय का।
Q: पारसोली ताम्रपत्र में किन भूमि प्रकारों का उल्लेख है?
Ans: पीवल, गोरमों, माल और मगरा।
Q: पारसोली ताम्रपत्र की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans: इसमें विभिन्न भूमि प्रकारों को करों से मुक्त बताया गया है।
Q: खेरादा ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1437 ई. का।
Q: खेरादा ताम्रपत्र किस शासक से संबंधित है?
Ans: राणा कुम्भा से।
Q: खेरादा ताम्रपत्र में किस मंदिर का उल्लेख है?
Ans: एकलिंगजी मंदिर का।
Q: चीकली ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1483 ई. का।
Q: चीकली ताम्रपत्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या है?
Ans: यह वागड़ी भाषा में उत्कीर्ण है।
Q: चीकली ताम्रपत्र में किस कर का उल्लेख मिलता है?
Ans: विविध लाम-बागों का।
Q: चीकली ताम्रपत्र में खेती करने वाले किन लोगों का उल्लेख है?
Ans: पटेल, सुबार और ब्राह्मणों का।
Q: ढोल का ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1574 ई. का।
Q: ढोल का ताम्रपत्र किस शासक के समय का है?
Ans: महाराणा प्रताप के समय का।
Q: ढोल ताम्रपत्र से किसकी जानकारी मिलती है?
Ans: सैन्य चौकी और सैन्य प्रबंधन की।
Q: ढोल ताम्रपत्र में सैन्य चौकी कहाँ स्थापित होने का उल्लेख है?
Ans: गेल नामक गाँव में।
Q: ढोल में भूमि अनुदान किसे दिया गया था?
Ans: जोशी पुणो को।
Q: पुर का ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1535 ई. का।
Q: पुर ताम्रपत्र में किस रानी का उल्लेख मिलता है?
Ans: हाड़ी रानी कमांवती का।
Q: पुर ताम्रपत्र किस ऐतिहासिक आक्रमण की जानकारी देता है?
Ans: बहादुरशाह के चित्तौड़ आक्रमण की।
Q: राजसिंह का ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1678 ई. का।
Q: राजसिंह ताम्रपत्र में किस गाँव का उल्लेख मिलता है?
Ans: कोघाखेड़ी गाँव का।
Q: कोघाखेड़ी गाँव किसे दिया गया था?
Ans: दिनकर भट्ट को।
Q: बेंगू का ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1715 ई. का।
Q: बेंगू का ताम्रपत्र किस शासक के शासनकाल से संबंधित है?
Ans: महाराणा संग्राम सिंह के।
Q: बेंगू ताम्रपत्र से किस व्यवस्था की जानकारी मिलती है?
Ans: भूमि दान और प्रशासनिक आदेशों की।
Q: बेडवास का ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1559 ई. का।
Q: बेडवास ताम्रपत्र किस नगर की स्थापना से संबंधित है?
Ans: उदयपुर नगर की।
Q: बेडवास ताम्रपत्र के अनुसार उदयपुर नगर कब बसाया गया था?
Ans: संवत् 1616 में।
Q: लावा गाँव का ताम्रपत्र कब का है?
Ans: 1558 ई. का।
Q: लावा गाँव के ताम्रपत्र में किस शासक का उल्लेख है?
Ans: महाराणा उदयसिंह का।
Q: लावा गाँव के ताम्रपत्र में किस सामाजिक प्रथा का उल्लेख मिलता है?
Ans: लड़कियों के विवाह के अवसर पर ‘माया लेने’ का।
Q: लावा गाँव के ताम्रपत्र से किस नगर की स्थापना की पुष्टि होती है?
Ans: उदयपुर नगर की।
Q: भूमि कर-मुक्ति की जानकारी किस ताम्रपत्र से मिलती है?
Ans: पारसोली ताम्रपत्र से।
Q: सोलंकी वंश की वंशावली किस ताम्रपत्र में मिलती है?
Ans: आहड़ ताम्रपत्र में।
Q: वागड़ी भाषा में उत्कीर्ण ताम्रपत्र कौन-सा है?
Ans: चीकली ताम्रपत्र।
Q: महाराणा प्रताप की सैन्य व्यवस्था की जानकारी किस ताम्रपत्र से मिलती है?
Ans: ढोल ताम्रपत्र से।
Q: उदयपुर नगर की स्थापना की पुष्टि किस ताम्रपत्र से होती है?
Ans: बेडवास ताम्रपत्र से।
Q: ‘माया लेने’ की प्रथा का उल्लेख किस ताम्रपत्र में है?
Ans: लावा गाँव के ताम्रपत्र में।
Q: एकलिंगजी मंदिर में राणा कुम्भा के प्रायश्चित का उल्लेख किस ताम्रपत्र में है?
Ans: खेरादा ताम्रपत्र में।
Q: गुजरात के चालुक्य राजा भीमदेव द्वितीय और बागड़ के संबंधों की जानकारी किस ताम्रपत्र से मिलती है?
Ans: वीरपुर दान पत्र से।
Q: राजस्थान के ताम्रपत्रों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans: भूमि दान, कर-मुक्ति और राजकीय आदेशों को स्थायी रूप से दर्ज करना।
Q: ताम्रपत्रों से मुख्यतः किस प्रकार की ऐतिहासिक जानकारी मिलती है?
Ans: प्रशासनिक, आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक जानकारी।
Q: राजस्थान के प्रमुख ताम्रपत्र कौन-कौन से हैं?
Ans: धुलेव, ब्रो गुर्जर, मथनदेव, वीरपुर, आहड़, खेरादा, पारसोली, चीकली, पुर, ढोल, राजसिंह, बेंगू, बेडवास और लावा गाँव के ताम्रपत्र।
राजस्थान के प्रमुख युद्ध
65 QuestionsQ: तराइन का प्रथम युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1191 ई. में।
Q: तराइन का प्रथम युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: पृथ्वीराज चौहान तृतीय और मोहम्मद गौरी के बीच।
Q: तराइन के प्रथम युद्ध में किसकी विजय हुई थी?
Ans: पृथ्वीराज चौहान की।
Q: तराइन के प्रथम युद्ध में मोहम्मद गौरी की क्या स्थिति हुई?
Ans: वह घायल होकर युद्ध से भाग गया।
Q: तराइन का द्वितीय युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1192 ई. में।
Q: तराइन का द्वितीय युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: पृथ्वीराज चौहान तृतीय और मोहम्मद गौरी के बीच।
Q: तराइन के द्वितीय युद्ध में किसकी विजय हुई?
Ans: मोहम्मद गौरी की।
Q: तराइन के द्वितीय युद्ध का प्रमुख परिणाम क्या था?
Ans: भारत में तुर्क सत्ता की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ।
Q: तराइन का कौन-सा युद्ध भारतीय इतिहास का निर्णायक युद्ध माना जाता है?
Ans: तराइन का द्वितीय युद्ध।
Q: रणथंभौर का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1301 ई. में।
Q: रणथंभौर के युद्ध में किसके बीच संघर्ष हुआ था?
Ans: हम्मीर देव चौहान और अलाउद्दीन खिलजी के बीच।
Q: हम्मीर देव चौहान किस गुण के लिए प्रसिद्ध थे?
Ans: शरणागत वत्सलता और हम्मीर हठ के लिए।
Q: हम्मीर देव ने किसे शरण दी थी?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी के विद्रोही मंगोल सेनापति को।
Q: रणथंभौर युद्ध का प्रमुख परिणाम क्या था?
Ans: राजस्थान के प्रथम साके की घटना हुई।
Q: चित्तौड़ का प्रथम साका/युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1303 ई. में।
Q: 1303 ई. में चित्तौड़ पर किसने आक्रमण किया था?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी ने।
Q: चित्तौड़ के 1303 ई. के युद्ध के समय मेवाड़ का शासक कौन था?
Ans: रतन सिंह।
Q: चित्तौड़ के 1303 ई. के युद्ध से किन वीरों की वीरता जुड़ी है?
Ans: गोरा और बादल की।
Q: चित्तौड़ विजय के बाद अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ का क्या नाम रखा?
Ans: खिज्राबाद।
Q: खानवा का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1527 ई. में।
Q: खानवा का युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: बाबर और राणा सांगा के बीच।
Q: खानवा के युद्ध में किसकी विजय हुई?
Ans: बाबर की।
Q: खानवा युद्ध में राजपूत सेना का नेतृत्व किसने किया?
Ans: राणा सांगा ने।
Q: खानवा युद्ध में बाबर ने किस सैन्य तकनीक का प्रयोग किया?
Ans: तुलगमा पद्धति और तोपखाने का।
Q: खानवा के युद्ध में राणा सांगा के घायल होने का क्या प्रभाव पड़ा?
Ans: राजपूत सेना कमजोर हुई और युद्ध का परिणाम बाबर के पक्ष में गया।
Q: खानवा का युद्ध किस दृष्टि से महत्वपूर्ण था?
Ans: इससे भारत में मुगल सत्ता मजबूत हुई।
Q: 'पाती पेरवन' का संबंध किस युद्ध से बताया जाता है?
Ans: खानवा के युद्ध से।
Q: गिरी-सुमेल का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1544 ई. में।
Q: गिरी-सुमेल का युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: राव मालदेव और शेरशाह सूरी के बीच।
Q: गिरी-सुमेल युद्ध में किसकी विजय हुई?
Ans: शेरशाह सूरी की।
Q: गिरी-सुमेल युद्ध के बाद शेरशाह ने मारवाड़ के संबंध में क्या किया?
Ans: मारवाड़ पर अपना प्रभाव स्थापित किया।
Q: हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 18 जून 1576 ई. को।
Q: हल्दीघाटी का युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच।
Q: हल्दीघाटी में अकबर की सेना का नेतृत्व किसने किया था?
Ans: मानसिंह ने।
Q: हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना के प्रमुख सेनापति कौन थे?
Ans: हकीम खाँ सूर।
Q: हकीम खाँ सूर किस पक्ष से युद्ध कर रहे थे?
Ans: महाराणा प्रताप के पक्ष से।
Q: हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम क्या था?
Ans: चेतक।
Q: हल्दीघाटी के युद्ध को 'मेवाड़ की थर्मोपोली' किसने कहा?
Ans: कर्नल जेम्स टॉड ने।
Q: हल्दीघाटी युद्ध का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans: मेवाड़ की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा।
Q: हल्दीघाटी युद्ध के बाद महाराणा प्रताप ने कौन-सी युद्ध पद्धति अपनाई?
Ans: छापामार युद्ध पद्धति।
Q: हल्दीघाटी के युद्ध का परिणाम क्या रहा?
Ans: महाराणा प्रताप का संघर्ष जारी रहा।
Q: दिवेर का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1582 ई. में।
Q: दिवेर का युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच।
Q: दिवेर के युद्ध का प्रमुख परिणाम क्या था?
Ans: मेवाड़ की मुक्ति के अभियान को गति मिली।
Q: महाराणा प्रताप के संघर्ष में दिवेर का युद्ध क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans: इसे मेवाड़ की पुनः स्वतंत्रता के अभियान का महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है।
Q: मतीरे की राड़ कब हुई थी?
Ans: 1644 ई. में।
Q: मतीरे की राड़ किनके बीच हुई थी?
Ans: अमर सिंह और कर्ण सिंह के बीच।
Q: मतीरे की राड़ का मुख्य कारण क्या था?
Ans: नागौर और बीकानेर की सीमा से संबंधित विवाद।
Q: 1191 ई. में कौन-सा युद्ध हुआ था?
Ans: तराइन का प्रथम युद्ध — पृथ्वीराज चौहान की विजय।
Q: 1192 ई. में कौन-सा युद्ध हुआ था?
Ans: तराइन का द्वितीय युद्ध — मोहम्मद गौरी की विजय।
Q: 1301 ई. में कौन-सा युद्ध हुआ था?
Ans: रणथंभौर युद्ध — हम्मीर देव बनाम अलाउद्दीन खिलजी।
Q: 1303 ई. में कौन-सा युद्ध हुआ था?
Ans: चित्तौड़ युद्ध — रतन सिंह बनाम अलाउद्दीन खिलजी।
Q: 1527 ई. में कौन-सा युद्ध हुआ था?
Ans: खानवा युद्ध — राणा सांगा बनाम बाबर।
Q: 1544 ई. में कौन-सा युद्ध हुआ था?
Ans: गिरी-सुमेल युद्ध — राव मालदेव बनाम शेरशाह सूरी।
Q: 1576 ई. में कौन-सा युद्ध हुआ था?
Ans: हल्दीघाटी युद्ध — महाराणा प्रताप बनाम अकबर की सेना।
Q: 1582 ई. में कौन-सा युद्ध हुआ था?
Ans: दिवेर युद्ध — महाराणा प्रताप बनाम मुगल सेना।
Q: 1644 ई. में कौन-सी घटना हुई थी?
Ans: मतीरे की राड़ — अमर सिंह बनाम कर्ण सिंह।
Q: 'मेवाड़ की थर्मोपोली' किस युद्ध को कहा जाता है?
Ans: हल्दीघाटी के युद्ध को।
Q: चेतक किससे संबंधित है?
Ans: हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप के घोड़े से।
Q: हकीम खाँ सूर किससे संबंधित हैं?
Ans: हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की ओर से प्रमुख सेनापति से।
Q: मानसिंह किससे संबंधित हैं?
Ans: हल्दीघाटी में अकबर की सेना के सेनापति से।
Q: 'हम्मीर हठ' किससे संबंधित है?
Ans: रणथंभौर के हम्मीर देव चौहान से।
Q: राजस्थान का प्रथम साका किससे संबंधित है?
Ans: रणथंभौर, 1301 ई. से।
Q: राजपूत-मुगल संघर्ष के प्रमुख युद्ध कौन-कौन से थे?
Ans: खानवा और हल्दीघाटी।
Q: मेवाड़ की मुक्ति के अभियान का महत्वपूर्ण मोड़ किस युद्ध को माना जाता है?
Ans: दिवेर के युद्ध को।
राजस्थान का प्राक् एवं आद्य ऐतिहासिक युग
60 QuestionsQ: प्रागैतिहासिक युग किसे कहा जाता है?
Ans: वह काल जब मानव ने लेखन कला का विकास नहीं किया था।
Q: प्रागैतिहासिक काल की जानकारी किन स्रोतों से मिलती है?
Ans: पत्थर के औजार, गुफा चित्र, हड्डियाँ, बर्तन और अन्य पुरातात्विक अवशेषों से।
Q: मानव इतिहास को मुख्यतः कितने भागों में बाँटा गया है?
Ans: तीन भागों में—प्रागैतिहासिक, आद्य ऐतिहासिक और ऐतिहासिक युग।
Q: आद्य ऐतिहासिक युग की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans: इस काल में कुछ लिखित संकेत मिलने लगते हैं।
Q: ऐतिहासिक युग की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans: इस काल में लिखित इतिहास उपलब्ध होता है।
Q: प्रागैतिहासिक युग के प्रमुख कालखंड कौन-कौन से हैं?
Ans: पाषाण युग, ताम्र युग और कांस्य युग।
Q: पाषाण युग में मानव मुख्य रूप से किसका उपयोग करता था?
Ans: पत्थर के औजारों का।
Q: पाषाण युग को कितने भागों में बाँटा गया है?
Ans: तीन भागों में—पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण।
Q: पुरापाषाण युग की मुख्य विशेषता क्या थी?
Ans: शिकार और भोजन संग्रह।
Q: मध्यपाषाण युग की प्रमुख विशेषता क्या थी?
Ans: पशुपालन की शुरुआत।
Q: नवपाषाण युग की प्रमुख विशेषता क्या थी?
Ans: कृषि और स्थायी बस्तियों का विकास।
Q: राजस्थान में पुरापाषाण युग का समय लगभग क्या माना गया है?
Ans: 5,00,000 ईसा पूर्व से 10,000 ईसा पूर्व तक।
Q: पुरापाषाण युग में मानव का मुख्य व्यवसाय क्या था?
Ans: शिकार और भोजन संग्रह।
Q: पुरापाषाण युग में मानव कहाँ निवास करता था?
Ans: गुफाओं और प्राकृतिक आश्रयों में।
Q: पुरापाषाण युग में मानव को किन धातुओं का ज्ञान था?
Ans: धातुओं का ज्ञान नहीं था।
Q: राजस्थान में पुरापाषाण युग के प्रमुख शोधकर्ता कौन थे?
Ans: वीरेन्द्रनाथ मिश्रा, आर.सी. अग्रवाल, डॉ. विजय कुमार और हरिश्चंद्र मिश्रा।
Q: निम्न पुरापाषाण युग का समय क्या था?
Ans: 5,00,000 ईसा पूर्व से 50,000 ईसा पूर्व तक।
Q: निम्न पुरापाषाण युग के अधिकांश स्थल राजस्थान के किस भाग में मिले हैं?
Ans: अरावली पर्वतमाला के पूर्वी भाग में।
Q: 1870 में राजस्थान में पाषाणकालीन हस्तकुठार किसने खोजे?
Ans: सी.ए. हैकेट ने।
Q: सी.ए. हैकेट ने हस्तकुठार कहाँ से खोजे?
Ans: जयपुर और इन्द्रगढ़ से।
Q: निम्न पुरापाषाण युग के प्रमुख स्थल कौन-कौन से हैं?
Ans: मंडपिया, बींगोद, देवली, नाथद्वारा, भैंसरोड़गढ़ और नवाधाट।
Q: मंडपिया पुरातात्विक स्थल किस जिले में है?
Ans: भीलवाड़ा में।
Q: मध्य पुरापाषाण युग का समय क्या था?
Ans: 50,000 ईसा पूर्व से 20,000 ईसा पूर्व तक।
Q: मध्य पुरापाषाण युग के अधिकांश स्थल राजस्थान के किस भाग में मिले हैं?
Ans: अरावली के पश्चिमी भाग में।
Q: मध्य पुरापाषाण युग के प्रमुख स्थल कौन-कौन से हैं?
Ans: लूनी नदी घाटी, पाली, जोधपुर, नागरी, मोगरा और पिचाक।
Q: बनास-बेडच नदी तंत्र के आसपास किस काल के औजार मिले हैं?
Ans: मध्य पुरापाषाण काल के।
Q: मध्य पुरापाषाण काल में औजारों में क्या परिवर्तन हुआ?
Ans: औजार छोटे और अधिक उपयोगी हो गए।
Q: मध्य पुरापाषाण काल में मानव के जीवन में कौन-सा विकास हुआ?
Ans: शिकार तकनीक में सुधार और समूह में रहने की शुरुआत हुई।
Q: उच्च पुरापाषाण युग का समय क्या था?
Ans: 20,000 ईसा पूर्व से 10,000 ईसा पूर्व तक।
Q: उच्च पुरापाषाण युग की प्रमुख विशेषता क्या थी?
Ans: कला और चित्रकला का विकास।
Q: शैलचित्र किसे कहा जाता है?
Ans: गुफाओं और चट्टानों पर बनाए गए प्राचीन चित्रों को।
Q: राजस्थान में शैलचित्र किन प्रमुख जिलों से मिले हैं?
Ans: अलवर, कोटा, झालावाड़, भरतपुर और चित्तौड़गढ़ से।
Q: विराटनगर को 'प्राचीन चित्रशाला' क्यों कहा जाता है?
Ans: यहाँ शैलचित्रों की अधिकता के कारण।
Q: विराटनगर किस जिले में स्थित है?
Ans: जयपुर जिले में।
Q: भरतपुर के दर से किस प्रकार के शैलचित्र मिले हैं?
Ans: व्याघ्र, बारहसिंगा और मानव आकृतियों के।
Q: ताम्र युग की प्रमुख विशेषता क्या थी?
Ans: मानव ने पहली बार तांबे का उपयोग शुरू किया।
Q: ताम्र युग में किन औजारों का प्रयोग होता था?
Ans: तांबे के औजार और हथियार।
Q: ताम्र युग में कौन-से प्रमुख आर्थिक विकास हुए?
Ans: कृषि और स्थायी बस्तियों का विकास।
Q: राजस्थान में ताम्र युग की प्रमुख सभ्यता कौन-सी थी?
Ans: आहड़ सभ्यता।
Q: आहड़ सभ्यता कहाँ स्थित है?
Ans: उदयपुर में।
Q: कांस्य किससे बनता है?
Ans: तांबा और टिन मिलाकर कांस्य बनाया जाता है।
Q: कांस्य युग की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?
Ans: मजबूत धातु के औजार, नगर सभ्यता और व्यापार का विकास।
Q: कांस्य युग की प्रमुख सभ्यता कौन-सी थी?
Ans: सिंधु घाटी/हड़प्पा सभ्यता।
Q: राजस्थान में प्रागैतिहासिक मानव की जानकारी का मुख्य आधार क्या है?
Ans: पुरातात्विक अवशेष।
Q: शिकार और भोजन संग्रह किस युग की विशेषता थी?
Ans: पुरापाषाण युग।
Q: पशुपालन की शुरुआत किस युग में हुई?
Ans: मध्यपाषाण युग।
Q: कृषि और स्थायी बस्तियों का विकास किस युग में हुआ?
Ans: नवपाषाण युग।
Q: निम्न पुरापाषाण काल का समय क्या था?
Ans: 5,00,000 से 50,000 ईसा पूर्व।
Q: मध्य पुरापाषाण काल का समय क्या था?
Ans: 50,000 से 20,000 ईसा पूर्व।
Q: उच्च पुरापाषाण काल का समय क्या था?
Ans: 20,000 से 10,000 ईसा पूर्व।
Q: 1870 में हस्तकुठार खोजने वाले कौन थे?
Ans: सी.ए. हैकेट।
Q: जयपुर और इन्द्रगढ़ से हस्तकुठार किसने खोजे?
Ans: सी.ए. हैकेट ने।
Q: 'प्राचीन चित्रशाला' किसे कहा जाता है?
Ans: विराटनगर को।
Q: विराटनगर किस जिले में स्थित है?
Ans: जयपुर में।
Q: बागोर किस काल का प्रमुख स्थल है?
Ans: मध्यपाषाण काल का।
Q: बागोर कहाँ स्थित है?
Ans: कोठारी नदी के तट पर, भीलवाड़ा में।
Q: ताम्र युग की प्रमुख राजस्थान सभ्यता कौन-सी थी?
Ans: आहड़।
Q: आहड़ कहाँ स्थित है?
Ans: उदयपुर में।
Q: कांस्य का निर्माण किन धातुओं से होता है?
Ans: तांबा + टिन।
Q: कांस्य युग की प्रमुख सभ्यता कौन-सी थी?
Ans: सिंधु घाटी सभ्यता।
गुर्जर-प्रतिहार एवं परमार वंश
90 QuestionsQ: गुर्जर-प्रतिहार वंश की उत्पत्ति के प्रमुख सिद्धांत कौन-कौन से हैं?
Ans: अग्निकुंड सिद्धांत, लक्ष्मण वंशज सिद्धांत और विदेशी मत।
Q: अग्निकुंड सिद्धांत का उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?
Ans: पृथ्वीराज रासो में।
Q: अग्निकुंड सिद्धांत के अनुसार आबू पर्वत के यज्ञ से कितने योद्धा उत्पन्न हुए?
Ans: चार—प्रतिहार, परमार, चालुक्य और चौहान।
Q: 'प्रतिहार' शब्द का अर्थ क्या है?
Ans: द्वारपाल या रक्षक।
Q: ग्वालियर प्रशस्ति के अनुसार गुर्जर-प्रतिहार किसके वंशज माने गए हैं?
Ans: भगवान राम के भाई लक्ष्मण के।
Q: लक्ष्मण को 'प्रतिहार' क्यों कहा गया?
Ans: क्योंकि वे राम के रक्षक/द्वारपाल के रूप में कार्य करते थे।
Q: गुर्जर-प्रतिहारों को खजर जाति से संबंधित मानने वाले इतिहासकार कौन थे?
Ans: कनिंघम और डॉ. डी.आर. भंडारकर।
Q: मण्डोर शाखा की राजधानी किसने बनाई थी?
Ans: हरिश्चंद्र ने।
Q: हरिश्चंद्र के कितने पुत्रों का उल्लेख मिलता है?
Ans: चार—भोगभट्ट, कज्जक, रज्जिल और दद्द।
Q: मण्डोर शाखा का प्रमुख विद्वान शासक कौन था?
Ans: कक्कुक।
Q: कक्कुक से संबंधित प्रमुख अभिलेख कौन-सा है?
Ans: घटियाला शिलालेख।
Q: घटियाला शिलालेख कब का है?
Ans: 861 ई. का।
Q: कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष किन तीन शक्तियों के बीच हुआ?
Ans: गुर्जर-प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट।
Q: त्रिपक्षीय संघर्ष का मुख्य केंद्र कौन-सा नगर था?
Ans: कन्नौज।
Q: त्रिपक्षीय संघर्ष की शुरुआत किस प्रतिहार शासक के समय हुई?
Ans: वत्सराज के समय।
Q: कन्नौज पर प्रतिहारों की स्थायी सत्ता किन शासकों के समय स्थापित हुई?
Ans: मिहिर भोज और महेन्द्रपाल के समय।
Q: नागभट्ट प्रथम का शासनकाल लगभग कब था?
Ans: 730–760 ई.।
Q: नागभट्ट प्रथम ने किस अरब सेनापति को पराजित किया?
Ans: जुनैद को।
Q: ग्वालियर प्रशस्ति में नागभट्ट प्रथम को किस उपाधि से संबोधित किया गया है?
Ans: 'इंद्र के दंभ का नाशक'।
Q: नागभट्ट प्रथम ने किसे अपनी शक्ति का केंद्र बनाया?
Ans: उज्जैन को।
Q: गुर्जर-प्रतिहार वंश का चरमोत्कर्ष किस शासक के समय हुआ?
Ans: मिहिर भोज के समय।
Q: मिहिर भोज का शासनकाल लगभग कब था?
Ans: 836–885 ई.।
Q: मिहिर भोज ने कौन-सी प्रसिद्ध उपाधि धारण की?
Ans: 'आदिवराह'।
Q: मिहिर भोज किस देवता के भक्त थे?
Ans: भगवान विष्णु के।
Q: मिहिर भोज के समय के प्रसिद्ध सिक्के कौन-से थे?
Ans: वराह द्रम्म।
Q: मिहिर भोज की प्रमुख विशेषता क्या थी?
Ans: उनकी विशाल घुड़सवार सेना।
Q: महेन्द्रपाल प्रथम के दरबार का प्रसिद्ध विद्वान कौन था?
Ans: राजशेखर।
Q: राजशेखर ने 'कर्पूरमंजरी' किस भाषा में लिखी?
Ans: प्राकृत भाषा में।
Q: राजशेखर ने महेन्द्रपाल को किस उपाधि से संबोधित किया?
Ans: 'रघुकुल तिलक'।
Q: परमार वंश का मूल पुरुष किसे माना जाता है?
Ans: उपेंद्र (कृष्णराज)।
Q: परमारों ने मुख्य रूप से किस क्षेत्र में स्वतंत्र सत्ता स्थापित की?
Ans: मालवा में।
Q: राजस्थान में परमारों की प्रमुख शाखाएँ कितनी थीं?
Ans: तीन—आबू, जालौर और वागड़।
Q: आबू के परमारों का प्रमुख प्रभाव क्षेत्र कौन-सा था?
Ans: सिरोही क्षेत्र।
Q: जालौर के परमारों को बाद में किस वंश ने विस्थापित किया?
Ans: चौहानों ने।
Q: वागड़ के परमारों का प्रमुख क्षेत्र कौन-सा था?
Ans: डूंगरपुर और बांसवाड़ा।
Q: आबू के परमारों का प्रसिद्ध शासक कौन था?
Ans: धारावर्ष परमार।
Q: धारावर्ष परमार की प्रमुख विशेषता क्या बताई गई है?
Ans: वे एक ही बाण से तीन भैंसों को भेदने के लिए प्रसिद्ध थे।
Q: धारावर्ष ने किस युद्ध में मोहम्मद गौरी की सेना का सामना किया?
Ans: कायदरा के युद्ध में।
Q: कायदरा का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1178 ई. में।
Q: परमार वंश का सबसे प्रतापी शासक कौन था?
Ans: राजा भोज।
Q: राजा भोज का शासनकाल लगभग कब था?
Ans: 1010–1055 ई.।
Q: राजा भोज किस क्षेत्र में अपनी विद्वत्ता के लिए प्रसिद्ध थे?
Ans: साहित्य, वास्तुकला, व्याकरण और योग आदि में।
Q: 'समरांगण सूत्रधार' के रचयिता कौन थे?
Ans: राजा भोज।
Q: 'समरांगण सूत्रधार' किस विषय से संबंधित है?
Ans: वास्तुकला से।
Q: 'सरस्वती कंठाभरण' के रचयिता कौन थे?
Ans: राजा भोज।
Q: 'सरस्वती कंठाभरण' किस विषय से संबंधित है?
Ans: व्याकरण से।
Q: 'राजमार्तंड' के रचयिता कौन थे?
Ans: राजा भोज।
Q: 'राजमार्तंड' किस विषय से संबंधित ग्रंथ है?
Ans: योग से।
Q: राजा भोज ने किस नगर की स्थापना की?
Ans: भोजपुर की।
Q: भोजपुर कहाँ स्थित है?
Ans: भोपाल के पास।
Q: राजा भोज के समय का प्रसिद्ध विशाल शिव मंदिर कौन-सा है?
Ans: भोजपुर का शिव मंदिर।
Q: राजा भोज की मृत्यु पर प्रसिद्ध उक्ति क्या कही गई?
Ans: “अद्य धारा निराधारा निरालंबा सरस्वती।”
Q: गुर्जर-प्रतिहार काल की मंदिर स्थापत्य शैली को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: महामारू शैली।
Q: ओसियां के प्रमुख मंदिर किस स्थापत्य शैली के उदाहरण हैं?
Ans: गुर्जर-प्रतिहार/महामारू शैली के।
Q: ओसियां के प्रमुख मंदिर कहाँ स्थित हैं?
Ans: जोधपुर क्षेत्र में।
Q: आभानेरी की प्रसिद्ध बावड़ी कौन-सी है?
Ans: चाँद बावड़ी।
Q: चाँद बावड़ी कहाँ स्थित है?
Ans: आभानेरी, दौसा में।
Q: परमारों ने मंदिर स्थापत्य की किस शैली को विकसित किया?
Ans: भूमिज शैली।
Q: भूमिज शैली की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans: शिखर पर लघु शिखरों की कतारें।
Q: 'राजस्थान का खजुराहो' किसे कहा जाता है?
Ans: किराडू के मंदिरों को।
Q: किराडू के मंदिर किस जिले में हैं?
Ans: बाड़मेर में।
Q: किराडू के मंदिरों का निर्माण किस काल के परमारों से संबंधित है?
Ans: परमार काल से।
Q: अर्थुणा के मंदिर किस शाखा के परमारों की कला को दर्शाते हैं?
Ans: वागड़ के परमारों की।
Q: गुर्जर-प्रतिहारों के पतन का एक प्रमुख कारण क्या था?
Ans: आंतरिक कलह और कमजोर उत्तराधिकारी।
Q: प्रतिहारों की शक्ति को किस आक्रमण से बड़ा झटका लगा?
Ans: महमूद गजनवी के कन्नौज आक्रमण से।
Q: महमूद गजनवी ने कन्नौज पर कब आक्रमण किया?
Ans: 1018 ई. में।
Q: परमार सत्ता का अंतिम प्रमुख शासक कौन था?
Ans: महलकदेव।
Q: परमार सत्ता का अंत किसके समय हुआ?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में।
Q: महलकदेव को किसने पराजित किया?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति ऐन-उल-मुल्क मुल्तानी ने।
Q: परमार सत्ता का अंत लगभग कब हुआ?
Ans: 1305 ई. में।
Q: प्रतिहारों का प्रारंभिक प्रमुख केंद्र कौन-सा था?
Ans: मण्डोर।
Q: प्रतिहारों की प्रसिद्ध राजधानी कौन-सी थी?
Ans: कन्नौज।
Q: त्रिपक्षीय संघर्ष किन शक्तियों के बीच हुआ?
Ans: प्रतिहार + पाल + राष्ट्रकूट।
Q: नागभट्ट प्रथम किसके विरुद्ध संघर्ष के लिए प्रसिद्ध थे?
Ans: अरबों के विरुद्ध संघर्ष के लिए।
Q: मिहिर भोज की प्रसिद्ध उपाधि क्या थी?
Ans: आदिवराह।
Q: मिहिर भोज के प्रसिद्ध सिक्के कौन-से थे?
Ans: वराह द्रम्म।
Q: महेन्द्रपाल किस विद्वान के आश्रयदाता थे?
Ans: राजशेखर के।
Q: राजशेखर की प्रसिद्ध रचना कौन-सी थी?
Ans: कर्पूरमंजरी।
Q: परमारों का प्रमुख केंद्र कौन-सा था?
Ans: मालवा।
Q: परमारों की राजस्थान शाखाएँ कौन-कौन सी थीं?
Ans: आबू, जालौर और वागड़।
Q: धारावर्ष किस शाखा के परमार शासक थे?
Ans: आबू के परमार।
Q: कायदरा युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1178 ई. में।
Q: परमारों का महानतम शासक किसे माना जाता है?
Ans: राजा भोज।
Q: 'समरांगण सूत्रधार' किस विषय से संबंधित है?
Ans: वास्तुकला से।
Q: 'सरस्वती कंठाभरण' किस विषय से संबंधित है?
Ans: व्याकरण से।
Q: 'राजमार्तंड' किस विषय से संबंधित है?
Ans: योग से।
Q: 'किराडू' किस नाम से प्रसिद्ध है?
Ans: राजस्थान का खजुराहो।
Q: भूमिज शैली किस वंश से संबंधित है?
Ans: परमारों से।
Q: चाँद बावड़ी कहाँ स्थित है?
Ans: आभानेरी, दौसा में।
Q: घटियाला शिलालेख किससे संबंधित है?
Ans: कक्कुक से, 861 ई.।
चौहान वंश
70 QuestionsQ: चौहान वंश की उत्पत्ति के प्रमुख सिद्धांत कौन-कौन से हैं?
Ans: अग्निकुंड, सूर्यवंशी, चंद्रवंशी, विदेशी मूल और इन्द्रवंशी सिद्धांत।
Q: चौहान वंश की उत्पत्ति का सबसे प्रसिद्ध सिद्धांत कौन-सा है?
Ans: अग्निवंशी/अग्निकुंड सिद्धांत।
Q: चौहानों का मूल स्थान क्या माना जाता है?
Ans: जांगल देश (सपादलक्ष)।
Q: चौहानों के प्रमुख प्रारंभिक क्षेत्र कौन-कौन से थे?
Ans: सांभर, नागौर और अजमेर।
Q: प्रारंभ में चौहान किसके सामंत थे?
Ans: गुर्जर-प्रतिहारों के।
Q: चौहान वंश का संस्थापक कौन था?
Ans: वासुदेव चौहान।
Q: वासुदेव चौहान ने कब राज्य स्थापित किया?
Ans: 551 ई. में।
Q: वासुदेव चौहान की राजधानी क्या थी?
Ans: अहिच्छत्रपुर (नागौर क्षेत्र)।
Q: वासुदेव चौहान ने किस क्षेत्र में राज्य की स्थापना की?
Ans: सांभर में।
Q: किस चौहान शासक ने 'महाराजाधिराज' की उपाधि धारण की?
Ans: सिंहराज ने।
Q: सिंहराज की प्रमुख उपलब्धि क्या थी?
Ans: उन्होंने चौहान शक्ति को मजबूत किया।
Q: विग्रहराज द्वितीय का शासनकाल लगभग कब था?
Ans: 965 ई. के आसपास।
Q: विग्रहराज द्वितीय ने किस चालुक्य शासक को पराजित किया?
Ans: मूलराज को।
Q: विग्रहराज द्वितीय ने किस मंदिर का निर्माण करवाया?
Ans: हर्षनाथ मंदिर का।
Q: अजमेर की स्थापना किस चौहान शासक ने की?
Ans: अजयराज ने।
Q: अजयराज का शासनकाल लगभग कब था?
Ans: 1105–1133 ई.।
Q: अजमेर का प्राचीन नाम क्या था?
Ans: अजयमेरु।
Q: अजयराज की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या थीं?
Ans: अजमेर की स्थापना और तारागढ़ किले का निर्माण।
Q: आनासागर झील का निर्माण किस चौहान शासक ने करवाया?
Ans: अर्णोराज ने।
Q: अर्णोराज का शासनकाल लगभग कब था?
Ans: 1133–1155 ई.।
Q: अर्णोराज ने किस स्थान पर वराह मंदिर का निर्माण करवाया?
Ans: पुष्कर में।
Q: चौहान वंश का स्वर्णकाल किस शासक के समय माना जाता है?
Ans: विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) के समय।
Q: विग्रहराज चतुर्थ का दूसरा नाम क्या था?
Ans: बीसलदेव।
Q: विग्रहराज चतुर्थ का शासनकाल लगभग कब था?
Ans: 1158–1163 ई.।
Q: विग्रहराज चतुर्थ ने अपने राज्य का विस्तार कहाँ तक किया?
Ans: दिल्ली और पंजाब तक।
Q: विग्रहराज चतुर्थ ने किस क्षेत्र को संरक्षण दिया?
Ans: संस्कृत शिक्षा और साहित्य को।
Q: 'हरकेलि नाटक' का संबंध किस चौहान शासक से है?
Ans: विग्रहराज चतुर्थ से।
Q: विग्रहराज चतुर्थ ने अजमेर में क्या स्थापित करवाया?
Ans: संस्कृत पाठशाला।
Q: विग्रहराज चतुर्थ ने किस धर्म को संरक्षण दिया?
Ans: जैन धर्म को।
Q: चौहान वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक कौन था?
Ans: पृथ्वीराज चौहान।
Q: पृथ्वीराज चौहान का शासनकाल लगभग कब था?
Ans: 1177–1192 ई.।
Q: पृथ्वीराज चौहान की प्रमुख उपाधियाँ कौन-सी थीं?
Ans: राय पिथौरा और दलपुंगल।
Q: पृथ्वीराज चौहान ने महोबा का युद्ध कब लड़ा?
Ans: 1182 ई. में।
Q: महोबा का युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: पृथ्वीराज चौहान और चंदेल शासक परमालदेव के बीच।
Q: महोबा के युद्ध में किसकी विजय हुई?
Ans: पृथ्वीराज चौहान की।
Q: पृथ्वीराज चौहान का नागौर युद्ध कब हुआ?
Ans: 1184 ई. में।
Q: नागौर का युद्ध किस शासक के साथ हुआ था?
Ans: चालुक्य शासक भीम द्वितीय के साथ।
Q: तराइन का प्रथम युद्ध कब हुआ?
Ans: 1191 ई. में।
Q: तराइन का प्रथम युद्ध किनके बीच हुआ?
Ans: पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गौरी के बीच।
Q: तराइन के प्रथम युद्ध में किसकी विजय हुई?
Ans: पृथ्वीराज चौहान की।
Q: तराइन का द्वितीय युद्ध कब हुआ?
Ans: 1192 ई. में।
Q: तराइन का द्वितीय युद्ध किनके बीच हुआ?
Ans: पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गौरी के बीच।
Q: तराइन के द्वितीय युद्ध में किसकी विजय हुई?
Ans: मुहम्मद गौरी की।
Q: तराइन के द्वितीय युद्ध का प्रमुख परिणाम क्या हुआ?
Ans: चौहान शक्ति कमजोर हुई और उत्तर भारत में तुर्क सत्ता स्थापित होने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
Q: पृथ्वीराज चौहान के पतन का सबसे प्रमुख कारण कौन-सा युद्ध था?
Ans: तराइन का द्वितीय युद्ध, 1192 ई.।
Q: पृथ्वीराज चौहान के प्रसिद्ध दरबारी कवि कौन थे?
Ans: चंदबरदाई।
Q: चंदबरदाई की प्रसिद्ध रचना कौन-सी है?
Ans: पृथ्वीराज रासो।
Q: 'पृथ्वीराज विजय' के लेखक कौन थे?
Ans: जयानक।
Q: पृथ्वीराज चौहान के इतिहास के प्रमुख साहित्यिक स्रोत कौन-से हैं?
Ans: पृथ्वीराज रासो और पृथ्वीराज विजय।
Q: चौहान वंश का संस्थापक कौन था?
Ans: वासुदेव।
Q: वासुदेव चौहान ने कब राज्य स्थापित किया?
Ans: 551 ई. में।
Q: चौहानों की प्रारंभिक राजधानी क्या थी?
Ans: अहिच्छत्रपुर।
Q: चौहानों का मूल क्षेत्र क्या माना जाता है?
Ans: जांगल देश (सपादलक्ष)।
Q: चौहानों के प्रारंभिक सामंत कौन थे?
Ans: गुर्जर-प्रतिहार।
Q: 'महाराजाधिराज' की उपाधि किस चौहान शासक ने धारण की?
Ans: सिंहराज ने।
Q: मूलराज को हराने वाला चौहान शासक कौन था?
Ans: विग्रहराज द्वितीय।
Q: हर्षनाथ मंदिर का निर्माण किसने करवाया?
Ans: विग्रहराज द्वितीय ने।
Q: अजमेर/अजयमेरु की स्थापना किसने की?
Ans: अजयराज ने।
Q: तारागढ़ का निर्माण किस चौहान शासक से संबंधित है?
Ans: अजयराज से।
Q: आनासागर झील का निर्माण किसने करवाया?
Ans: अर्णोराज ने।
Q: चौहान वंश का स्वर्णकाल किस शासक के समय माना जाता है?
Ans: विग्रहराज चतुर्थ के समय।
Q: बीसलदेव किसका दूसरा नाम था?
Ans: विग्रहराज चतुर्थ का।
Q: 'हरकेलि नाटक' किससे संबंधित है?
Ans: विग्रहराज चतुर्थ से।
Q: चौहान वंश का अंतिम शक्तिशाली प्रसिद्ध शासक कौन था?
Ans: पृथ्वीराज चौहान।
Q: महोबा का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1182 ई. में।
Q: नागौर का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1184 ई. में।
Q: तराइन का प्रथम युद्ध कब हुआ था और इसमें किसकी विजय हुई?
Ans: 1191 ई. में; पृथ्वीराज चौहान की विजय हुई।
Q: तराइन का द्वितीय युद्ध कब हुआ था और इसमें किसकी विजय हुई?
Ans: 1192 ई. में; मुहम्मद गौरी की विजय हुई।
Q: चंदबरदाई किस रचना के लिए प्रसिद्ध हैं?
Ans: पृथ्वीराज रासो।
Q: जयानक किस रचना के लेखक थे?
Ans: पृथ्वीराज विजय।
कोटा राज्य एवं हाड़ा चौहान
66 QuestionsQ: कोटा का नाम किसके नाम पर पड़ा?
Ans: स्थानीय शासक कोटिया भील के नाम पर।
Q: कोटिया भील को किसने पराजित किया था?
Ans: बूँदी के राव देवा के वंशज राव जैत्रसिंह ने।
Q: कोटा पर हाड़ाओं का अधिकार किसके बाद स्थापित हुआ?
Ans: कोटिया भील की पराजय के बाद।
Q: प्रारंभ में कोटा किस राज्य के अधीन था?
Ans: बूँदी राज्य के अधीन जागीर के रूप में।
Q: कोटा को स्वतंत्र राज्य का दर्जा कब मिला?
Ans: 1631 ई. में।
Q: कोटा को स्वतंत्र राज्य की मान्यता किसने दी?
Ans: मुगल सम्राट शाहजहाँ ने।
Q: स्वतंत्र कोटा राज्य का प्रथम शासक कौन था?
Ans: राव माधोसिंह।
Q: राव माधोसिंह किसके पुत्र थे?
Ans: बूँदी के राव रतन सिंह के द्वितीय पुत्र।
Q: राव माधोसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1631–1648 ई.।
Q: राव माधोसिंह को मुगलों की ओर से कितना मनसब मिला था?
Ans: 5000 का मनसब।
Q: राव माधोसिंह को किस मुगल शासक ने प्रसिद्ध घोड़ा भेंट किया था?
Ans: औरंगजेब ने।
Q: राव माधोसिंह को भेंट किए गए घोड़े का नाम क्या था?
Ans: मोद राम्तार।
Q: राव माधोसिंह ने कोटा किले में किन प्रमुख भागों का निर्माण करवाया?
Ans: पाटनपोल और यूनिधील।
Q: राव मुकंदसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1648–1658 ई.।
Q: राव मुकंदसिंह किस युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए?
Ans: धरमत के युद्ध (1658 ई.) में।
Q: धरमत का युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: औरंगजेब और दारा शिकोह के बीच।
Q: धरमत के युद्ध में मुकंदसिंह ने किसका साथ दिया?
Ans: दारा शिकोह का।
Q: अबली मीणी का महल किसने बनवाया था?
Ans: राव मुकंदसिंह ने।
Q: अबली मीणी के महल को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: 'हाड़ौती का ताज महल'।
Q: राव किशोरसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1684–1696 ई.।
Q: किशोरसिंह ने किस तालाब की मरम्मत करवाई?
Ans: किशोर सागर तालाब की।
Q: किशोरसिंह ने कौन-सा बाग बनवाया?
Ans: किशोर विलास बाग।
Q: चांदखेड़ी जैन मंदिर का निर्माण किसके काल में हुआ?
Ans: राव किशोरसिंह के काल में।
Q: किशोरसिंह ने किस कस्बे की स्थापना की?
Ans: किशनगंज।
Q: महाराव भीमसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1707–1720 ई.।
Q: कोटा के गौरवशाली शासकों में किसे प्रमुख माना जाता है?
Ans: महाराव भीमसिंह को।
Q: भीमसिंह ने कोटा का नाम बदलकर क्या रखा?
Ans: नंदग्राम।
Q: भीमसिंह किस देवता के भक्त थे?
Ans: भगवान कृष्ण के।
Q: भीमसिंह ने कौन-सा अभिवादन अनिवार्य किया?
Ans: 'जय गोपाल'।
Q: भीमसिंह ने किस राज्य पर आक्रमण करके विजय प्राप्त की?
Ans: बूँदी पर।
Q: बूँदी विजय के बाद भीमसिंह क्या लेकर आए?
Ans: विजय नगाड़ा।
Q: कोटा में स्वतंत्र टकसाल स्थापित करने वाला शासक कौन था?
Ans: महाराव भीमसिंह।
Q: भीमसिंह द्वारा निर्मित प्रमुख भवन/स्थल कौन-से थे?
Ans: भीमविलास महल और भीमगढ़ किला।
Q: सांवरिया जी मंदिर का निर्माण किस शासक से संबंधित है?
Ans: महाराव भीमसिंह।
Q: कोटा की राजनीति में वास्तविक सत्ता किसके हाथों में चली गई थी?
Ans: झाला जालिमसिंह के हाथों में।
Q: झाला जालिमसिंह का पद क्या था?
Ans: फौजदार/प्रधानमंत्री।
Q: झाला जालिमसिंह किस शासक के समय अत्यंत प्रभावशाली हुए?
Ans: महाराव उम्मेदसिंह प्रथम के समय।
Q: कोटा और अंग्रेजों के बीच संधि कब हुई?
Ans: 1817 ई. में।
Q: 1817 की संधि में किसकी प्रमुख भूमिका थी?
Ans: झाला जालिमसिंह की।
Q: 1818 की पूरक संधि की प्रमुख विशेषता क्या थी?
Ans: राजा का वंशानुगत अधिकार बना रहा, लेकिन प्रशासनिक अधिकार झाला जालिमसिंह के वंशजों के पास रहने की व्यवस्था हुई।
Q: मांगरोल का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1821 ई. में।
Q: मांगरोल का युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: महाराव किशोरसिंह द्वितीय और झाला जालिमसिंह के बीच।
Q: मांगरोल के युद्ध में किसकी हार हुई?
Ans: किशोरसिंह द्वितीय की।
Q: पराजय के बाद किशोरसिंह द्वितीय ने कहाँ शरण ली?
Ans: नाथद्वारा में।
Q: मांगरोल युद्ध का मुख्य कारण क्या था?
Ans: महाराव किशोरसिंह द्वितीय द्वारा प्रशासन अपने हाथ में लेने का प्रयास।
Q: कोटा में 1857 की क्रांति के प्रमुख नेता कौन थे?
Ans: लाला जयदयाल और मेहराब खान।
Q: कोटा में 1857 का विद्रोह किन लोगों ने किया था?
Ans: आम जनता और राजकीय सेना ने।
Q: कोटा में अंग्रेज पॉलिटिकल एजेंट कौन था?
Ans: मेजर बर्टन।
Q: 1857 की क्रांति में कोटा में किस अंग्रेज अधिकारी की हत्या हुई?
Ans: मेजर बर्टन और उनके पुत्रों की।
Q: 1857 के विद्रोह के बाद रामसिंह द्वितीय की तोपों की सलामी कितनी कर दी गई?
Ans: 17 से घटाकर 13।
Q: अंग्रेजों ने महाराव रामसिंह द्वितीय पर क्या संदेह किया?
Ans: क्रांतिकारियों की सहायता करने का।
Q: आधुनिक कोटा के विकास का प्रमुख काल किस शासक से जुड़ा है?
Ans: महाराव उम्मेदसिंह द्वितीय से।
Q: उम्मेदसिंह द्वितीय के काल में किन क्षेत्रों में आधुनिक विकास हुआ?
Ans: शिक्षा, अस्पताल और न्याय व्यवस्था में।
Q: कोटा में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए किस संस्था/व्यवस्था का उल्लेख मिलता है?
Ans: कोटा चैंबर का।
Q: कोटा को पूर्व राजस्थान की राजधानी कब बनाया गया?
Ans: 25 मार्च 1948 ई. को।
Q: 25 मार्च 1948 को गठित संघ की राजधानी कौन-सी थी?
Ans: कोटा।
Q: संयुक्त राजस्थान के राजप्रमुख कौन बने?
Ans: महाराव भीमसिंह द्वितीय।
Q: कोटा के अंतिम महाराव कौन थे?
Ans: महाराव भीमसिंह द्वितीय।
Q: महाराव भीमसिंह द्वितीय कब शासक बने?
Ans: 1940 ई. में।
Q: कोटा चित्रशैली किसके लिए प्रसिद्ध है?
Ans: शिकार के दृश्यों के लिए।
Q: कोटा चित्रशैली की एक विशेषता क्या है?
Ans: इसमें महिलाओं को भी शिकार करते हुए चित्रित किया गया है।
Q: कोटा का प्रसिद्ध महल कौन-सा है?
Ans: गढ़ पैलेस।
Q: मथुराधीश मंदिर किस संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है?
Ans: वल्लभ संप्रदाय का।
Q: कोटा की प्रसिद्ध वस्त्र कला कौन-सी है?
Ans: कोटा डोरिया।
Q: कोटा डोरिया बुनाई कला का विकास किसके समय से संबंधित है?
Ans: महाराव शत्रुशाल के समय से।
Q: कोटा डोरिया के बुनकर कहाँ से आए थे?
Ans: मैसूर से।
मेवाड़ का इतिहास
61 QuestionsQ: मेवाड़ का प्राचीन नाम क्या था?
Ans: मेदपाट और शिवी।
Q: मेवाड़ का प्रमुख क्षेत्र किन आधुनिक जिलों में माना जाता है?
Ans: उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा और प्रतापगढ़।
Q: मेवाड़ का भौगोलिक रक्षक कौन-सी पर्वतमाला थी?
Ans: अरावली पर्वतमाला।
Q: गुहिल वंश के आदि पुरुष कौन माने जाते हैं?
Ans: राजा गुहिल।
Q: गुहिल वंश की स्थापना कब मानी गई है?
Ans: 566 ई. में।
Q: गुहिल के पिता का नाम क्या था?
Ans: शिलादित्य।
Q: गुहिल की माता का नाम क्या था?
Ans: पुष्पवती।
Q: गौरीशंकर हीराचंद ओझा ने गुहिलों को किस वंश का माना?
Ans: सूर्यवंशी।
Q: डॉ. डी.आर. भंडारकर ने गुहिलों को किस वंश से संबंधित माना?
Ans: ब्राह्मण वंश।
Q: कर्नल जेम्स टॉड ने गुहिलों को किससे जोड़ा?
Ans: वल्लभी के शासकों से।
Q: मेवाड़ का वास्तविक संस्थापक किसे माना जाता है?
Ans: बप्पा रावल (कालभोज)।
Q: बप्पा रावल का काल किस समय माना गया है?
Ans: 734 ई. के आसपास।
Q: बप्पा रावल ने चित्तौड़ पर किसे हराकर अधिकार किया?
Ans: मान मोरी को।
Q: बप्पा रावल ने चित्तौड़ पर कब अधिकार किया?
Ans: 734 ई. में।
Q: बप्पा रावल के गुरु कौन थे?
Ans: हारित ऋषि।
Q: बप्पा रावल की प्रथम राजधानी कौन-सी थी?
Ans: नागदा।
Q: बप्पा रावल का संबंध किस प्रसिद्ध मंदिर से जोड़ा जाता है?
Ans: एकलिंगजी मंदिर से।
Q: एकलिंगजी मंदिर कहाँ स्थित है?
Ans: कैलाशपुरी, उदयपुर के निकट।
Q: मेवाड़ के शासक स्वयं को किसका दीवान मानते थे?
Ans: एकलिंगजी का।
Q: बप्पा रावल ने किन आक्रमणकारियों को पराजित करने का दावा किया जाता है?
Ans: मुस्लिम आक्रमणकारियों को।
Q: मेवाड़ में पहली बार नौकरशाही की स्थापना का श्रेय किसे दिया जाता है?
Ans: महारावल अल्लट को।
Q: अल्लट ने किस स्थान को दूसरी राजधानी बनाया?
Ans: आहड़ को।
Q: अल्लट ने आहड़ को किस रूप में विकसित किया?
Ans: व्यापारिक केंद्र के रूप में।
Q: आहड़ में वराह मंदिर का निर्माण किसने करवाया?
Ans: महारावल अल्लट ने।
Q: जैत्रसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1213–1253 ई.
Q: जैत्रसिंह के शासनकाल को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: मध्यकालीन मेवाड़ का स्वर्णकाल।
Q: जैत्रसिंह ने किस दिल्ली सुल्तान को पराजित किया?
Ans: इल्तुतमिश को।
Q: जैत्रसिंह और इल्तुतमिश के बीच कौन-सा युद्ध हुआ?
Ans: भूतला का युद्ध।
Q: भूतला के युद्ध के बाद जैत्रसिंह ने राजधानी कहाँ स्थानांतरित की?
Ans: चित्तौड़।
Q: जैत्रसिंह के समय कौन-सा नगर क्षतिग्रस्त हुआ था?
Ans: नागदा।
Q: रावल शाखा के अंतिम शासक कौन थे?
Ans: रावल रतनसिंह।
Q: चित्तौड़ का प्रथम साका कब हुआ?
Ans: 1303 ई. में।
Q: 1303 ई. में चित्तौड़ पर किसने आक्रमण किया?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी ने।
Q: अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़ आक्रमण का प्रमुख सामरिक कारण क्या था?
Ans: चित्तौड़ का सामरिक एवं व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण।
Q: रानी पद्मिनी का उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?
Ans: मलिक मुहम्मद जायसी के ‘पद्मावत’ में।
Q: चित्तौड़ के प्रथम साके में केसरिया करने वाले प्रमुख वीर कौन थे?
Ans: रतनसिंह, गोरा और बादल।
Q: चित्तौड़ के प्रथम साके में जौहर का नेतृत्व किसने किया?
Ans: रानी पद्मिनी ने।
Q: चित्तौड़ के प्रथम साके का परिणाम क्या हुआ?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर अधिकार कर लिया।
Q: अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ का नाम बदलकर क्या रखा?
Ans: खिज्राबाद।
Q: खिज्राबाद नाम किसके नाम पर रखा गया था?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी के पुत्र खिज्र खाँ के नाम पर।
Q: मेवाड़ का प्राचीन नाम —
Ans: मेदपाट।
Q: गुहिल वंश के आदि पुरुष —
Ans: गुहिल।
Q: गुहिल वंश की स्थापना —
Ans: 566 ई.
Q: मेवाड़ का वास्तविक संस्थापक —
Ans: बप्पा रावल।
Q: बप्पा रावल का दूसरा नाम —
Ans: कालभोज।
Q: बप्पा रावल ने चित्तौड़ जीता —
Ans: 734 ई.
Q: बप्पा रावल ने हराया —
Ans: मान मोरी को।
Q: बप्पा रावल के गुरु —
Ans: हारित ऋषि।
Q: बप्पा रावल की राजधानी —
Ans: नागदा।
Q: मेवाड़ के शासकों के आराध्य —
Ans: एकलिंगजी।
Q: मेवाड़ में नौकरशाही का प्रारंभ —
Ans: अल्लट।
Q: अल्लट की दूसरी राजधानी —
Ans: आहड़।
Q: मध्यकालीन मेवाड़ का स्वर्णकाल —
Ans: जैत्रसिंह का शासनकाल।
Q: जैत्रसिंह ने हराया —
Ans: इल्तुतमिश को।
Q: इल्तुतमिश और जैत्रसिंह का युद्ध —
Ans: भूतला का युद्ध।
Q: रावल शाखा का अंतिम शासक —
Ans: रतनसिंह।
Q: चित्तौड़ का प्रथम साका —
Ans: 1303 ई.
Q: चित्तौड़ पर आक्रमण —
Ans: अलाउद्दीन खिलजी।
Q: प्रथम साके के प्रमुख वीर —
Ans: रतनसिंह, गोरा और बादल।
Q: प्रथम साके का जौहर —
Ans: रानी पद्मिनी के नेतृत्व में।
Q: अलाउद्दीन ने चित्तौड़ का नाम रखा —
Ans: खिज्राबाद।
सिसोदिया वंश
37 QuestionsQ: सिसोदिया वंश किस वंश की शाखा था?
Ans: गुहिल वंश की।
Q: सिसोदिया वंश का नाम किस स्थान के नाम पर पड़ा?
Ans: सिसोदा ग्राम के नाम पर।
Q: सिसोदिया शासकों ने ‘रावल’ के स्थान पर कौन-सी उपाधि धारण की?
Ans: राणा या महाराणा।
Q: सिसोदिया वंश का संस्थापक किसे माना जाता है?
Ans: राणा हम्मीर।
Q: राणा हम्मीर ने मेवाड़ पर पुनः अधिकार कब किया?
Ans: 1326 ई. में।
Q: राणा हम्मीर को किस उपाधि से जाना जाता है?
Ans: मेवाड़ का उद्धारक।
Q: राणा हम्मीर ने चित्तौड़ पर किसे हराकर अधिकार किया?
Ans: मालदेव सोनगरा के पुत्र को।
Q: राणा हम्मीर ने किस सुल्तान को सिंगोली के युद्ध में हराया?
Ans: मुहम्मद बिन तुगलक को।
Q: राणा हम्मीर को कुम्भलगढ़ प्रशस्ति में किस उपाधि से संबोधित किया गया है?
Ans: विषम घाटी पंचानन।
Q: कर्नल जेम्स टॉड ने राणा हम्मीर को क्या कहा?
Ans: प्रबल हिंदू राजा।
Q: राणा लाखा का शासनकाल क्या था?
Ans: 1382–1421 ई.
Q: राणा लाखा के समय कौन-सी खदान प्रसिद्ध हुई?
Ans: जावर की चाँदी और सीसे की खान।
Q: जावर की खानों से मेवाड़ को क्या लाभ हुआ?
Ans: राज्य की आय में वृद्धि हुई।
Q: पिछोला झील का निर्माण किसके समय हुआ?
Ans: राणा लाखा के समय।
Q: मेवाड़ का भीष्म पितामह किसे कहा जाता है?
Ans: कुँवर चूंडा को।
Q: कुँवर चूंडा ने राज्य का त्याग क्यों किया?
Ans: अपने पिता राणा लाखा के हंसाबाई से विवाह के कारण।
Q: महाराणा कुम्भा का शासनकाल क्या था?
Ans: 1433–1468 ई.
Q: महाराणा कुम्भा को किस क्षेत्र में विशेष प्रसिद्धि मिली?
Ans: स्थापत्य कला और साहित्य में।
Q: कुम्भा ने सारंगपुर के युद्ध में किसे हराया?
Ans: मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी को।
Q: सारंगपुर का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1437 ई. में।
Q: सारंगपुर की विजय की स्मृति में किस स्मारक का निर्माण कराया गया?
Ans: विजय स्तंभ का।
Q: विजय स्तंभ का निर्माण किसने करवाया?
Ans: महाराणा कुम्भा ने।
Q: महाराणा कुम्भा के समय मेवाड़ के कितने दुर्गों में से कितने दुर्गों के निर्माण का उल्लेख मिलता है?
Ans: 84 में से 32 दुर्गों का।
Q: महाराणा कुम्भा द्वारा निर्मित प्रमुख दुर्ग कौन-सा है?
Ans: कुम्भलगढ़ दुर्ग।
Q: महाराणा कुम्भा किस कला में निपुण थे?
Ans: संगीत और वीणा वादन में।
Q: महाराणा कुम्भा द्वारा रचित प्रमुख संगीत ग्रंथ कौन-सा है?
Ans: संगीतराज।
Q: महाराणा कुम्भा की अन्य प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?
Ans: संगीत मीमांसा और सुध प्रबंध।
Q: महाराणा सांगा का वास्तविक नाम क्या था?
Ans: संग्राम सिंह।
Q: महाराणा सांगा का शासनकाल क्या था?
Ans: 1509–1528 ई.
Q: महाराणा सांगा के समय मेवाड़ की स्थिति कैसी थी?
Ans: उत्तर भारत की प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा।
Q: खातोली का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1517 ई. में।
Q: खातोली के युद्ध में महाराणा सांगा ने किसे हराया?
Ans: इब्राहिम लोदी को।
Q: बाड़ी का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1518 ई. में।
Q: बाड़ी के युद्ध में महाराणा सांगा ने किसे पराजित किया?
Ans: लोदी सेना को।
Q: गागरोन के युद्ध में महाराणा सांगा ने किसे बंदी बनाया?
Ans: मालवा के महमूद खिलजी द्वितीय को।
Q: महाराणा सांगा के शरीर पर कितने घाव बताए जाते हैं?
Ans: 80 घाव।
Q: ‘सैनिकों का भग्नावशेष’ किसे कहा जाता है?
Ans: महाराणा सांगा को।
महाराणा सांगा
45 QuestionsQ: महाराणा सांगा का पूरा नाम क्या था?
Ans: महाराणा संग्राम सिंह प्रथम।
Q: महाराणा सांगा किस वंश से संबंधित थे?
Ans: सिसोदिया वंश।
Q: महाराणा सांगा के पिता कौन थे?
Ans: राणा रायमल।
Q: महाराणा सांगा का शासनकाल क्या था?
Ans: 1509–1528 ई.
Q: महाराणा सांगा की राजधानी क्या थी?
Ans: चित्तौड़गढ़।
Q: महाराणा सांगा को किन प्रमुख उपाधियों से जाना जाता है?
Ans: ‘अंतिम हिंदू सम्राट’ और ‘हिंदू पथ’।
Q: महाराणा सांगा के शरीर पर कितने घाव बताए जाते हैं?
Ans: 80 घाव।
Q: ‘सैनिकों का भग्नावशेष’ किसे कहा जाता है?
Ans: महाराणा सांगा को।
Q: खातोली का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1517 ई. में।
Q: खातोली के युद्ध में महाराणा सांगा का सामना किससे हुआ?
Ans: दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी से।
Q: खातोली के युद्ध का परिणाम क्या रहा?
Ans: महाराणा सांगा की विजय हुई।
Q: खातोली के युद्ध में महाराणा सांगा को क्या शारीरिक क्षति हुई?
Ans: उन्होंने एक हाथ और एक पैर खोया।
Q: बाड़ी का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1518 ई. में।
Q: बाड़ी के युद्ध में महाराणा सांगा का सामना किसकी सेना से हुआ?
Ans: इब्राहिम लोदी की सेना से।
Q: बाड़ी के युद्ध में लोदी सेना का सेनापति कौन था?
Ans: मियाँ माखन।
Q: बाड़ी के युद्ध का परिणाम क्या रहा?
Ans: राजपूत सेना विजयी हुई।
Q: गागरोन का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 1519 ई. में।
Q: गागरोन के युद्ध में महाराणा सांगा ने किसे पराजित किया?
Ans: मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी द्वितीय को।
Q: गागरोन युद्ध के बाद महमूद खिलजी द्वितीय के साथ क्या किया गया?
Ans: उसे बंदी बनाकर बाद में मुक्त कर दिया गया।
Q: बयाना का युद्ध कब हुआ था?
Ans: फरवरी 1527 ई. में।
Q: बयाना के युद्ध में महाराणा सांगा का सामना किससे हुआ?
Ans: मुगल सम्राट बाबर से।
Q: बयाना के युद्ध का परिणाम क्या रहा?
Ans: महाराणा सांगा की विजय हुई।
Q: खानवा का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 17 मार्च 1527 ई.।
Q: खानवा का युद्ध किनके बीच हुआ था?
Ans: महाराणा सांगा और बाबर के बीच।
Q: खानवा के युद्ध में बाबर ने कौन-सी युद्ध पद्धति अपनाई?
Ans: तुलुगमा पद्धति।
Q: खानवा के युद्ध में बाबर की प्रमुख सैन्य शक्ति क्या थी?
Ans: तोपखाना।
Q: खानवा युद्ध में सांगा की ओर से प्रमुख अफगान सहयोगी कौन था?
Ans: हसन खाँ मेवाती।
Q: खानवा युद्ध में सांगा का साथ देने वाला अन्य प्रमुख अफगान नेता कौन था?
Ans: महमूद लोदी।
Q: खानवा के युद्ध का परिणाम क्या रहा?
Ans: बाबर की विजय हुई।
Q: खानवा की हार के बाद भारत में किसकी सत्ता मजबूत हुई?
Ans: मुगल सत्ता की।
Q: खानवा युद्ध में राजपूतों की हार का प्रमुख तकनीकी कारण क्या था?
Ans: बाबर का आधुनिक तोपखाना।
Q: खानवा युद्ध में सलहदी तंवर किस स्थान से संबंधित था?
Ans: रायसेन से।
Q: खानवा युद्ध में सलहदी तंवर ने किसका साथ दिया?
Ans: बाबर का।
Q: महाराणा सांगा की मृत्यु कब हुई?
Ans: 1528 ई. में।
Q: महाराणा सांगा की मृत्यु के बाद मेवाड़ में किस प्रकार का संकट उत्पन्न हुआ?
Ans: आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार का संकट।
Q: महाराणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र कौन थे?
Ans: भोजराज।
Q: भोजराज का विवाह किस प्रसिद्ध कृष्ण भक्त से हुआ था?
Ans: मीराबाई से।
Q: रतन सिंह द्वितीय की मृत्यु किसके साथ संघर्ष में हुई?
Ans: बूँदी के सूरजमल के साथ संघर्ष में।
Q: 1535 ई. में चित्तौड़ पर किसने आक्रमण किया था?
Ans: गुजरात के बहादुर शाह ने।
Q: 1535 ई. का चित्तौड़ का साका किसके शासनकाल में हुआ?
Ans: विक्रमादित्य के शासनकाल में।
Q: 1535 ई. के चित्तौड़ साके में जौहर का नेतृत्व किसने किया?
Ans: रानी कर्मावती ने।
Q: महाराणा सांगा के सबसे छोटे पुत्र कौन थे?
Ans: उदयसिंह।
Q: उदयसिंह किस प्रसिद्ध शासक के पिता थे?
Ans: महाराणा प्रताप के।
Q: महाराणा सांगा की छतरी/समाधि कहाँ स्थित है?
Ans: मांडलगढ़, भीलवाड़ा।
Q: खानवा युद्ध के लिए राजपूत राजाओं को आमंत्रित करने की परंपरा को क्या कहा गया?
Ans: पाती परवण परंपरा।
महाराणा उदयसिंह
35 QuestionsQ: महाराणा उदयसिंह का जन्म कब हुआ था?
Ans: 1522 ई. में।
Q: महाराणा उदयसिंह के पिता कौन थे?
Ans: महाराणा सांगा।
Q: महाराणा उदयसिंह की माता कौन थीं?
Ans: रानी कर्मावती।
Q: महाराणा उदयसिंह को बनवीर से किसने बचाया था?
Ans: पन्नाधाय ने।
Q: पन्नाधाय ने उदयसिंह को बचाने के लिए क्या किया?
Ans: उदयसिंह को टोकरी में छिपाकर सुरक्षित भेज दिया और अपने पुत्र चंदन का बलिदान दिया।
Q: पन्नाधाय उदयसिंह को कहाँ लेकर गई थीं?
Ans: कुम्भलगढ़।
Q: कुम्भलगढ़ में उदयसिंह को किसने शरण दी?
Ans: आशा देवपुरा ने।
Q: उदयसिंह का राज्याभिषेक कहाँ हुआ था?
Ans: कुम्भलगढ़ में।
Q: उदयसिंह और बनवीर के बीच मावली का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1540 ई. में।
Q: मावली के युद्ध में किसकी विजय हुई?
Ans: महाराणा उदयसिंह की।
Q: मावली के युद्ध में उदयसिंह को किसका समर्थन प्राप्त था?
Ans: राव मालदेव का।
Q: उदयपुर नगर की स्थापना किसने की?
Ans: महाराणा उदयसिंह ने।
Q: उदयपुर की स्थापना कब हुई?
Ans: 1559 ई. में।
Q: महाराणा उदयसिंह ने राजधानी चित्तौड़ से उदयपुर क्यों स्थानांतरित की?
Ans: अरावली की पहाड़ियों की सामरिक सुरक्षा के कारण।
Q: उदयपुर की स्थापना के लिए कौन-सी भौगोलिक विशेषता महत्वपूर्ण थी?
Ans: अरावली की पहाड़ियाँ और पर्याप्त जल संसाधन।
Q: उदयसागर झील का निर्माण किसके समय हुआ?
Ans: महाराणा उदयसिंह के समय।
Q: उदयसागर झील का निर्माण कब शुरू हुआ?
Ans: 1559 ई. में।
Q: महाराणा उदयसिंह के समय मेवाड़ पर किस मुगल शासक ने आक्रमण किया?
Ans: अकबर ने।
Q: अकबर ने चित्तौड़ पर आक्रमण कब किया?
Ans: 1567 ई. में।
Q: चित्तौड़ का तीसरा साका किसके शासनकाल में हुआ?
Ans: महाराणा उदयसिंह के शासनकाल में।
Q: चित्तौड़ का तीसरा साका कब हुआ?
Ans: 1568 ई. में।
Q: चित्तौड़ की रक्षा का भार उदयसिंह ने किन वीरों को सौंपा?
Ans: जयमल राठौड़ और फत्ता सिसोदिया को।
Q: चित्तौड़ के तीसरे साके में प्रमुख वीर सेनापति कौन थे?
Ans: जयमल और फत्ता।
Q: चित्तौड़ के तीसरे साके में जौहर का नेतृत्व किसने किया?
Ans: रानी फूलकंवर ने।
Q: अकबर ने चित्तौड़ विजय के बाद किस घटना का आदेश दिया था?
Ans: लगभग 30,000 नागरिकों के कत्लेआम का।
Q: अकबर के विरुद्ध उदयसिंह की प्रमुख रणनीति क्या थी?
Ans: पहाड़ी क्षेत्रों में रहकर छापामार युद्ध की नींव तैयार करना।
Q: उदयसिंह ने छापामार युद्ध की पद्धति का उपयोग कहाँ किया?
Ans: अरावली के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में।
Q: उदयसिंह की मृत्यु कब हुई?
Ans: 28 फरवरी 1572 ई. को।
Q: महाराणा उदयसिंह की मृत्यु कहाँ हुई?
Ans: गोगुंदा में।
Q: उदयसिंह की मृत्यु किस दिन हुई थी?
Ans: होली के दिन।
Q: महाराणा उदयसिंह ने मृत्यु से पहले किसे उत्तराधिकारी बनाया था?
Ans: अपने छोटे पुत्र जगमाल को।
Q: उदयसिंह के बाद मेवाड़ का शासक किसे बनाया गया?
Ans: महाराणा प्रताप को।
Q: जगमाल को हटाकर महाराणा प्रताप को किसने गद्दी पर बैठाया?
Ans: मेवाड़ के सामंतों ने।
Q: उदयसिंह की छतरी कहाँ स्थित है?
Ans: गोगुंदा, उदयपुर में।
Q: महाराणा उदयसिंह के जीवन का सबसे बड़ा योगदान क्या माना जाता है?
Ans: मेवाड़ के अस्तित्व को बचाना और उदयपुर को नई राजधानी के रूप में विकसित करना।
महाराणा अमर सिंह एवं उत्तरवर्ती सिसोदिया शासक
46 QuestionsQ: महाराणा अमर सिंह किसके पुत्र थे?
Ans: महाराणा प्रताप के।
Q: महाराणा अमर सिंह का राज्याभिषेक कब हुआ?
Ans: 19 फरवरी 1597 ई. को।
Q: महाराणा अमर सिंह का राज्याभिषेक कहाँ हुआ?
Ans: चावंड में।
Q: महाराणा अमर सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1597–1620 ई.
Q: अमर सिंह के शासनकाल को किस रूप में जाना जाता है?
Ans: मेवाड़ के पुनर्गठन और स्थिरता के काल के रूप में।
Q: अमर सिंह ने सामंतों के विवादों को सुलझाने के लिए क्या किया?
Ans: नए प्रशासनिक नियम बनाए।
Q: अमर सिंह के समय किस प्रथा को बढ़ावा दिया गया?
Ans: मुस्तककिल भर्ती (स्थायी सेना)।
Q: मेवाड़-मुगल संधि कब हुई?
Ans: 5 फरवरी 1615 ई.
Q: मेवाड़-मुगल संधि किनके बीच हुई?
Ans: महाराणा अमर सिंह और मुगल सम्राट जहाँगीर के बीच।
Q: 1615 की संधि के अनुसार मुगल दरबार में महाराणा की जगह कौन जाता था?
Ans: युवराज।
Q: 1615 की संधि के अनुसार मेवाड़ को कितने घुड़सवार मुगलों को देने थे?
Ans: 1000 घुड़सवार।
Q: 1615 की संधि में चित्तौड़ दुर्ग के संबंध में क्या शर्त थी?
Ans: चित्तौड़ मेवाड़ को वापस मिला, लेकिन उसकी मरम्मत/पुनर्निर्माण पर रोक रही।
Q: क्या 1615 की संधि में मेवाड़ पर मुगलों से वैवाहिक संबंध की बाध्यता थी?
Ans: नहीं।
Q: महाराणा अमर सिंह की मृत्यु कब हुई?
Ans: 26 जनवरी 1620 ई.
Q: महाराणा अमर सिंह की मृत्यु कहाँ हुई?
Ans: आहड़, उदयपुर में।
Q: मेवाड़ के महाराणाओं के शाही स्मारक स्थल को क्या कहा जाता है?
Ans: महासतियाँ।
Q: महाराणा कर्ण सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1620–1628 ई.
Q: राजकुमार खुर्रम ने विद्रोह के समय कहाँ शरण ली थी?
Ans: पिछोला झील के जगमंदिर में।
Q: राजकुमार खुर्रम बाद में किस नाम से प्रसिद्ध हुआ?
Ans: शाहजहाँ।
Q: महाराणा कर्ण सिंह ने प्रशासनिक सुविधा के लिए राज्य को किसमें विभाजित किया?
Ans: परगनों में।
Q: कर्ण सिंह द्वारा निर्मित प्रमुख भवन कौन-से हैं?
Ans: कर्ण विलास, दिल खुश महल और बड़ा दरीखाना।
Q: महाराणा जगत सिंह प्रथम का शासनकाल क्या था?
Ans: 1628–1652 ई.
Q: जगत सिंह प्रथम ने उदयपुर में कौन-सा प्रसिद्ध मंदिर बनवाया?
Ans: जगदीश मंदिर।
Q: जगदीश मंदिर को किस नाम से भी जाना जाता है?
Ans: स्वप्न मंदिर।
Q: जगदीश मंदिर किस देवता को समर्पित है?
Ans: विष्णु को।
Q: जगन्नाथ राय प्रशस्ति के लेखक कौन थे?
Ans: कृष्ण भट्ट।
Q: जगत सिंह प्रथम ने किस दुर्ग की मरम्मत करवाने का प्रयास किया?
Ans: चित्तौड़ दुर्ग की।
Q: महाराणा राज सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1652–1680 ई.
Q: महाराणा राज सिंह का प्रमुख संघर्ष किस मुगल शासक से हुआ?
Ans: औरंगजेब से।
Q: राज सिंह ने औरंगजेब की किस कर नीति का विरोध किया?
Ans: जजिया कर का।
Q: जजिया कर का विरोध महाराणा राज सिंह ने कब किया?
Ans: 1679 ई. में।
Q: महाराणा राज सिंह ने किन प्रमुख धार्मिक मूर्तियों को संरक्षण दिया?
Ans: श्रीनाथजी और द्वारकाधीश की मूर्तियों को।
Q: श्रीनाथजी की मूर्ति को महाराणा राज सिंह ने कहाँ संरक्षण दिया?
Ans: नाथद्वारा में।
Q: द्वारकाधीश की मूर्ति को कहाँ संरक्षण दिया गया?
Ans: कांकरोली में।
Q: चारुमती विवाह प्रसंग किस महाराणा से संबंधित है?
Ans: महाराणा राज सिंह से।
Q: महाराणा राज सिंह ने किस मारवाड़ी राजकुमार को शरण दी?
Ans: अजीत सिंह को।
Q: राज सिंह ने अकाल राहत के लिए कौन-सी प्रसिद्ध झील बनवाई?
Ans: राजसमंद झील।
Q: राजसमंद झील का निर्माण किस नदी के पानी को रोककर किया गया?
Ans: गोमती नदी।
Q: राज प्रशस्ति कहाँ स्थित है?
Ans: राजसमंद झील की नौचौकी पाल पर।
Q: राज प्रशस्ति कितने काले संगमरमर के पत्थरों पर उत्कीर्ण है?
Ans: 25 पत्थरों पर।
Q: राज प्रशस्ति किस भाषा में लिखी गई है?
Ans: संस्कृत में।
Q: राज प्रशस्ति के लेखक कौन थे?
Ans: रणछोड़ भट्ट।
Q: राज प्रशस्ति किस शासक की उपलब्धियों का वर्णन करती है?
Ans: महाराणा राज सिंह की।
Q: महाराणा राज सिंह की प्रमुख उपाधि क्या थी?
Ans: विजय कटकातु।
Q: हाड़ी रानी का बलिदान किस महाराणा के काल से संबंधित है?
Ans: महाराणा राज सिंह के काल से।
Q: हाड़ी रानी के पति कौन थे?
Ans: सलूम्बर के रतन सिंह चूंडावत।
महाराणा प्रताप
50 QuestionsQ: महाराणा प्रताप का पूरा नाम क्या था?
Ans: महाराणा प्रताप सिंह।
Q: महाराणा प्रताप किस वंश से संबंधित थे?
Ans: सिसोदिया राजवंश।
Q: महाराणा प्रताप के पिता कौन थे?
Ans: महाराणा उदयसिंह द्वितीय।
Q: महाराणा प्रताप की माता कौन थीं?
Ans: जैवन्ती बाई।
Q: महाराणा प्रताप की माता जैवन्ती बाई किसकी पुत्री थीं?
Ans: पाली के अखैराज सोनगरा की।
Q: महाराणा प्रताप का जन्म कब हुआ?
Ans: 9 मई 1540 ई.।
Q: महाराणा प्रताप का जन्म कहाँ हुआ?
Ans: कुम्भलगढ़ दुर्ग के बादल महल में।
Q: महाराणा प्रताप का बचपन का नाम क्या था?
Ans: कीका।
Q: महाराणा प्रताप को ‘कीका’ किस समुदाय के लोग कहते थे?
Ans: भील समुदाय।
Q: महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक कब हुआ?
Ans: 28 फरवरी 1572 ई.।
Q: महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक कहाँ हुआ?
Ans: गोगुन्दा में।
Q: महाराणा प्रताप के राज्याभिषेक में किस सरदार की प्रमुख भूमिका थी?
Ans: कृष्णदास चूंडावत।
Q: महाराणा प्रताप के उत्तराधिकारी के रूप में उदयसिंह किसे बनाना चाहते थे?
Ans: जगमाल को।
Q: अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए कितने शिष्टमंडल भेजे?
Ans: चार।
Q: अकबर का पहला दूत कौन था?
Ans: जलाल खाँ कोरची।
Q: अकबर का दूसरा दूत कौन था?
Ans: मानसिंह।
Q: अकबर का तीसरा दूत कौन था?
Ans: भगवान दास।
Q: अकबर का चौथा दूत कौन था?
Ans: टोडरमल।
Q: हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ?
Ans: 18 जून 1576 ई.।
Q: हल्दीघाटी का युद्ध किनके बीच हुआ?
Ans: महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच।
Q: हल्दीघाटी युद्ध में मुगल सेना का नेतृत्व किसने किया?
Ans: राजा मानसिंह।
Q: महाराणा प्रताप की ओर से प्रमुख सेनापति कौन था?
Ans: हकीम खाँ सूरी।
Q: महाराणा प्रताप की सेना में भील सेनापति कौन था?
Ans: राणा पूंजा।
Q: महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम क्या था?
Ans: चेतक।
Q: हल्दीघाटी युद्ध में प्रताप को बचाने के लिए राजकीय मुकुट किसने धारण किया?
Ans: झाला बीदा।
Q: हल्दीघाटी युद्ध को ‘खमनौर का युद्ध’ किसने कहा?
Ans: अबुल फजल।
Q: हल्दीघाटी युद्ध को ‘गोगुन्दा का युद्ध’ किसने कहा?
Ans: बदायूँनी।
Q: हल्दीघाटी युद्ध के बाद प्रताप ने कौन-सी युद्ध पद्धति अपनाई?
Ans: छापामार युद्ध पद्धति।
Q: महाराणा प्रताप के संघर्ष में आर्थिक सहायता किसने दी?
Ans: भामाशाह।
Q: भामाशाह ने प्रताप को कितनी धनराशि दी?
Ans: 25 लाख रुपए और 20 हजार अशर्फियाँ।
Q: दिवेर का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1582 ई.।
Q: दिवेर के युद्ध में महाराणा प्रताप के साथ किसने वीरता दिखाई?
Ans: कुँवर अमरसिंह।
Q: दिवेर के युद्ध में मुगल सेनापति कौन था?
Ans: सुल्तान खाँ।
Q: दिवेर के युद्ध को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: मेवाड़ का मैराथन।
Q: ‘मेवाड़ का मैराथन’ किस युद्ध को कहा जाता है?
Ans: दिवेर का युद्ध।
Q: महाराणा प्रताप ने अपनी अंतिम राजधानी कहाँ बनाई?
Ans: चावंड।
Q: महाराणा प्रताप ने चावंड को राजधानी कब बनाया?
Ans: 1585 ई. के बाद।
Q: चावंड किस कला शैली के विकास के लिए प्रसिद्ध हुआ?
Ans: चावंड चित्रशैली।
Q: महाराणा प्रताप की प्रमुख उपाधि क्या थी?
Ans: हिंदुआ सूरज।
Q: महाराणा प्रताप की छतरी कहाँ स्थित है?
Ans: बांडोली, उदयपुर।
Q: महाराणा प्रताप की मृत्यु कब हुई?
Ans: 19 जनवरी 1597 ई.।
Q: महाराणा प्रताप की मृत्यु कहाँ हुई?
Ans: चावंड में।
Q: महाराणा प्रताप की मृत्यु के समय उनकी आयु कितनी थी?
Ans: 57 वर्ष।
Q: महाराणा प्रताप को मेवाड़ में किस युद्ध नीति का जनक माना जाता है?
Ans: छापामार युद्ध नीति।
Q: महाराणा प्रताप का एकमात्र मुस्लिम सेनापति कौन था?
Ans: हकीम खाँ सूरी।
Q: महाराणा प्रताप के भील सेनापति कौन थे?
Ans: राणा पूंजा।
Q: महाराणा प्रताप के जीवन का प्रमुख संघर्ष किस मुगल शासक से था?
Ans: अकबर।
Q: महाराणा प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार की थी या नहीं?
Ans: नहीं।
Q: महाराणा प्रताप की राजधानी चावंड कब तक रही?
Ans: 1597 ई. तक।
Q: महाराणा प्रताप के बाद मेवाड़ की गद्दी पर कौन बैठा?
Ans: अमरसिंह प्रथम।
आमेर के कच्छवाहा वंश
50 QuestionsQ: कच्छवाहा शासक स्वयं को किसका वंशज मानते थे?
Ans: भगवान श्रीराम के ज्येष्ठ पुत्र कुश का।
Q: आमेर के कच्छवाहा शासकों को शिलालेखों में किस उपाधि से संबोधित किया गया है?
Ans: रघुकुल तिलक।
Q: कच्छवाहा वंश का मूल पुरुष किसे माना जाता है?
Ans: दुल्हेराय।
Q: दुल्हेराय का वास्तविक नाम क्या था?
Ans: तेजकरण।
Q: दुल्हेराय को दुल्हेराय क्यों कहा गया?
Ans: उनके सुंदर रूप के कारण।
Q: दुल्हेराय ने ढूँढाड़ राज्य की नींव कब रखी?
Ans: 1137 ई.।
Q: दुल्हेराय ने किसे पराजित कर ढूँढाड़ में अपना अधिकार स्थापित किया?
Ans: बड़गूजरों को।
Q: दुल्हेराय की प्रारंभिक राजधानी कौन-सी थी?
Ans: दौसा।
Q: दुल्हेराय ने रामगढ़ में किस देवी का मंदिर बनवाया?
Ans: जमवाय माता का।
Q: कच्छवाहों की कुलदेवी कौन हैं?
Ans: जमवाय माता।
Q: रामगढ़ को ‘ढूँढाड़ का पुष्कर’ क्यों कहा जाता है?
Ans: गुलाब की खेती के कारण।
Q: आमेर पर कच्छवाहों का अधिकार किसने स्थापित किया?
Ans: कोकिलदेव।
Q: कोकिलदेव ने आमेर पर कब अधिकार किया?
Ans: 1207 ई.।
Q: कोकिलदेव ने आमेर के किस समुदाय को पराजित किया?
Ans: मीणाओं को।
Q: कोकिलदेव ने आमेर को क्या बनाया?
Ans: कच्छवाहों की राजधानी।
Q: आमेर लगभग कितने वर्षों तक कच्छवाहों का मुख्य केंद्र रहा?
Ans: लगभग 500 वर्षों तक।
Q: बारह कोटड़ी व्यवस्था किस कच्छवाहा शासक से संबंधित है?
Ans: पृथ्वीराज कच्छवाहा।
Q: पृथ्वीराज कच्छवाहा ने राज्य को कितने पुत्रों में बाँटा?
Ans: 12 पुत्रों में।
Q: बारह कोटड़ी व्यवस्था को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
Ans: भाई-बाँट प्रणाली।
Q: खानवा के युद्ध में पृथ्वीराज कच्छवाहा ने किसका साथ दिया?
Ans: राणा सांगा का।
Q: सांगानेर की स्थापना किसने की?
Ans: सांगा, जो पृथ्वीराज के पुत्र थे।
Q: पृथ्वीराज की पत्नी बालाबाई को किस नाम से जाना जाता था?
Ans: आमेर की मीरा।
Q: राजा भारमल का शासनकाल क्या था?
Ans: 1547–1573 ई.।
Q: राजा भारमल ने अकबर से भेंट कब की?
Ans: 1562 ई.।
Q: राजा भारमल ने अकबर से कहाँ भेंट की?
Ans: सांभर में।
Q: भारमल ने अकबर से भेंट किसकी सहायता से की?
Ans: चगताई खाँ की सहायता से।
Q: भारमल ने अपनी पुत्री का विवाह अकबर से कब किया?
Ans: 1562 ई.।
Q: भारमल की पुत्री का नाम क्या था?
Ans: हरकुबाई।
Q: हरकुबाई को इतिहास में किन नामों से भी जाना जाता है?
Ans: मरियम-उज्जमानी और जोधाबाई।
Q: मुगलों से वैवाहिक संबंध स्थापित करने वाले प्रथम राजपूत शासक कौन थे?
Ans: राजा भारमल।
Q: अकबर ने भारमल को कितने का मनसब दिया?
Ans: 5000 का मनसब।
Q: अकबर ने भारमल को कौन-सी उपाधि दी?
Ans: अमीर-उल-उमरा।
Q: राजा भगवंतदास किसके पुत्र थे?
Ans: राजा भारमल के।
Q: भगवंतदास का शासनकाल क्या था?
Ans: 1573–1589 ई.।
Q: भगवंतदास किस मुगल सम्राट की सेवा में थे?
Ans: अकबर की।
Q: भगवंतदास किस प्रांत के सूबेदार रहे?
Ans: पंजाब के।
Q: भगवंतदास ने किन प्रमुख अभियानों में भाग लिया?
Ans: कश्मीर और गुजरात अभियानों में।
Q: भगवंतदास की पुत्री का नाम क्या था?
Ans: मानबाई।
Q: मानबाई का विवाह किससे हुआ?
Ans: राजकुमार सलीम से।
Q: राजकुमार सलीम बाद में किस नाम से प्रसिद्ध हुए?
Ans: जहाँगीर।
Q: भगवंतदास को कितने का मनसब प्राप्त था?
Ans: 5000 का।
Q: कच्छवाहों की आराध्य देवी कौन हैं?
Ans: शीला माता।
Q: शीला माता को आमेर में किसने स्थापित किया?
Ans: मानसिंह ने।
Q: कदमी महल कहाँ स्थित है?
Ans: आमेर में।
Q: कदमी महल की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans: यह आमेर का सबसे प्राचीन महल माना जाता है।
Q: कदमी महल का उपयोग किस महत्वपूर्ण कार्य के लिए होता था?
Ans: राजाओं के राज्याभिषेक के लिए।
Q: कच्छवाहा वंश का प्रमुख क्षेत्र कौन-सा था?
Ans: ढूँढाड़।
Q: ढूँढाड़ का प्रमुख राजनीतिक केंद्र कौन-सा था?
Ans: आमेर।
Q: कच्छवाहा वंश का मुगलों से महत्वपूर्ण गठबंधन किस शासक के समय शुरू हुआ?
Ans: राजा भारमल के समय।
Q: कच्छवाहा वंश के इतिहास में 1562 ई. क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans: इसी वर्ष भारमल ने अकबर से संबंध स्थापित किया और अपनी पुत्री का विवाह अकबर से किया।
कोटा राज्य
60 QuestionsQ: कोटा का नाम किस स्थानीय शासक के नाम पर पड़ा?
Ans: कोटिया भील।
Q: कोटिया भील को किसने पराजित किया?
Ans: राव जैत्रसिंह।
Q: कोटा किस रियासत का हिस्सा था?
Ans: बूँदी।
Q: कोटा को स्वतंत्र राज्य का दर्जा कब मिला?
Ans: 1631 ई.।
Q: कोटा को स्वतंत्र रियासत की मान्यता किसने दी?
Ans: मुगल सम्राट शाहजहाँ ने।
Q: कोटा का प्रथम स्वतंत्र शासक कौन था?
Ans: राव माधोसिंह।
Q: राव माधोसिंह किसके पुत्र थे?
Ans: बूँदी के राव रतन सिंह के।
Q: राव माधोसिंह को मुगल सेवा के कारण कितने का मनसब मिला?
Ans: 5000 का।
Q: माधोसिंह ने कोटा किले में किन प्रमुख भागों का निर्माण करवाया?
Ans: पाटनपोल और यूनिधील।
Q: धरमत का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1658 ई.।
Q: धरमत के युद्ध में कोटा के किस शासक ने दारा शिकोह का साथ दिया?
Ans: राव मुकंदसिंह।
Q: धरमत के युद्ध में मुकंदसिंह की क्या स्थिति हुई?
Ans: वे वीरगति को प्राप्त हुए।
Q: ‘हाड़ौती का ताज महल’ किसे कहा जाता है?
Ans: अबली मीणी के महल को।
Q: अबली मीणी का महल किसने बनवाया?
Ans: राव मुकंदसिंह ने।
Q: किशोर सागर तालाब की मरम्मत किसने करवाई?
Ans: राव किशोरसिंह ने।
Q: किशोर विलास बाग किस शासक से संबंधित है?
Ans: राव किशोरसिंह।
Q: चांदखेड़ी जैन मंदिर का निर्माण किसके काल में हुआ?
Ans: राव किशोरसिंह के काल में।
Q: किशनगंज कस्बे की स्थापना किसने की?
Ans: राव किशोरसिंह ने।
Q: कोटा का सबसे शक्तिशाली शासक किसे माना जाता है?
Ans: महाराव भीमसिंह।
Q: महाराव भीमसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1707–1720 ई.।
Q: भीमसिंह ने कोटा का नाम बदलकर क्या रखा?
Ans: नंदग्राम।
Q: भीमसिंह ने किस अभिवादन का प्रयोग अनिवार्य किया?
Ans: “जय गोपाल”।
Q: भीमसिंह ने किस राज्य पर विजय प्राप्त की?
Ans: बूँदी।
Q: बूँदी से भीमसिंह क्या लेकर आए?
Ans: विजय नगाड़ा।
Q: कोटा में स्वतंत्र टकसाल किसने स्थापित की?
Ans: महाराव भीमसिंह।
Q: सांवरिया जी मंदिर (बारां) का निर्माण किसने करवाया?
Ans: महाराव भीमसिंह।
Q: भीमविलास महल और भीमगढ़ किला किससे संबंधित हैं?
Ans: महाराव भीमसिंह।
Q: कोटा की राजनीति में झाला जालिमसिंह का उदय किस रूप में हुआ?
Ans: फौजदार/प्रधानमंत्री के रूप में।
Q: कोटा में वास्तविक सत्ता किसके हाथों में चली गई थी?
Ans: झाला जालिमसिंह के।
Q: महाराव उम्मेदसिंह प्रथम का शासनकाल क्या था?
Ans: 1770–1819 ई.।
Q: कोटा-अंग्रेज संधि में किसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
Ans: झाला जालिमसिंह ने।
Q: कोटा और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच संधि कब हुई?
Ans: 1817 ई.।
Q: पूरक संधि कब हुई?
Ans: 1818 ई.।
Q: 1818 की व्यवस्था के अनुसार प्रशासनिक अधिकार किसके वंशजों के पास रहने थे?
Ans: झाला जालिमसिंह के वंशजों के पास।
Q: मांगरोल का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1821 ई.।
Q: मांगरोल के युद्ध में किनके बीच संघर्ष हुआ?
Ans: किशोरसिंह द्वितीय और झाला जालिमसिंह के बीच।
Q: मांगरोल युद्ध में किशोरसिंह द्वितीय की क्या स्थिति हुई?
Ans: वे पराजित हुए।
Q: किशोरसिंह द्वितीय ने पराजय के बाद कहाँ शरण ली?
Ans: नाथद्वारा।
Q: 1857 की क्रांति में कोटा के प्रमुख नेता कौन थे?
Ans: लाला जयदयाल और मेहराब खान।
Q: कोटा में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किन लोगों ने किया?
Ans: आम जनता और राजकीय सेना ने।
Q: कोटा में किस अंग्रेज पॉलिटिकल एजेंट की हत्या हुई?
Ans: मेजर बर्टन।
Q: 1857 के विद्रोह के बाद महाराव रामसिंह द्वितीय की तोपों की सलामी कितनी कर दी गई?
Ans: 17 से घटाकर 13।
Q: महाराव उम्मेदसिंह द्वितीय का शासनकाल क्या था?
Ans: 1888–1940 ई.।
Q: उम्मेदसिंह द्वितीय के काल में कोटा में किस क्षेत्र में आधुनिक विकास हुआ?
Ans: शिक्षा, अस्पताल और न्याय व्यवस्था में।
Q: कोटा के अंतिम महाराव कौन थे?
Ans: महाराव भीमसिंह द्वितीय।
Q: महाराव भीमसिंह द्वितीय कब शासक बने?
Ans: 1940 ई.।
Q: पूर्व राजस्थान संघ का गठन कब हुआ?
Ans: 25 मार्च 1948।
Q: पूर्व राजस्थान संघ की राजधानी कौन-सी बनाई गई?
Ans: कोटा।
Q: महाराव भीमसिंह द्वितीय को कौन-सा पद मिला?
Ans: राजप्रमुख।
Q: कोटा चित्रशैली किसके लिए प्रसिद्ध है?
Ans: शिकार के दृश्यों के लिए।
Q: कोटा चित्रशैली की विशेषता क्या है?
Ans: इसमें महिलाओं को भी शिकार करते हुए चित्रित किया गया है।
Q: कोटा का प्रमुख महल कौन-सा है?
Ans: गढ़ पैलेस।
Q: गढ़ पैलेस किस नदी के किनारे स्थित है?
Ans: चंबल नदी।
Q: मथुराधीश मंदिर किस संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है?
Ans: वल्लभ संप्रदाय।
Q: कोटा डोरिया किसके लिए प्रसिद्ध है?
Ans: विशेष बुनाई कला के लिए।
Q: कोटा डोरिया के विकास से किस स्थान से आए बुनकर जुड़े माने जाते हैं?
Ans: मैसूर।
Q: कोटा राज्य का इतिहास किस राजवंश से जुड़ा है?
Ans: हाड़ा चौहान वंश।
Q: कोटा किस भौगोलिक क्षेत्र का प्रमुख राज्य था?
Ans: हाड़ौती।
Q: कोटा की स्वतंत्रता का प्रमुख वर्ष कौन-सा है?
Ans: 1631 ई.।
Q: कोटा के इतिहास में 1857 ई. क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans: यहाँ लाला जयदयाल और मेहराब खान के नेतृत्व में बड़ा विद्रोह हुआ था।
सिरोही के देवड़ा चौहान एवं बूँदी के हाड़ा चौहान
64 QuestionsQ: सिरोही के चौहानों की शाखा का नाम क्या था?
Ans: देवड़ा चौहान।
Q: देवड़ा चौहान किस चौहान शाखा से निकले थे?
Ans: जालोर के चौहानों से।
Q: सिरोही के देवड़ा चौहान वंश के वास्तविक संस्थापक कौन थे?
Ans: राव लुम्बा।
Q: राव लुम्बा ने सिरोही क्षेत्र में कब अधिकार स्थापित किया?
Ans: 1311 ई.।
Q: राव लुम्बा ने किन क्षेत्रों पर अधिकार किया?
Ans: आबू और चन्द्रावती।
Q: राव लुम्बा ने किस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया?
Ans: अचलेश्वर महादेव मंदिर।
Q: राव शिवभान ने कौन-सा नगर बसाया?
Ans: शिवपुरी।
Q: शिवपुरी नगर की स्थापना किसने की?
Ans: राव शिवभान।
Q: राव शिवभान ने शिवपुरी नगर कब बसाया?
Ans: 1405 ई.।
Q: वर्तमान सिरोही नगर की स्थापना किसने की?
Ans: राव सहसमल।
Q: सिरोही नगर की स्थापना कब हुई?
Ans: 1425 ई.।
Q: राव लाखा का शासनकाल क्या था?
Ans: 1451–1483 ई.।
Q: राव लाखा ने कौन-सा तालाब बनवाया?
Ans: लाखनाव तालाब।
Q: राव अखैराज ने किस प्रसिद्ध युद्ध में भाग लिया?
Ans: खानवा का युद्ध।
Q: खानवा के युद्ध में राव अखैराज ने किसका साथ दिया?
Ans: महाराणा सांगा का।
Q: राव अखैराज का दूसरा नाम क्या था?
Ans: उड़ना अखैराज।
Q: सिरोही के राव सुरताण का सबसे प्रसिद्ध युद्ध कौन-सा था?
Ans: दत्ताणी का युद्ध।
Q: दत्ताणी का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1583 ई.।
Q: दत्ताणी के युद्ध में राव सुरताण ने किसे पराजित किया?
Ans: मुगल समर्थित सेना को।
Q: दत्ताणी युद्ध में कौन मारा गया था?
Ans: जगमाल।
Q: जगमाल किसका भाई था?
Ans: महाराणा प्रताप का।
Q: राव सुरताण के दरबार के प्रसिद्ध कवि कौन थे?
Ans: दुसा आढा।
Q: दुसा आढा की प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?
Ans: ‘विरुद छतहरी’ और ‘किरतार बावनी’।
Q: सिरोही ने अंग्रेजों से सुरक्षा संधि कब की?
Ans: 11 सितंबर 1823।
Q: सिरोही को किस रूप में महत्वपूर्ण माना गया है?
Ans: राजस्थान की अंतिम रियासत जिसने अंग्रेजों से सुरक्षा संधि की।
Q: बूँदी राज्य की स्थापना किसने की?
Ans: राव देवा।
Q: राव देवा का दूसरा नाम क्या था?
Ans: देवी सिंह।
Q: बूँदी राज्य की स्थापना कब हुई?
Ans: 1241 ई.।
Q: राव देवा ने किसे पराजित कर बूँदी पर अधिकार किया?
Ans: मीणा शासक जेता को।
Q: हाड़ौती नाम किस राजवंश से संबंधित है?
Ans: हाड़ा चौहान।
Q: बूँदी का प्रसिद्ध तारागढ़ दुर्ग किसने बनवाया?
Ans: राव बरसिंह।
Q: बूँदी के तारागढ़ दुर्ग का निर्माण कब हुआ?
Ans: 1354 ई.।
Q: राव सुरजन हाड़ा के समय कौन-सा महत्वपूर्ण समझौता हुआ?
Ans: रणथंभौर का समझौता।
Q: रणथंभौर का समझौता कब हुआ?
Ans: 1569 ई.।
Q: राव सुरजन हाड़ा ने किस मुगल शासक से संधि की?
Ans: अकबर।
Q: राव सुरजन ने अकबर से संधि किसकी मध्यस्थता से की?
Ans: मानसिंह की।
Q: राव सुरजन के दरबार में कौन-से प्रसिद्ध कवि थे?
Ans: चंद्रशेखर।
Q: चंद्रशेखर ने कौन-से ग्रंथ लिखे?
Ans: ‘सुरजन चरित्र’ और ‘हम्मीर हठ’।
Q: जहाँगीर ने राव रतन सिंह को कौन-सी उपाधि दी?
Ans: सरबुलंद राय।
Q: बूँदी चित्रकला शैली का विकास किसके समय शुरू हुआ?
Ans: राव रतन सिंह के समय।
Q: राव शत्रुशाल ने किस युद्ध में भाग लिया?
Ans: सामूगढ़ का युद्ध।
Q: सामूगढ़ का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1658 ई.।
Q: सामूगढ़ के युद्ध में राव शत्रुशाल ने किसका साथ दिया?
Ans: दारा शिकोह का।
Q: राव शत्रुशाल की मृत्यु कैसे हुई?
Ans: युद्ध में वीरगति प्राप्त हुई।
Q: बूँदी की रानीजी की बावड़ी किसने बनवाई?
Ans: रानी नाथावती।
Q: रानी नाथावती किसकी रानी थीं?
Ans: राव अनिरुद्ध सिंह की।
Q: रानीजी की बावड़ी को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: बावड़ियों का सिरमौर।
Q: बूँदी में मराठों के प्रवेश का प्रमुख कारण क्या था?
Ans: उत्तराधिकार संघर्ष।
Q: राव बुद्धसिंह के संघर्ष से किस शक्ति को राजस्थान में हस्तक्षेप का अवसर मिला?
Ans: मराठों को।
Q: राव बुद्धसिंह की रानी ने किस मराठा सरदार से सहायता माँगी?
Ans: मल्हारराव होलकर।
Q: बूँदी के प्रसिद्ध दरबारी कवि सूर्यमल मिश्रण किसके समय थे?
Ans: महाराव रामसिंह।
Q: सूर्यमल मिश्रण की प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?
Ans: ‘वंश भास्कर’ और ‘वीर सतसई’।
Q: बूँदी की प्रसिद्ध चित्रशाला किस शासक से संबंधित है?
Ans: महाराव उम्मेद सिंह।
Q: बूँदी चित्रशैली किसके चित्रण के लिए प्रसिद्ध है?
Ans: पशु-पक्षियों और भित्ति चित्रों के लिए।
Q: बूँदी को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: City of Stepwells।
Q: बूँदी का प्रमुख दुर्ग कौन-सा है?
Ans: तारागढ़ दुर्ग।
Q: सिरोही और बूँदी दोनों के शासक किस वंश की शाखाएँ थे?
Ans: चौहान वंश।
Q: सिरोही के चौहान किस शाखा के थे?
Ans: देवड़ा चौहान।
Q: बूँदी के चौहान किस शाखा के थे?
Ans: हाड़ा चौहान।
Q: सिरोही के देवड़ा चौहानों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण युद्ध घटना कौन-सी है?
Ans: 1583 ई. का दत्ताणी युद्ध।
Q: बूँदी के हाड़ा चौहानों के इतिहास की महत्वपूर्ण मुगल घटना कौन-सी है?
Ans: 1569 ई. का रणथंभौर समझौता।
Q: सिरोही की अंतिम अंग्रेजी सुरक्षा संधि कब हुई?
Ans: 11 सितंबर 1823।
Q: बूँदी की प्रसिद्ध स्थापत्य पहचान क्या है?
Ans: तारागढ़, रानीजी की बावड़ी और चित्रशाला।
Q: सिरोही की प्रमुख धार्मिक स्थापत्य पहचान क्या है?
Ans: अचलेश्वर महादेव मंदिर और अचलगढ़ क्षेत्र।
नाडोल के चौहान एवं जालोर के सोनगरा चौहान
50 QuestionsQ: नाडोल के चौहान किस शाखा से संबंधित थे?
Ans: चौहान वंश की नाडोल शाखा।
Q: नाडोल के चौहान वंश का संस्थापक कौन था?
Ans: लक्ष्मण चौहान।
Q: लक्ष्मण चौहान ने नाडोल में सत्ता कब स्थापित की?
Ans: 960 ई.।
Q: लक्ष्मण चौहान किसके पुत्र थे?
Ans: सांभर के राजा वाक्पतिराज के।
Q: लक्ष्मण चौहान ने नाडोल में किस देवी का मंदिर बनवाया?
Ans: आशापुरा माता का।
Q: नाडोल शाखा के अहिल चौहान का संबंध किस आक्रमण से जुड़ा है?
Ans: महमूद गजनवी के सोमनाथ अभियान से।
Q: अहिल चौहान ने किसकी सेना को चुनौती दी थी?
Ans: महमूद गजनवी की सेना को।
Q: पृथ्वीपाल चौहान ने किस शासक को पराजित किया था?
Ans: गुजरात के कर्ण चालुक्य को।
Q: कल्हण चौहान ने 1178 ई. में किसका साथ दिया था?
Ans: गुजरात के मूलराज द्वितीय का।
Q: कायदरा के युद्ध में कल्हण ने किसके विरुद्ध सहायता की थी?
Ans: मुहम्मद गौरी के विरुद्ध।
Q: नाडोल चौहान शाखा का जालोर चौहानों में विलय किसके समय हुआ?
Ans: सामंत सिंह के समय।
Q: नाडोल शाखा लगभग कब जालोर चौहानों में विलीन हुई?
Ans: 1205 ई. के आसपास।
Q: जालोर के चौहान किस नाम से प्रसिद्ध हुए?
Ans: सोनगरा चौहान।
Q: जालोर के चौहानों को सोनगरा क्यों कहा गया?
Ans: स्वर्णगिरी पहाड़ी के कारण।
Q: जालोर राज्य का संस्थापक कौन था?
Ans: कीर्तिपाल चौहान।
Q: कीर्तिपाल ने जालोर पर कब अधिकार किया?
Ans: 1181 ई.।
Q: कीर्तिपाल ने जालोर से किस वंश को हटाया?
Ans: परमारों को।
Q: जालोर का प्राचीन नाम क्या था?
Ans: जाबालिपुर।
Q: जालोर के किले के प्रमुख नाम क्या हैं?
Ans: सुवर्णगिरी, कंचनगिरी और सोनगढ़।
Q: जालोर के किले की प्राचीर और शस्त्रागार के निर्माण का श्रेय किसे दिया गया है?
Ans: समरसिंह को।
Q: जालोर का अंतिम प्रमुख नायक किसे माना जाता है?
Ans: कान्हड़देव चौहान।
Q: कान्हड़देव का शासनकाल क्या था?
Ans: 1305–1311 ई.।
Q: अलाउद्दीन खिलजी की सेना को 1299 ई. में रास्ता देने से किसने मना किया?
Ans: कान्हड़देव ने।
Q: अलाउद्दीन खिलजी के विरुद्ध जालोर संघर्ष का प्रमुख कारण क्या था?
Ans: जालोर की स्वतंत्रता और खिलजी की विस्तारवादी नीति।
Q: सिवाना का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1308 ई.।
Q: सिवाना दुर्ग को किस नाम से जाना जाता था?
Ans: जालोर दुर्ग की कुंजी।
Q: सिवाना का शासक कौन था?
Ans: शीतलदेव।
Q: शीतलदेव किससे संबंधित थे?
Ans: कान्हड़देव के भतीजे थे।
Q: सिवाना युद्ध में अलाउद्दीन की सेना ने किसकी सहायता ली?
Ans: भावले पंवार की।
Q: सिवाना के जल स्रोत का नाम क्या था?
Ans: भांडेलाव तालाब।
Q: सिवाना के युद्ध में कौन वीरगति को प्राप्त हुआ?
Ans: शीतलदेव।
Q: अलाउद्दीन खिलजी ने सिवाना का नाम बदलकर क्या रखा?
Ans: खैराबाद।
Q: जालोर का निर्णायक युद्ध कब हुआ?
Ans: 1311 ई.।
Q: कान्हड़देव के किस सेनापति ने विश्वासघात किया?
Ans: बीका दहिया।
Q: बीका दहिया ने किसे किले का गुप्त रास्ता बताया?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी को।
Q: जालोर युद्ध में कान्हड़देव के साथ कौन वीरगति को प्राप्त हुआ?
Ans: उनके पुत्र वीरमदेव।
Q: जालोर के अंतिम साके में जौहर का नेतृत्व किसने किया?
Ans: रानी जैतलदे ने।
Q: जालोर विजय के बाद अलाउद्दीन ने इसका नाम क्या रखा?
Ans: जलालाबाद।
Q: जालोर के संघर्ष का सबसे प्रसिद्ध साहित्यिक स्रोत कौन-सा है?
Ans: कान्हड़दे प्रबंध।
Q: ‘कान्हड़दे प्रबंध’ के लेखक कौन हैं?
Ans: पद्मनाभ।
Q: ‘वीरमदेव सोनगरा री वात’ के लेखक कौन हैं?
Ans: पद्मनाभ।
Q: ‘नैणसी री ख्यात’ के लेखक कौन हैं?
Ans: मुहणोत नैणसी।
Q: जालोर के चौहानों की वंशावली के लिए कौन-सा ग्रंथ महत्वपूर्ण है?
Ans: नैणसी री ख्यात।
Q: खिलजी के आक्रमण का मुस्लिम दृष्टिकोण किस ग्रंथ में मिलता है?
Ans: तारीख-ए-फरिश्ता।
Q: जालोर के युद्ध में कान्हड़देव की वीरता का प्रमुख स्रोत कौन-सा है?
Ans: कान्हड़दे प्रबंध।
Q: नाडोल के चौहानों की कुलदेवी किसे बताया गया है?
Ans: आशापुरा माता।
Q: नाडोल और जालोर के चौहान इतिहास में प्रमुख संघर्ष किस सुल्तान से हुआ?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी से।
Q: सिवाना और जालोर के युद्ध किस शासक के अभियान से संबंधित हैं?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी।
Q: सिवाना विजय के बाद खिलजी ने कौन-सा नाम रखा?
Ans: खैराबाद।
Q: जालोर विजय के बाद खिलजी ने कौन-सा नाम रखा?
Ans: जलालाबाद।
रणथम्भौर के चौहान वंश
58 QuestionsQ: रणथम्भौर के चौहान वंश की स्थापना किसने की?
Ans: गोविन्दराज ने।
Q: रणथम्भौर में चौहान सत्ता की स्थापना कब हुई?
Ans: 1194 ई.।
Q: गोविन्दराज किसके पुत्र थे?
Ans: पृथ्वीराज चौहान तृतीय के।
Q: गोविन्दराज को अजमेर का शासन किसने सौंपा था?
Ans: कुतुबुद्दीन ऐबक ने।
Q: गोविन्दराज ने रणथम्भौर को क्यों चुना?
Ans: स्वतंत्र राज्य स्थापित करने और चौहान शक्ति को पुनर्गठित करने के लिए।
Q: रणथम्भौर के चौहान वंश का प्रमुख प्रारंभिक शासक कौन था?
Ans: गोविन्दराज।
Q: वीर नारायण का संघर्ष किस सुल्तान से हुआ?
Ans: इल्तुतमिश से।
Q: वीर नारायण की मृत्यु किस प्रकार हुई?
Ans: संधि के बहाने दिल्ली बुलाकर विष देकर।
Q: वीर नारायण के बाद रणथम्भौर की सत्ता किसने संभाली?
Ans: वाग्भट्ट ने।
Q: वाग्भट्ट ने किन सुल्तानों की सेनाओं का सामना किया?
Ans: नसीरुद्दीन महमूद और बलबन की सेनाओं का।
Q: वाग्भट्ट की प्रमुख युद्ध नीति क्या थी?
Ans: छापामार युद्ध नीति।
Q: जैत्रसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1250–1282 ई.।
Q: जैत्रसिंह ने कितने वर्षों तक शासन किया?
Ans: लगभग 32 वर्ष।
Q: हम्मीर देव चौहान का शासनकाल क्या था?
Ans: 1282–1301 ई.।
Q: हम्मीर देव चौहान का राज्यारोहण कब हुआ?
Ans: 1282 ई.।
Q: हम्मीर देव की प्रमुख नीति क्या थी?
Ans: दिग्विजय और राज्य विस्तार।
Q: हम्मीर देव ने धार के किस शासक को पराजित किया?
Ans: भोज द्वितीय को।
Q: हम्मीर देव ने किस मेवाड़ी शासक को पराजित किया?
Ans: समर सिंह को।
Q: हम्मीर देव ने विजयों के उपलक्ष्य में कौन-सा यज्ञ करवाया?
Ans: कोटियज्ञ।
Q: हम्मीर के कोटियज्ञ के पुरोहित कौन थे?
Ans: विश्वरूप।
Q: जलालुद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर पर कब आक्रमण किया?
Ans: 1290–1292 ई. के दौरान।
Q: रणथम्भौर की कुंजी किस दुर्ग को कहा जाता था?
Ans: झाईन दुर्ग।
Q: झाईन पर किसने अधिकार किया?
Ans: जलालुद्दीन खिलजी की सेना ने।
Q: जलालुद्दीन खिलजी रणथम्भौर को क्यों नहीं जीत सका?
Ans: चौहानों की मजबूत दुर्ग-रक्षा के कारण।
Q: अलाउद्दीन खिलजी और हम्मीर देव का निर्णायक युद्ध कब हुआ?
Ans: 1301 ई.।
Q: हम्मीर देव ने किस विद्रोही को शरण दी थी?
Ans: मंगोल विद्रोही मुहम्मद शाह को।
Q: हम्मीर देव की प्रसिद्ध नीति क्या थी?
Ans: शरणागत की रक्षा।
Q: अलाउद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर पर किन सेनापतियों को भेजा?
Ans: उलुग खान और नुसरत खान को।
Q: रणथम्भौर के युद्ध में खिलजी का कौन-सा सेनापति मारा गया?
Ans: नुसरत खान।
Q: नुसरत खान की मृत्यु कैसे हुई?
Ans: पत्थर लगने से।
Q: अलाउद्दीन खिलजी को स्वयं रणथम्भौर क्यों आना पड़ा?
Ans: लंबे घेराव के बावजूद सफलता न मिलने के कारण।
Q: हम्मीर देव के किन सेनापतियों ने विश्वासघात किया?
Ans: रणमल और रतिपाल ने।
Q: रणमल और रतिपाल ने किसकी सहायता की?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी की।
Q: विश्वासघातियों ने खिलजी को क्या जानकारी दी?
Ans: किले के गुप्त रास्तों और खाद्य आपूर्ति की।
Q: रणथम्भौर का प्रथम साका कब हुआ?
Ans: 1301 ई.।
Q: रणथम्भौर के साके में जौहर का नेतृत्व किसने किया?
Ans: रानी रंगदेवी ने।
Q: रानी रंगदेवी ने किस प्रकार का जौहर किया?
Ans: जल जौहर।
Q: रणथम्भौर में जल जौहर कहाँ हुआ?
Ans: पदमला तालाब में।
Q: हम्मीर देव का अंतिम युद्ध किससे हुआ?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी की सेना से।
Q: हम्मीर देव चौहान का अंत कब हुआ?
Ans: 1301 ई. में।
Q: रणथम्भौर पर खिलजी का अधिकार कब हुआ?
Ans: 11 जुलाई 1301 ई.।
Q: रणथम्भौर दुर्ग को किस प्रकार का दुर्ग बताया गया है?
Ans: एरण दुर्ग और गिरि दुर्ग का मिश्रण।
Q: रणथम्भौर दुर्ग के बारे में अबुल फजल ने क्या कहा?
Ans: इसे बख्तरबंद दुर्ग के रूप में वर्णित किया।
Q: रणथम्भौर का प्रसिद्ध गणेश मंदिर कौन-सा है?
Ans: त्रिनेत्र गणेश मंदिर।
Q: हम्मीर देव ने अपने पिता की स्मृति में क्या बनवाया?
Ans: न्याय की छतरी।
Q: हम्मीर देव ने कौन-सा ग्रंथ लिखा था?
Ans: ‘श्रृंगार हार’।
Q: हम्मीर देव के गुरु कौन थे?
Ans: राघवदेव।
Q: हम्मीर देव के दरबार के प्रसिद्ध कवि कौन थे?
Ans: बीजादित्य।
Q: ‘हम्मीर महाकाव्य’ के लेखक कौन हैं?
Ans: नयनचन्द्र सूरी।
Q: ‘खजाइन-उल-फुतुह’ के लेखक कौन हैं?
Ans: अमीर खुसरो।
Q: ‘हम्मीर रासो’ के लेखक कौन बताए गए हैं?
Ans: जोधराज/सारंगधर।
Q: ‘हम्मीर हठ’ के लेखक कौन हैं?
Ans: चंद्रशेखर।
Q: रणथम्भौर के चौहानों के इतिहास का प्रमुख संस्कृत स्रोत कौन-सा है?
Ans: हम्मीर महाकाव्य।
Q: अलाउद्दीन खिलजी के रणथम्भौर अभियान का प्रमुख स्रोत कौन-सा है?
Ans: खजाइन-उल-फुतुह।
Q: हम्मीर देव किस गुण के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं?
Ans: हठ और शरणागत वत्सलता।
Q: रणथम्भौर चौहानों के पतन का प्रमुख कारण क्या था?
Ans: आंतरिक विश्वासघात और अलाउद्दीन खिलजी का शक्तिशाली आक्रमण।
Q: रणथम्भौर के चौहान इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना कौन-सी है?
Ans: 1301 ई. का हम्मीर-अलाउद्दीन संघर्ष।
Q: हम्मीर देव चौहान को किस रूप में याद किया जाता है?
Ans: वीरता, हठ और शरणागत की रक्षा के प्रतीक के रूप में।
राजस्थान में अंग्रेजों का प्रभाव एवं 1857 की क्रांति
68 QuestionsQ: राजस्थान में अंग्रेजों का प्रभाव किस शताब्दी में तेजी से बढ़ा?
Ans: 19वीं शताब्दी में।
Q: 1818 ई. में अंग्रेजों ने किस क्षेत्र पर अधिकार किया?
Ans: अजमेर पर।
Q: अजमेर पर अधिकार किसे पराजित करके किया गया?
Ans: दौलतराव सिंधिया को।
Q: 1832 ई. में अजमेर को क्या बनाया गया?
Ans: राजपूताना में अंग्रेजों का मुख्यालय।
Q: 1832 ई. में प्रथम A.G.G. कौन नियुक्त हुआ?
Ans: जॉर्ज लॉरेन्स।
Q: A.G.G. का पूरा नाम क्या है?
Ans: Agent to the Governor General।
Q: A.G.G. का मुख्य कार्य क्या था?
Ans: राजपूताना की रियासतों पर निगरानी और ब्रिटिश हितों की रक्षा।
Q: A.G.G. का मुख्यालय अजमेर से कहाँ स्थानांतरित हुआ?
Ans: माउंट आबू।
Q: A.G.G. मुख्यालय माउंट आबू कब स्थानांतरित हुआ?
Ans: 1845 ई.।
Q: 1857 की क्रांति के समय राजस्थान का A.G.G. कौन था?
Ans: पैट्रिक लॉरेन्स।
Q: मेर बटालियन का गठन कब हुआ?
Ans: 1822–23 ई.।
Q: मेर बटालियन का मुख्यालय कहाँ था?
Ans: ब्यावर।
Q: 1857 में मेर बटालियन ने क्या भूमिका निभाई?
Ans: क्रांति में भाग नहीं लिया।
Q: शेखावाटी बटालियन का गठन कब हुआ?
Ans: 1834 ई.।
Q: शेखावाटी बटालियन का मुख्यालय कहाँ था?
Ans: सीकर।
Q: जोधपुर लीजन का गठन कब हुआ?
Ans: 1835 ई.।
Q: जोधपुर लीजन का मुख्यालय कहाँ था?
Ans: एरिनपुरा।
Q: कोटा कंटिन्जेंट का गठन कब हुआ?
Ans: 1838 ई.।
Q: कोटा कंटिन्जेंट के प्रमुख मुख्यालय कौन-से थे?
Ans: नीमच, देवली और आगरा।
Q: मेवाड़ भील कोर का गठन कब हुआ?
Ans: 1841 ई.।
Q: मेवाड़ भील कोर का मुख्यालय कहाँ था?
Ans: खेरवाड़ा।
Q: राजस्थान में 1857 की क्रांति की शुरुआत कहाँ से हुई?
Ans: नसीराबाद छावनी से।
Q: नसीराबाद विद्रोह कब हुआ?
Ans: 28 मई 1857।
Q: नसीराबाद विद्रोह में किस बटालियन ने भाग लिया?
Ans: 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री।
Q: नसीराबाद विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
Ans: बख्तावर सिंह।
Q: नसीराबाद में किन अंग्रेज अधिकारियों की हत्या हुई?
Ans: स्पोटिसवुड और न्यूबेरी।
Q: नसीराबाद के क्रांतिकारी दिल्ली की ओर कब रवाना हुए?
Ans: 18 जून 1857।
Q: नीमच में विद्रोह कब हुआ?
Ans: 3 जून 1857।
Q: नीमच विद्रोह के प्रमुख नेता कौन थे?
Ans: तीरासिंह और मोहम्मद अली बेग।
Q: मोहम्मद अली बेग ने किससे राजभक्ति की शपथ लेने से इनकार किया?
Ans: अंग्रेज अधिकारी एबॉट से।
Q: एरिनपुरा विद्रोह कब हुआ?
Ans: 21 अगस्त 1857।
Q: एरिनपुरा विद्रोह के प्रारंभिक नेता कौन थे?
Ans: शीतल प्रसाद, तिलकराम और मोती खाँ।
Q: एरिनपुरा के बाद क्रांतिकारियों ने किसे अपना नेता बनाया?
Ans: ठाकुर कुशलसिंह।
Q: ठाकुर कुशलसिंह किस ठिकाने के जागीरदार थे?
Ans: आऊवा।
Q: 1857 की क्रांति का प्रसिद्ध नारा क्या था?
Ans: “चलो दिल्ली, मारो फिरंगी”।
Q: कुशलसिंह ने किन मंदिरों को क्रांति केंद्र बनाया?
Ans: सुगाली माता मंदिर और काजेश्वर महादेव मंदिर।
Q: बिठौड़ा का युद्ध कब हुआ?
Ans: 8 सितम्बर 1857।
Q: बिठौड़ा युद्ध में क्रांतिकारी सेना का नेतृत्व किसने किया?
Ans: ठाकुर कुशलसिंह।
Q: बिठौड़ा युद्ध में जोधपुर सेना का नेतृत्व किसने किया?
Ans: अनाड़ सिंह।
Q: बिठौड़ा युद्ध में कौन मारा गया?
Ans: अनाड़ सिंह और अंग्रेज अधिकारी हीथकोट।
Q: चेलावास (आऊवा) युद्ध कब हुआ?
Ans: 18 सितम्बर 1857।
Q: चेलावास युद्ध में क्रांतिकारी पक्ष का नेतृत्व किसने किया?
Ans: ठाकुर कुशलसिंह।
Q: चेलावास युद्ध में संयुक्त सेना का नेतृत्व किसने किया?
Ans: A.G.G. पैट्रिक लॉरेन्स।
Q: चेलावास युद्ध में मारवाड़ का पॉलिटिकल एजेंट कौन मारा गया?
Ans: मैक मेसन।
Q: चेलावास युद्ध को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
Ans: आऊवा युद्ध या मारवाड़ का काला-गोरा युद्ध।
Q: चेलावास युद्ध में किस अंग्रेज अधिकारी को पीछे हटना पड़ा?
Ans: पैट्रिक लॉरेन्स।
Q: 1857 में मेवाड़ का शासक कौन था?
Ans: महाराणा स्वरूप सिंह।
Q: मेवाड़ का पॉलिटिकल एजेंट कौन था?
Ans: के. शावर्स।
Q: 1857 में मारवाड़ का शासक कौन था?
Ans: तख्त सिंह।
Q: मारवाड़ का पॉलिटिकल एजेंट कौन था?
Ans: मैक मेसन।
Q: 1857 में जयपुर का शासक कौन था?
Ans: रामसिंह द्वितीय।
Q: जयपुर का पॉलिटिकल एजेंट कौन था?
Ans: कर्नल ईडन।
Q: 1857 में कोटा का शासक कौन था?
Ans: रामसिंह द्वितीय।
Q: कोटा का पॉलिटिकल एजेंट कौन था?
Ans: मेजर बर्टन।
Q: 1857 में भरतपुर का शासक कौन था?
Ans: जसवंत सिंह।
Q: भरतपुर का पॉलिटिकल एजेंट कौन था?
Ans: मॉरिसन।
Q: 1857 में बीकानेर का शासक कौन था?
Ans: सरदार सिंह।
Q: 1857 में करौली का शासक कौन था?
Ans: मदन सिंह।
Q: राजस्थान में 1857 की क्रांति का प्रथम प्रमुख केंद्र कौन-सा था?
Ans: नसीराबाद।
Q: राजस्थान में 1857 की क्रांति का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र किसे माना गया?
Ans: एरिनपुरा।
Q: आऊवा विद्रोह के प्रमुख नेता कौन थे?
Ans: ठाकुर कुशलसिंह।
Q: कुशलसिंह किस ठिकाने से संबंधित थे?
Ans: आऊवा।
Q: राजस्थान की 1857 क्रांति का निर्णायक संघर्ष कौन-सा माना गया?
Ans: चेलावास युद्ध।
Q: चेलावास युद्ध में किस अंग्रेज अधिकारी की मृत्यु हुई?
Ans: मैक मेसन।
Q: आऊवा पर अंग्रेजों ने कब अधिकार किया?
Ans: 20 जनवरी 1860।
Q: ठाकुर कुशलसिंह ने आत्मसमर्पण कब किया?
Ans: 8 अगस्त 1860।
Q: कुशलसिंह के बाद आऊवा क्रांति का नेतृत्व किसने किया?
Ans: आसोप के जागीरदार शिवनाथ सिंह।
Q: किस आयोग ने कुशलसिंह को आरोपों से मुक्त किया?
Ans: टेलर आयोग।
महाराणा राजसिंह
40 QuestionsQ: महाराणा राजसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1652–1680 ई.
Q: महाराणा राजसिंह का राज्याभिषेक कब हुआ?
Ans: 10 अक्टूबर 1652 ई.
Q: महाराणा राजसिंह की प्रमुख उपाधि क्या थी?
Ans: विजय कटकातु।
Q: महाराणा राजसिंह का मुख्य संघर्ष किस मुगल शासक से था?
Ans: औरंगजेब।
Q: राजसिंह ने किस मुगल-मेवाड़ संधि की शर्त का उल्लंघन कर चित्तौड़ की मरम्मत करवाई?
Ans: 1615 की संधि।
Q: चित्तौड़ की मरम्मत के विरोध में औरंगजेब ने किसे भेजा?
Ans: सादुल्ला खाँ।
Q: महाराणा राजसिंह ने जजिया कर का विरोध कब किया?
Ans: 1679 ई.
Q: जजिया कर के विरोध में राजसिंह ने किसे पत्र लिखा?
Ans: औरंगजेब को।
Q: श्रीनाथजी की मूर्ति को राजसिंह ने कहाँ संरक्षण दिया?
Ans: नाथद्वारा में।
Q: द्वारकाधीश की मूर्ति को राजसिंह ने कहाँ स्थापित करवाया?
Ans: कांकरोली में।
Q: राजकुमारी चारुमती किस राज्य से संबंधित थीं?
Ans: किशनगढ़।
Q: चारुमती विवाह प्रसंग किस वर्ष हुआ?
Ans: 1660 ई.
Q: चारुमती के विवाह के कारण राजसिंह का संघर्ष किससे हुआ?
Ans: औरंगजेब से।
Q: राजसिंह ने मारवाड़ के किस राजकुमार को शरण दी?
Ans: अजीत सिंह को।
Q: राजसिंह ने दुर्गादास राठौड़ को कौन-सी जागीर दी?
Ans: केलवा की जागीर।
Q: राजसिंह ने मुगलों के विरुद्ध किस सैन्य अभियान का प्रयोग किया?
Ans: टीका दौड़।
Q: राजसमंद झील का निर्माण किसने करवाया?
Ans: महाराणा राजसिंह ने।
Q: राजसमंद झील का निर्माण कब से कब तक हुआ?
Ans: 1662–1676 ई.
Q: राजसमंद झील का निर्माण किस नदी के पानी को रोककर किया गया?
Ans: गोमती नदी।
Q: राजसमंद झील के निर्माण का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Ans: अकाल राहत और जनहित।
Q: राजप्रशस्ति कहाँ उत्कीर्ण है?
Ans: राजसमंद झील की नौचौकी पाल पर।
Q: राजप्रशस्ति कितनी काली शिलाओं पर उत्कीर्ण है?
Ans: 25 शिलाओं पर।
Q: राजप्रशस्ति किस भाषा में लिखी गई है?
Ans: संस्कृत।
Q: राजप्रशस्ति के लेखक कौन थे?
Ans: रणछोड़ भट्ट तैलंग।
Q: राजप्रशस्ति में किन शासकों का इतिहास मिलता है?
Ans: बप्पा रावल से महाराणा राजसिंह तक।
Q: महाराणा राजसिंह के समय कौन-सी प्रसिद्ध धार्मिक मूर्ति मेवाड़ लाई गई?
Ans: श्रीनाथजी की मूर्ति।
Q: श्रीनाथजी मंदिर कहाँ स्थित है?
Ans: नाथद्वारा।
Q: द्वारकाधीश मंदिर कहाँ स्थित है?
Ans: कांकरोली।
Q: अंबा माता मंदिर कहाँ स्थित है?
Ans: उदयपुर।
Q: हाड़ी रानी के पति कौन थे?
Ans: रतन सिंह चूंडावत।
Q: हाड़ी रानी का दूसरा नाम क्या था?
Ans: सहैल कंवर।
Q: हाड़ी रानी का बलिदान किस उद्देश्य से जुड़ा था?
Ans: पति को कर्तव्य पथ से विचलित होने से रोकना।
Q: राजसिंह के दरबार के प्रमुख विद्वान कौन थे?
Ans: रणछोड़ भट्ट, सदाशिव भट्ट, किशोरदास और मुकुंद।
Q: रणछोड़ भट्ट की प्रमुख रचना क्या थी?
Ans: राजप्रशस्ति।
Q: सदाशिव भट्ट की प्रमुख रचना क्या थी?
Ans: राजरत्नाकर।
Q: किशोरदास की प्रमुख रचना क्या थी?
Ans: राजप्रकाश।
Q: मुकुंद की प्रमुख रचना क्या थी?
Ans: राजसिंहाष्टक।
Q: ‘विजय कटकातु’ किसकी उपाधि थी?
Ans: महाराणा राजसिंह।
Q: राजसिंह ने औरंगजेब की किस नीति का विरोध किया?
Ans: जजिया कर और धार्मिक दमन की नीति।
Q: महाराणा राजसिंह की मृत्यु कब हुई?
Ans: 1680 ई.
मेवाड़
58 QuestionsQ: महाराणा अमरसिंह द्वितीय का शासनकाल क्या था?
Ans: 1698–1710 ई.
Q: अमरसिंह द्वितीय ने सामंतों को कितनी श्रेणियों में बाँटा?
Ans: 16 और 32।
Q: मेवाड़ के प्रथम श्रेणी के सामंतों को क्या कहा जाता था?
Ans: सोलह (16) उमराव।
Q: मेवाड़ के द्वितीय श्रेणी के सामंत कितने थे?
Ans: 32।
Q: देबारी समझौता कब हुआ?
Ans: 1708 ई.
Q: देबारी समझौते में कौन-कौन शामिल थे?
Ans: अमरसिंह द्वितीय, अजीत सिंह और सवाई जयसिंह।
Q: देबारी समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans: राजपूतों को एकजुट कर उनकी खोई रियासतें वापस दिलाना।
Q: अमरसिंह द्वितीय की पुत्री का नाम क्या था?
Ans: चंद्र कंवर।
Q: चंद्र कंवर का विवाह किससे हुआ?
Ans: सवाई जयसिंह से।
Q: संग्राम सिंह द्वितीय का शासनकाल क्या था?
Ans: 1710–1734 ई.
Q: सहेलियों की बाड़ी का निर्माण किसने करवाया?
Ans: महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय।
Q: वैद्यनाथ मंदिर किसके काल में बना?
Ans: संग्राम सिंह द्वितीय।
Q: वैद्यनाथ प्रशस्ति के रचयिता कौन थे?
Ans: रूप भट्ट।
Q: महाराणा जगत सिंह द्वितीय का शासनकाल क्या था?
Ans: 1734–1751 ई.
Q: हुरड़ा सम्मेलन कब हुआ?
Ans: 17 जुलाई 1734 ई.
Q: हुरड़ा सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की?
Ans: महाराणा जगत सिंह द्वितीय।
Q: हुरड़ा सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans: मराठों के बढ़ते प्रभाव को रोकना।
Q: हुरड़ा सम्मेलन कहाँ हुआ था?
Ans: हुरड़ा, भीलवाड़ा।
Q: हुरड़ा सम्मेलन असफल क्यों हुआ?
Ans: राजपूत शासकों के आपसी अविश्वास के कारण।
Q: महाराणा भीमसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1778–1828 ई.
Q: कृष्णा कुमारी विवाद किस वर्ष हुआ?
Ans: 1810 ई.
Q: कृष्णा कुमारी किस राज्य की राजकुमारी थीं?
Ans: मेवाड़।
Q: कृष्णा कुमारी विवाद में किन दो राज्यों के शासक प्रमुख रूप से शामिल थे?
Ans: जयपुर और मारवाड़।
Q: कृष्णा कुमारी की मृत्यु कैसे हुई?
Ans: विष देकर आत्मबलिदान कराया गया।
Q: मेवाड़ की अंग्रेजों से सहायक संधि कब हुई?
Ans: 13 जनवरी 1818 ई.
Q: 1818 की संधि के समय मेवाड़ का शासक कौन था?
Ans: महाराणा भीमसिंह।
Q: 1818 की संधि पर मेवाड़ की ओर से किसने हस्ताक्षर किए?
Ans: ठाकुर अजीत सिंह।
Q: महाराणा स्वरूप सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1842–1861 ई.
Q: महाराणा स्वरूप सिंह ने डाकण प्रथा पर रोक कब लगाई?
Ans: 1853 ई.
Q: डाकण प्रथा पर रोक कहाँ लगाई गई?
Ans: खेरवाड़ा।
Q: मेवाड़ में सती प्रथा को कब समाप्त किया गया?
Ans: 1861 ई.
Q: महाराणा स्वरूप सिंह ने 1857 में अंग्रेज परिवारों को कहाँ शरण दी?
Ans: जगमंदिर।
Q: महाराणा सज्जन सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1874–1884 ई.
Q: महेन्द्राज सभा की स्थापना कब हुई?
Ans: 1880 ई.
Q: सज्जनगढ़ का निर्माण किसने शुरू करवाया?
Ans: महाराणा सज्जन सिंह।
Q: महाराणा फतेह सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1884–1921 ई.
Q: ‘चेतावनी रा चूँगट्या’ किसने लिखे थे?
Ans: केसरी सिंह बारहट।
Q: ‘चेतावनी रा चूँगट्या’ में कितने सोरठे थे?
Ans: 13।
Q: ‘चेतावनी रा चूँगट्या’ किस अवसर पर फतेह सिंह को भेजे गए?
Ans: 1903 के दिल्ली दरबार के अवसर पर।
Q: बिजौलिया किसान आंदोलन का प्रथम चरण किसके शासनकाल में शुरू हुआ?
Ans: महाराणा फतेह सिंह।
Q: महाराणा भूपाल सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1930–1948 ई.
Q: मेवाड़ का अंतिम शासक कौन था?
Ans: महाराणा भूपाल सिंह।
Q: मेवाड़ का राजस्थान संघ में विलय कब हुआ?
Ans: 18 अप्रैल 1948।
Q: भूपाल सिंह को राजस्थान में कौन-सा पद मिला?
Ans: महाराज प्रमुख।
Q: राजस्थान के प्रथम महाराज प्रमुख कौन थे?
Ans: महाराणा भूपाल सिंह।
Q: मेवाड़ भील कोर (MBC) की स्थापना कब हुई?
Ans: 1841 ई.
Q: मेवाड़ भील कोर की स्थापना किस महाराणा के समय हुई?
Ans: महाराणा सरदार सिंह।
Q: मेवाड़ भील कोर की स्थापना कहाँ हुई?
Ans: खेरवाड़ा।
Q: स्वरूपशाही सिक्के किस महाराणा ने चलाए?
Ans: महाराणा स्वरूप सिंह।
Q: ‘वीर विनोद’ के लेखक कौन थे?
Ans: कविराज श्यामलदास।
Q: फतेहसागर झील के कनाट बाँध का शिलान्यास किसने किया था?
Ans: ड्यूक ऑफ कनॉट।
Q: अमरसिंह द्वितीय के शासनकाल की प्रमुख राजनीतिक घटना क्या थी?
Ans: देबारी समझौता।
Q: संग्राम सिंह द्वितीय के शासनकाल की प्रमुख पहचान क्या थी?
Ans: कला एवं स्थापत्य का विकास।
Q: जगत सिंह द्वितीय के शासनकाल की प्रमुख घटना क्या थी?
Ans: हुरड़ा सम्मेलन।
Q: भीमसिंह के शासनकाल की प्रमुख संधि कौन-सी थी?
Ans: 1818 की सहायक संधि।
Q: स्वरूप सिंह किस क्षेत्र में सुधारों के लिए प्रसिद्ध हैं?
Ans: सामाजिक सुधार।
Q: सज्जन सिंह किस क्षेत्र में सुधारों के लिए प्रसिद्ध हैं?
Ans: प्रशासनिक एवं न्यायिक सुधार।
Q: भूपाल सिंह किस ऐतिहासिक प्रक्रिया से जुड़े हैं?
Ans: राजस्थान का एकीकरण।
राजा मानसिंह प्रथम
90 QuestionsQ: राजा मानसिंह प्रथम का जन्म कब हुआ?
Ans: 1550 ई.
Q: राजा मानसिंह प्रथम का जन्म कहाँ हुआ था?
Ans: मौजमाबाद।
Q: मानसिंह प्रथम किस राजवंश से संबंधित थे?
Ans: आमेर के कच्छवाहा राजवंश से।
Q: मानसिंह प्रथम किस मुगल सम्राट के प्रमुख सेनापति थे?
Ans: अकबर।
Q: अकबर ने मानसिंह को कौन-सी उपाधि दी थी?
Ans: फर्जन्द।
Q: मानसिंह को 'मिर्जा राजा' की उपाधि किसने दी?
Ans: अकबर ने।
Q: मानसिंह को कितना मनसब प्राप्त था?
Ans: 7000 जात और 6000 सवार।
Q: मानसिंह को 7000 का मनसब किसने प्रदान किया?
Ans: अकबर ने।
Q: हल्दीघाटी के युद्ध में मुगल सेना का नेतृत्व किसने किया?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम ने।
Q: हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ?
Ans: 18 जून 1576 ई.
Q: हल्दीघाटी के युद्ध में मानसिंह किसके विरुद्ध लड़े?
Ans: महाराणा प्रताप के विरुद्ध।
Q: मानसिंह ने काबुल में किन विद्रोहियों को पराजित किया?
Ans: पाँच विद्रोही कबीलों को।
Q: पचरंगा झंडे का संबंध किससे है?
Ans: मानसिंह प्रथम की काबुल विजय से।
Q: पचरंगा झंडे में कितने रंग थे?
Ans: पाँच।
Q: मानसिंह ने बंगाल में किस राजा को पराजित किया?
Ans: राजा केदार को।
Q: मानसिंह ने किस क्षेत्र को पहली बार मुगल साम्राज्य में शामिल कराया?
Ans: उड़ीसा।
Q: मानसिंह काबुल के सूबेदार कब बने?
Ans: 1585 ई.
Q: मानसिंह बिहार के सूबेदार कब रहे?
Ans: 1587–1594 ई.
Q: बिहार में मानसिंह ने किन राजाओं को पराजित किया?
Ans: गिद्धौर और खड़गपुर के राजाओं को।
Q: मानसिंह बंगाल के सूबेदार कब बने?
Ans: 1594 ई.
Q: मानसिंह ने बंगाल में कौन-सी नई राजधानी स्थापित की?
Ans: अकबरनगर (राजमहल)।
Q: आमेर के प्रसिद्ध महलों के निर्माण में किसका योगदान था?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम का।
Q: जगत शिरोमणि मंदिर किसने बनवाया?
Ans: रानी कनकावती ने।
Q: रानी कनकावती ने जगत शिरोमणि मंदिर किसकी स्मृति में बनवाया?
Ans: अपने पुत्र जगतसिंह की स्मृति में।
Q: जगत शिरोमणि मंदिर में किसकी पूजा से जुड़ी मूर्ति मानी जाती है?
Ans: मीराबाई द्वारा पूजित मूर्ति।
Q: शिला माता की मूर्ति मानसिंह कहाँ से लाए थे?
Ans: जेसौर (बंगाल) से।
Q: आमेर की इष्ट देवी कौन हैं?
Ans: शिला माता।
Q: वृंदावन में मानसिंह ने कौन-सा प्रसिद्ध मंदिर बनवाया?
Ans: राधा-गोविंद मंदिर।
Q: बैराठ में मानसिंह ने क्या बनवाया?
Ans: पंचमहल।
Q: ब्लू पॉटरी और मीनाकारी कला को आमेर लाने का श्रेय किसे दिया गया है?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम को।
Q: ब्लू पॉटरी और मीनाकारी कला मानसिंह कहाँ से लाए?
Ans: पर्शिया से लाहौर होते हुए आमेर।
Q: मानसिंह के दरबार के प्रसिद्ध विद्वान कौन थे?
Ans: पुंडरीक विठ्ठल, मुरारीदान और जगन्नाथ।
Q: 'रागमाला' के लेखक कौन थे?
Ans: पुंडरीक विठ्ठल।
Q: 'मान प्रकाश' के लेखक कौन थे?
Ans: मुरारीदान।
Q: 'कीर्ति मुक्तावली' के लेखक कौन थे?
Ans: जगन्नाथ।
Q: मानसिंह प्रथम के समकालीन प्रसिद्ध संत कौन थे?
Ans: दादूदयाल।
Q: मानसिंह प्रथम का शासनकाल क्या था?
Ans: 1589–1614 ई.
Q: मानसिंह प्रथम की मृत्यु कब हुई?
Ans: 1614 ई.
Q: मानसिंह प्रथम की मृत्यु कहाँ हुई?
Ans: एलिचपुर, महाराष्ट्र।
Q: रोहतासगढ़ में महल का निर्माण किसने करवाया?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम।
Q: मानसिंह का प्रथम राज्याभिषेक कहाँ हुआ था?
Ans: पटना, बिहार।
Q: मानसिंह का विधिवत राज्याभिषेक कहाँ हुआ?
Ans: आमेर।
Q: अकबर के समय 7000 मनसब प्राप्त करने वाले प्रमुख राजपूत राजा कौन थे?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम।
Q: आमेर की सांस्कृतिक पहचान में मानसिंह का प्रमुख योगदान क्या था?
Ans: स्थापत्य, ब्लू पॉटरी और मीनाकारी का विकास।
Q: राजा मानसिंह प्रथम की प्रमुख पहचान क्या थी?
Ans: अकबर के विश्वसनीय सेनापति और आमेर के शक्तिशाली कच्छवाहा शासक।
Q: राजा मानसिंह प्रथम का जन्म कब हुआ था?
Ans: 1550 ई.
Q: मानसिंह प्रथम का जन्म कहाँ हुआ था?
Ans: मौजमाबाद।
Q: मानसिंह प्रथम किस वंश के शासक थे?
Ans: कच्छवाहा वंश।
Q: मानसिंह प्रथम किस मुगल सम्राट के प्रमुख सेनापति थे?
Ans: अकबर।
Q: अकबर ने मानसिंह को कौन-सी उपाधि दी थी?
Ans: फर्जन्द।
Q: मानसिंह को 'मिर्जा राजा' की उपाधि किसने दी?
Ans: अकबर ने।
Q: मानसिंह को कितना मनसब प्राप्त था?
Ans: 7000 जात और 6000 सवार।
Q: हल्दीघाटी के युद्ध में मुगल सेना का नेतृत्व किसने किया था?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम ने।
Q: हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ था?
Ans: 18 जून 1576 ई.
Q: हल्दीघाटी में मानसिंह किसके विरुद्ध लड़े?
Ans: महाराणा प्रताप के विरुद्ध।
Q: मानसिंह ने काबुल में किसे पराजित किया?
Ans: पाँच विद्रोही कबीलों को।
Q: काबुल विजय से जुड़ा आमेर का प्रसिद्ध झंडा कौन-सा था?
Ans: पचरंगा झंडा।
Q: पचरंगा झंडे में कितने रंग थे?
Ans: पाँच।
Q: मानसिंह ने बंगाल में किस राजा को पराजित किया?
Ans: राजा केदार को।
Q: मानसिंह के प्रयासों से कौन-सा क्षेत्र मुगल साम्राज्य में शामिल हुआ?
Ans: उड़ीसा।
Q: मानसिंह काबुल के सूबेदार कब बने?
Ans: 1585 ई.
Q: मानसिंह बिहार के सूबेदार कब रहे?
Ans: 1587–1594 ई.
Q: बिहार में मानसिंह ने किन राजाओं को पराजित किया?
Ans: गिद्धौर और खड़गपुर के राजाओं को।
Q: मानसिंह बंगाल के सूबेदार कब बने?
Ans: 1594 ई.
Q: मानसिंह ने बंगाल में कौन-सी नई राजधानी स्थापित की?
Ans: अकबरनगर (राजमहल)।
Q: आमेर दुर्ग के निर्माण-विकास में किसका प्रमुख योगदान था?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम का।
Q: जगत शिरोमणि मंदिर किसने बनवाया?
Ans: रानी कनकावती ने।
Q: जगत शिरोमणि मंदिर किसकी स्मृति में बनवाया गया था?
Ans: जगतसिंह की स्मृति में।
Q: आमेर की इष्ट देवी कौन हैं?
Ans: शिला माता।
Q: शिला माता की मूर्ति मानसिंह कहाँ से लाए थे?
Ans: जेसौर से।
Q: मानसिंह ने वृंदावन में कौन-सा प्रसिद्ध मंदिर बनवाया?
Ans: राधा-गोविंद मंदिर।
Q: बैराठ में मानसिंह ने क्या बनवाया?
Ans: पंचमहल।
Q: ब्लू पॉटरी और मीनाकारी कला को आमेर लाने का श्रेय किसे दिया जाता है?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम को।
Q: मानसिंह ये हस्तकलाएँ कहाँ से लाए थे?
Ans: पर्शिया से लाहौर होते हुए आमेर।
Q: मानसिंह के दरबार के प्रमुख विद्वान कौन थे?
Ans: पुंडरीक विठ्ठल, मुरारीदान और जगन्नाथ।
Q: 'रागमाला' के लेखक कौन थे?
Ans: पुंडरीक विठ्ठल।
Q: 'मान प्रकाश' के लेखक कौन थे?
Ans: मुरारीदान।
Q: 'कीर्ति मुक्तावली' के लेखक कौन थे?
Ans: जगन्नाथ।
Q: मानसिंह प्रथम के समकालीन प्रसिद्ध संत कौन थे?
Ans: दादूदयाल।
Q: मानसिंह प्रथम का शासनकाल क्या था?
Ans: 1589–1614 ई.
Q: मानसिंह प्रथम की मृत्यु कब हुई?
Ans: 1614 ई.
Q: मानसिंह प्रथम की मृत्यु कहाँ हुई?
Ans: एलिचपुर, महाराष्ट्र।
Q: रोहतासगढ़ में महल का निर्माण किसने करवाया?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम।
Q: मानसिंह का प्रथम राज्याभिषेक कहाँ हुआ था?
Ans: पटना।
Q: मानसिंह का विधिवत राज्याभिषेक कहाँ हुआ था?
Ans: आमेर।
Q: अकबर के समय 7000 का मनसब पाने वाले प्रमुख राजपूत राजा कौन थे?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम।
Q: मानसिंह प्रथम की प्रमुख पहचान क्या थी?
Ans: अकबर के विश्वसनीय सेनापति और आमेर के शक्तिशाली कच्छवाहा शासक।
Q: मानसिंह प्रथम से संबंधित प्रमुख युद्ध कौन-कौन से थे?
Ans: हल्दीघाटी, काबुल और बंगाल अभियान।
Q: मानसिंह प्रथम की प्रमुख सांस्कृतिक उपलब्धि क्या थी?
Ans: स्थापत्य, मंदिर निर्माण तथा ब्लू पॉटरी और मीनाकारी का संरक्षण।
Q: राजा मानसिंह प्रथम का प्रमुख मुगल सम्राट से संबंध किस रूप में था?
Ans: अकबर के विश्वसनीय सेनापति और उच्च मनसबदार के रूप में।
मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम
40 QuestionsQ: मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम का पूरा नाम क्या था?
Ans: जयसिंह प्रथम।
Q: मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम का शासनकाल क्या था?
Ans: 1621–1667 ई.
Q: जयसिंह प्रथम के पिता कौन थे?
Ans: राजा महासिंह।
Q: जयसिंह प्रथम ने कितनी आयु में आमेर की सत्ता संभाली?
Ans: 11 वर्ष की आयु में।
Q: जयसिंह प्रथम ने कितने वर्षों तक शासन किया?
Ans: लगभग 46 वर्ष।
Q: जयसिंह प्रथम को 'मिर्जा राजा' की उपाधि किसने दी?
Ans: शाहजहाँ ने।
Q: मिर्जा राजा जयसिंह को कितना मनसब प्राप्त था?
Ans: 6000 जात और 6000 सवार।
Q: जयसिंह प्रथम ने किन-किन मुगल सम्राटों की सेवा की?
Ans: जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब।
Q: जयसिंह ने जहाँगीर के समय किसके विरुद्ध अभियानों में भाग लिया?
Ans: मलिक अंबर के विरुद्ध।
Q: शाहजहाँ के समय जयसिंह ने किन प्रमुख अभियानों में भाग लिया?
Ans: कंधार, बीजापुर और गोलकुंडा अभियानों में।
Q: औरंगजेब के समय जयसिंह की प्रमुख भूमिका क्या थी?
Ans: मुगल सेनापति और कूटनीतिज्ञ की।
Q: पुरंदर की संधि कब हुई?
Ans: 11 जून 1665 ई.
Q: पुरंदर की संधि किनके बीच हुई?
Ans: मिर्जा राजा जयसिंह और शिवाजी महाराज के बीच।
Q: पुरंदर की संधि में शिवाजी ने कितने किले मुगलों को सौंपे?
Ans: 23 किले।
Q: पुरंदर की संधि के समय शिवाजी के पुत्र का नाम क्या था?
Ans: संभाजी।
Q: संभाजी को मुगल दरबार में कितना मनसब दिया गया?
Ans: 5000 का मनसब।
Q: जयसिंह की सबसे प्रसिद्ध कूटनीतिक उपलब्धि कौन-सी थी?
Ans: पुरंदर की संधि।
Q: जयगढ़ किले का निर्माण किस उद्देश्य से किया गया था?
Ans: आमेर दुर्ग और राजकोष की सुरक्षा के लिए।
Q: जयगढ़ किले की प्रसिद्ध तोप का नाम क्या है?
Ans: जयबाण तोप।
Q: जयबाण तोप कहाँ स्थित है?
Ans: जयगढ़ किले में।
Q: आमेर दुर्ग के प्रमुख निर्माणों में किनका योगदान था?
Ans: दीवाने-आम, दीवाने-खास, शीश महल और गणेश पोल।
Q: गणेश पोल किस दुर्ग में स्थित है?
Ans: आमेर दुर्ग में।
Q: केसर क्यारी और दिल-ए-आराम बाग कहाँ स्थित हैं?
Ans: मावठा झील के किनारे आमेर में।
Q: जयसिंह प्रथम के दरबार के प्रसिद्ध कवि कौन थे?
Ans: बिहारी।
Q: बिहारी की प्रसिद्ध रचना कौन-सी है?
Ans: बिहारी सतसई।
Q: बिहारी सतसई के रचयिता कौन थे?
Ans: कवि बिहारी।
Q: कुलपति मिश्र ने लगभग कितने ग्रंथों की रचना की?
Ans: 52 ग्रंथों की।
Q: 'जयसिंह चरित्र' के लेखक कौन थे?
Ans: रामकवि।
Q: जयसिंह प्रथम ने संस्कृत शिक्षा के लिए कहाँ विद्यालय/वेदशाला बनवाई?
Ans: बनारस (वाराणसी) में।
Q: बहादुरपुर का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1658 ई.
Q: बहादुरपुर के युद्ध में जयसिंह ने किसका साथ दिया?
Ans: दाराशिकोह का।
Q: बाद में जयसिंह ने किस मुगल राजकुमार का समर्थन किया?
Ans: औरंगजेब का।
Q: जयसिंह प्रथम की मृत्यु कब हुई?
Ans: 1667 ई.
Q: जयसिंह प्रथम की मृत्यु कहाँ हुई?
Ans: बुरहानपुर।
Q: जयसिंह प्रथम की प्रमुख पहचान क्या थी?
Ans: आमेर का शक्तिशाली शासक, मुगल सेनापति और कुशल कूटनीतिज्ञ।
Q: जयसिंह प्रथम के शासनकाल की प्रमुख विशेषता क्या थी?
Ans: सैन्य शक्ति, कूटनीति, साहित्य और स्थापत्य का विकास।
Q: जयसिंह प्रथम के समय भारत आने वाले प्रमुख यूरोपीय यात्री कौन थे?
Ans: मनुची और बर्नियर।
Q: मिर्जा राजा जयसिंह किस राजवंश से संबंधित थे?
Ans: आमेर के कच्छवाहा राजवंश से।
Q: जयसिंह प्रथम ने शिवाजी को किस संधि के लिए विवश किया?
Ans: पुरंदर की संधि।
Q: मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहचान क्या है?
Ans: तीन मुगल सम्राटों की सेवा करने वाले आमेर के प्रमुख कच्छवाहा शासक।
सवाई जयसिंह द्वितीय
55 QuestionsQ: सवाई जयसिंह द्वितीय का वास्तविक नाम क्या था?
Ans: विजयसिंह।
Q: सवाई जयसिंह द्वितीय का जन्म/राज्यारोहण किस आयु में हुआ?
Ans: 11 वर्ष की आयु में।
Q: सवाई जयसिंह द्वितीय का राज्यारोहण कब हुआ?
Ans: 1700 ई.
Q: सवाई जयसिंह द्वितीय का शासनकाल क्या था?
Ans: 1700–1743 ई.
Q: सवाई जयसिंह द्वितीय किस राजवंश से संबंधित थे?
Ans: कच्छवाहा राजवंश।
Q: 'सवाई' की उपाधि किसने दी?
Ans: मुगल सम्राट औरंगजेब ने।
Q: 'सवाई' का अर्थ क्या है?
Ans: सवा गुना योग्य/श्रेष्ठ।
Q: सवाई जयसिंह ने उत्तराधिकार युद्ध में किसका साथ दिया?
Ans: आजम शाह का।
Q: बहादुरशाह प्रथम ने आमेर का नाम क्या रखा?
Ans: मोमिनाबाद।
Q: सवाई जयसिंह ने किस राजपूत शासकों के साथ गठबंधन किया?
Ans: मेवाड़ के अमरसिंह द्वितीय और मारवाड़ के अजीत सिंह के साथ।
Q: जयपुर नगर की स्थापना कब हुई?
Ans: 18 नवंबर 1727 ई.
Q: जयपुर नगर के संस्थापक कौन थे?
Ans: सवाई जयसिंह द्वितीय।
Q: जयपुर का नगर नियोजन किसने किया?
Ans: विद्याधर भट्टाचार्य।
Q: जयपुर किस नगर नियोजन प्रणाली पर आधारित था?
Ans: ग्रिड प्रणाली/नौ खंडों के सिद्धांत पर।
Q: जयपुर की सड़कों की प्रमुख विशेषता क्या थी?
Ans: सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90°) पर काटती हैं।
Q: जयपुर शहर को किससे घेरा गया था?
Ans: परकोटे से।
Q: सवाई जयसिंह ने कितनी वेधशालाएँ बनवाईं?
Ans: पाँच।
Q: सवाई जयसिंह की पाँच वेधशालाएँ कहाँ थीं?
Ans: दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा।
Q: सवाई जयसिंह द्वारा बनवाई गई सबसे पहली वेधशाला कौन-सी थी?
Ans: दिल्ली वेधशाला।
Q: सबसे बड़ी जंतर-मंतर वेधशाला कहाँ है?
Ans: जयपुर में।
Q: जयपुर जंतर-मंतर को UNESCO विश्व धरोहर में कब शामिल किया गया?
Ans: 2010 में।
Q: मथुरा की जंतर-मंतर वेधशाला की वर्तमान स्थिति क्या है?
Ans: अब अस्तित्व में नहीं है।
Q: सवाई जयसिंह की प्रमुख खगोलीय सारणी का नाम क्या था?
Ans: जीज मोहम्मद शाही।
Q: 'जयसिंह कारिका' किस विषय से संबंधित है?
Ans: ज्योतिष/खगोल विज्ञान।
Q: जंतर-मंतर का सबसे प्रसिद्ध यंत्र कौन-सा है?
Ans: सम्राट यंत्र।
Q: सम्राट यंत्र का प्रमुख उपयोग क्या है?
Ans: समय और खगोलीय गणनाओं के लिए।
Q: जंतर-मंतर के अन्य प्रमुख यंत्र कौन-से हैं?
Ans: जयप्रकाश यंत्र और राम यंत्र।
Q: सवाई जयसिंह ने जयपुर में किस प्रमुख मंदिर को विशेष संरक्षण दिया?
Ans: गोविन्द देव जी मंदिर।
Q: गोविन्द देव जी को सवाई जयसिंह किस रूप में मानते थे?
Ans: जयपुर का वास्तविक राजा।
Q: सवाई जयसिंह स्वयं को गोविन्द देव जी का क्या मानते थे?
Ans: दीवान।
Q: जल महल कहाँ स्थित है?
Ans: मानसागर झील के बीच।
Q: नाहरगढ़ का प्रारंभिक नाम क्या था?
Ans: सुदर्शनगढ़।
Q: नाहरगढ़ का निर्माण किस उद्देश्य से किया गया था?
Ans: जयपुर की सुरक्षा के लिए।
Q: हुरड़ा सम्मेलन कब हुआ?
Ans: 17 जुलाई 1734 ई.
Q: हुरड़ा सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans: मराठों के विरुद्ध राजपूतों को एकजुट करना।
Q: हुरड़ा सम्मेलन कहाँ हुआ?
Ans: हुरड़ा, भीलवाड़ा।
Q: हुरड़ा सम्मेलन की योजना किसने बनाई थी?
Ans: सवाई जयसिंह द्वितीय ने।
Q: हुरड़ा सम्मेलन असफल क्यों हुआ?
Ans: राजपूत शासकों की आपसी फूट/अविश्वास के कारण।
Q: सवाई जयसिंह ने अश्वमेध यज्ञ कब करवाया?
Ans: 1740 ई.
Q: सवाई जयसिंह के अश्वमेध यज्ञ के पुरोहित कौन थे?
Ans: पुंडरीक रत्नाकर।
Q: सवाई जयसिंह किस प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए प्रसिद्ध हैं?
Ans: अश्वमेध यज्ञ।
Q: सवाई जयसिंह के दरबार के प्रमुख विद्वान कौन थे?
Ans: पुंडरीक रत्नाकर, श्रीकृष्ण भट्ट, नयनसुख और जगन्नाथ सम्राट।
Q: 'जयसिंह कल्पद्रुम' के लेखक कौन थे?
Ans: पुंडरीक रत्नाकर।
Q: 'राघव गीतं' और 'पद्य मुक्तावली' के लेखक कौन थे?
Ans: श्रीकृष्ण भट्ट।
Q: यूक्लिड की ज्यामिति का अरबी से संस्कृत में अनुवाद किसने किया?
Ans: नयनसुख।
Q: 'सिद्धांत सम्राट' और 'यंत्र राज' के लेखक कौन थे?
Ans: जगन्नाथ सम्राट।
Q: जयपुर की स्थापना में प्रमुख वास्तुकार कौन थे?
Ans: विद्याधर भट्टाचार्य।
Q: सवाई जयसिंह ने कुल कितने मुगल सम्राटों का काल देखा?
Ans: सात।
Q: जयपुर के जंतर-मंतर की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans: विशाल खगोलीय यंत्रों द्वारा सटीक खगोलीय गणना।
Q: सवाई जयसिंह द्वितीय की मृत्यु कब हुई?
Ans: 1743 ई.
Q: सवाई जयसिंह द्वितीय का सबसे महत्वपूर्ण योगदान क्या माना जाता है?
Ans: जयपुर की स्थापना और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में जंतर-मंतर का निर्माण।
Q: सवाई जयसिंह द्वितीय को किस क्षेत्र में विशेष रूप से प्रसिद्ध माना जाता है?
Ans: नगर नियोजन और खगोल विज्ञान।
Q: जयपुर को सुनियोजित नगर बनाने में किस शास्त्रीय सिद्धांत का प्रयोग हुआ?
Ans: नौ खंडों के सिद्धांत का।
Q: जयपुर के परकोटे में कितने प्रमुख दरवाजों का उल्लेख है?
Ans: सात।
Q: सवाई जयसिंह द्वितीय के समय मराठों के विरुद्ध कौन-सा सम्मेलन महत्वपूर्ण था?
Ans: हुरड़ा सम्मेलन, 1734।
सवाई जयसिंह द्वितीय के बाद जयपुर
60 QuestionsQ: सवाई जयसिंह द्वितीय के बाद जयपुर का शासक कौन बना?
Ans: सवाई ईश्वरीसिंह।
Q: सवाई ईश्वरीसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1743–1750 ई.
Q: ईश्वरीसिंह किसके ज्येष्ठ पुत्र थे?
Ans: सवाई जयसिंह द्वितीय के।
Q: ईश्वरीसिंह का मुख्य उत्तराधिकार संघर्ष किससे हुआ?
Ans: अपने सौतेले भाई माधोसिंह प्रथम से।
Q: माधोसिंह प्रथम अपने उत्तराधिकार का दावा किस आधार पर करता था?
Ans: उसकी माता चंद्र कंवर मेवाड़ की राजकुमारी थीं।
Q: राजमहल का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1747 ई.
Q: राजमहल के युद्ध में ईश्वरीसिंह का साथ किसने दिया?
Ans: सूरजमल भरतपुर ने।
Q: राजमहल के युद्ध में माधोसिंह का साथ किन्होंने दिया?
Ans: मराठा, बूंदी और कोटा की सेनाओं ने।
Q: राजमहल के युद्ध का परिणाम क्या रहा?
Ans: ईश्वरीसिंह की विजय।
Q: राजमहल की विजय की स्मृति में ईश्वरीसिंह ने क्या बनवाया?
Ans: सरगासूली/ईसरलाट।
Q: सरगासूली किसे कहा जाता है?
Ans: ईसरलाट को।
Q: सरगासूली कहाँ स्थित है?
Ans: जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में।
Q: बगरु का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1748 ई.
Q: बगरु के युद्ध में ईश्वरीसिंह का मुकाबला किससे था?
Ans: माधोसिंह और मराठों से।
Q: बगरु के युद्ध में मराठों का नेतृत्व किसने किया?
Ans: मल्हारराव होल्कर ने।
Q: बगरु के युद्ध का परिणाम क्या हुआ?
Ans: ईश्वरीसिंह की पराजय।
Q: बगरु की संधि के बाद ईश्वरीसिंह को क्या देना पड़ा?
Ans: माधोसिंह को 5 परगने और मराठों को भारी हर्जाना।
Q: ईश्वरीसिंह की मृत्यु कैसे हुई?
Ans: उन्होंने आत्महत्या की।
Q: ईश्वरीसिंह ने आत्महत्या कब की?
Ans: 1750 ई.
Q: ईश्वरीसिंह ने कहाँ से कूदकर आत्महत्या की?
Ans: सरगासूली से।
Q: ईश्वरीसिंह के बाद जयपुर का शासक कौन बना?
Ans: सवाई माधोसिंह प्रथम।
Q: माधोसिंह प्रथम का शासनकाल क्या था?
Ans: 1750–1768 ई.
Q: माधोसिंह प्रथम को गद्दी प्राप्त करने में किसका सहयोग मिला?
Ans: मराठों का।
Q: जयपुर में मराठों का कत्लेआम कब हुआ?
Ans: 10 जनवरी 1751 ई.
Q: 1751 में जयपुर की जनता ने किसके विरुद्ध विद्रोह किया?
Ans: मराठों के विरुद्ध।
Q: माधोसिंह प्रथम ने मुगल सम्राट से कौन-सा महत्वपूर्ण किला प्राप्त किया?
Ans: रणथम्भौर।
Q: सवाई माधोसिंह प्रथम ने कौन-सा नगर बसाया?
Ans: सवाई माधोपुर।
Q: सवाई माधोपुर की स्थापना कब हुई?
Ans: 1763 ई.
Q: नाहरगढ़ में नौ महल किसने बनवाए?
Ans: सवाई माधोसिंह प्रथम ने।
Q: नाहरगढ़ के नौ महल किसके लिए बनवाए गए थे?
Ans: उनकी नौ पासवानों के लिए।
Q: सवाई प्रतापसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1778–1803 ई.
Q: सवाई प्रतापसिंह के काल को किस रूप में जाना जाता है?
Ans: जयपुर का सांस्कृतिक स्वर्ण युग।
Q: सवाई प्रतापसिंह किस कला के संरक्षक थे?
Ans: साहित्य, संगीत और चित्रकला के।
Q: सवाई प्रतापसिंह का साहित्यिक उपनाम क्या था?
Ans: ब्रजनिधि।
Q: तुंगा का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1787 ई.
Q: तुंगा के युद्ध में जयपुर की ओर से किसने युद्ध किया?
Ans: सवाई प्रतापसिंह ने।
Q: तुंगा के युद्ध में जयपुर का सहयोगी कौन था?
Ans: जोधपुर।
Q: तुंगा के युद्ध में जयपुर-जोधपुर की सेना ने किसे हराया?
Ans: महादजी सिंधिया को।
Q: पाटन का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1790 ई.
Q: पाटन के युद्ध में जयपुर की पराजय किससे हुई?
Ans: मराठों से।
Q: पाटन के युद्ध में मराठों की सहायता किस विदेशी सेनापति ने की?
Ans: डी-बोयने ने।
Q: मालपुरा का युद्ध कब हुआ?
Ans: 1800 ई.
Q: मालपुरा के युद्ध का परिणाम क्या रहा?
Ans: मराठों की विजय।
Q: हवा महल का निर्माण कब हुआ?
Ans: 1799 ई.
Q: हवा महल किस शासक के समय बना?
Ans: सवाई प्रतापसिंह के समय।
Q: हवा महल के वास्तुकार कौन थे?
Ans: लालचंद उस्ता।
Q: हवा महल किस आकृति से प्रेरित माना जाता है?
Ans: भगवान कृष्ण के मुकुट से।
Q: हवा महल में कितने झरोखे हैं?
Ans: 953।
Q: हवा महल कितनी मंजिला है?
Ans: पाँच मंजिला।
Q: हवा महल की पाँच मंजिलों के नाम क्या हैं?
Ans: शरद मंदिर, रतन मंदिर, विचित्र मंदिर, प्रकाश मंदिर और हवा मंदिर।
Q: सवाई प्रतापसिंह के दरबार में कलाकारों के समूह को क्या कहा जाता था?
Ans: गंधर्व बाईसी।
Q: गंधर्व बाईसी में कितने कलाकारों/विशेषज्ञों का समूह था?
Ans: 22।
Q: सवाई प्रतापसिंह किस प्रकार की चित्रकला के विकास के लिए प्रसिद्ध हैं?
Ans: जयपुर चित्रशैली।
Q: 'राधा गोविंद संगीत सार' का संकलन किसने किया?
Ans: ब्रजपाल भट्ट ने।
Q: सवाई ईश्वरीसिंह की प्रमुख स्थापत्य उपलब्धि क्या थी?
Ans: सरगासूली/ईसरलाट।
Q: माधोसिंह प्रथम की प्रमुख नगर स्थापना कौन-सी थी?
Ans: सवाई माधोपुर।
Q: प्रतापसिंह की सबसे प्रसिद्ध स्थापत्य उपलब्धि कौन-सी है?
Ans: हवा महल।
Q: जयपुर के इतिहास में मराठा हस्तक्षेप किस काल में प्रमुख हुआ?
Ans: ईश्वरीसिंह, माधोसिंह प्रथम और प्रतापसिंह के काल में।
Q: पचरंगा झंडे की परंपरा किस शासक से जुड़ी थी?
Ans: राजा मानसिंह प्रथम से।
Q: सवाई जयसिंह द्वितीय के बाद जयपुर में प्रमुख समस्या क्या बनी?
Ans: उत्तराधिकार संघर्ष और मराठों का बढ़ता हस्तक्षेप।
जयपुर, अलवर और शेखावाटी के कच्छवाहा
60 QuestionsQ: सवाई जगतसिंह द्वितीय का शासनकाल क्या था?
Ans: 1803–1818 ई.
Q: सवाई जगतसिंह द्वितीय के जीवन में किस महिला का प्रभाव था?
Ans: रसकपुर।
Q: रसकपुर को कहाँ बंदी बनाया गया था?
Ans: नाहरगढ़ किले में।
Q: सवाई जगतसिंह द्वितीय ने अंग्रेजों से संधि कब की?
Ans: 1818 ई.
Q: गिंगोली के युद्ध में किसे पराजित किया गया?
Ans: जोधपुर के शासक मानसिंह को।
Q: सवाई जगतसिंह द्वितीय ने कौन-सा मंदिर बनवाया?
Ans: ब्रजबिहारी जी मंदिर।
Q: सवाई रामसिंह द्वितीय का शासनकाल क्या था?
Ans: 1835–1880 ई.
Q: सवाई रामसिंह द्वितीय ने प्रशासन में किस अंग्रेज अधिकारी को नियुक्त किया?
Ans: जॉन लुडलो।
Q: रामसिंह द्वितीय के काल में कौन-कौन सी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगी?
Ans: सती प्रथा, कन्या वध, मानव व्यापार और समाधि प्रथा।
Q: 1857 की क्रांति के समय जयपुर का शासक कौन था?
Ans: सवाई रामसिंह द्वितीय।
Q: 1857 के बाद रामसिंह द्वितीय को कौन-सा क्षेत्र मिला?
Ans: कोटपुतली परगना।
Q: रामसिंह द्वितीय को कौन-सी उपाधि मिली?
Ans: सितार-ए-हिन्द।
Q: रामप्रकाश थिएटर की स्थापना कब हुई?
Ans: 1878 ई.
Q: रामप्रकाश थिएटर कहाँ स्थापित हुआ?
Ans: जयपुर में।
Q: जयपुर को पिंक सिटी के नाम से क्यों जाना जाता है?
Ans: शहर को गुलाबी रंग से रंगे जाने के कारण।
Q: जयपुर को गुलाबी रंग से कब रंगा गया?
Ans: 1868 ई.
Q: रामनिवास बाग किस शासक के काल की प्रमुख उपलब्धि है?
Ans: सवाई रामसिंह द्वितीय।
Q: अल्बर्ट हॉल की नींव कब रखी गई?
Ans: 1876 ई.
Q: जयपुर में ब्लू पॉटरी को किस शासक ने बढ़ावा दिया?
Ans: सवाई रामसिंह द्वितीय।
Q: सवाई माधोसिंह द्वितीय का शासनकाल क्या था?
Ans: 1880–1921 ई.
Q: सवाई माधोसिंह द्वितीय को किस उपनाम से जाना जाता था?
Ans: बब्बर शेर।
Q: माधोसिंह द्वितीय ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के लिए कितनी राशि दी?
Ans: 5 लाख रुपये।
Q: इंग्लैंड यात्रा के दौरान माधोसिंह द्वितीय क्या साथ ले गए थे?
Ans: चाँदी के बड़े कलशों में गंगाजल।
Q: मुबारक महल किसने बनवाया?
Ans: सवाई माधोसिंह द्वितीय।
Q: जयपुर में पोस्टकार्ड और डाक टिकट कब शुरू हुए?
Ans: 1904 ई.
Q: सवाई मानसिंह द्वितीय का शासनकाल क्या था?
Ans: 1922–1949 ई.
Q: जयपुर के अंतिम महाराजा कौन थे?
Ans: सवाई मानसिंह द्वितीय।
Q: राजस्थान के प्रथम राजप्रमुख कौन बने?
Ans: सवाई मानसिंह द्वितीय।
Q: सवाई मानसिंह द्वितीय को राजप्रमुख कब बनाया गया?
Ans: 1949 ई.
Q: आधुनिक जयपुर का निर्माता किसे माना जाता है?
Ans: मिर्जा इस्माइल।
Q: सवाई मानसिंह द्वितीय की पत्नी गायत्री देवी किस रूप में प्रसिद्ध थीं?
Ans: स्वतंत्र भारत की प्रारंभिक महिला सांसदों में से एक।
Q: सवाई मानसिंह द्वितीय की मृत्यु कब हुई?
Ans: 1970 ई.
Q: सवाई मानसिंह द्वितीय की मृत्यु किस खेल के दौरान हुई?
Ans: पोलो खेलते समय।
Q: अलवर राज्य की स्थापना किसने की?
Ans: प्रतापसिंह नरूका।
Q: अलवर राज्य की स्थापना कब हुई?
Ans: 1775 ई.
Q: प्रतापसिंह नरूका ने किन दुर्गों का निर्माण कराया?
Ans: राजगढ़, टहला और मालखेड़ा दुर्ग।
Q: प्रतापसिंह नरूका को किसने अलवर का स्वतंत्र शासक घोषित किया?
Ans: मुगल सम्राट ने।
Q: अलवर के बख्तावर सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1790–1815 ई.
Q: बख्तावर सिंह ने अंग्रेजों से संधि कब की?
Ans: 1803 ई.
Q: बख्तावर सिंह ने किसके विरुद्ध अंग्रेजों का साथ दिया?
Ans: मराठों के विरुद्ध।
Q: विनयसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1815–1857 ई.
Q: मूसी महारानी की छतरी किसने बनवाई?
Ans: विनयसिंह।
Q: मूसी महारानी की छतरी में कितने खंभे हैं?
Ans: 80 खंभे।
Q: सिलीसेढ़ झील का निर्माण किस शासक से संबंधित है?
Ans: विनयसिंह।
Q: 1857 की क्रांति के समय अलवर का शासक कौन था?
Ans: विनयसिंह।
Q: शिवदान सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1857–1874 ई.
Q: शिवदान सिंह के शासन में अंग्रेजों ने क्या बनाया?
Ans: शासन परिषद।
Q: मंगल सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1874–1892 ई.
Q: मंगल सिंह किस प्रसिद्ध कॉलेज के पहले विद्यार्थी थे?
Ans: मेयो कॉलेज।
Q: जयसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1892–1933 ई.
Q: जयसिंह ने किस भाषा को राजभाषा बनाया?
Ans: हिंदी।
Q: जयसिंह ने किस सम्मेलन में भाग लिया?
Ans: प्रथम गोलमेज सम्मेलन।
Q: अलवर के जयसिंह के समय कौन-सा हत्याकांड प्रसिद्ध है?
Ans: नीमूचाना हत्याकांड।
Q: तेजसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1937–1948 ई.
Q: अलवर का विलय किस संघ में हुआ?
Ans: मत्स्य संघ में।
Q: अलवर के शेखावाटी क्षेत्र से संबंधित प्रमुख संस्थापक कौन थे?
Ans: राव शेखा।
Q: राव शेखा को शेखावाटी का संस्थापक क्यों माना जाता है?
Ans: उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र में कच्छवाहा सत्ता का विस्तार किया।
Q: राव शेखा की राजधानी क्या थी?
Ans: अमरसर।
Q: शेखावत शासकों को कौन-सी उपाधि प्राप्त थी?
Ans: ताजिमी सरदार।
Q: शेखावाटी के प्रमुख क्षेत्र कौन-से हैं?
Ans: झुंझुनूं और सीकर सहित शेखावाटी क्षेत्र।
जैसलमेर भाटी वंश, करौली यादव वंश एवं भरतपुर जाट वंश
55 QuestionsQ: जैसलमेर का भाटी वंश स्वयं को किस वंश से संबंधित मानता है?
Ans: यादव वंश।
Q: भाटी वंश किस देवता से अपनी वंश परंपरा जोड़ता है?
Ans: भगवान श्रीकृष्ण।
Q: भाटी शासकों को उत्तरी सीमाओं की रक्षा के कारण किस नाम से जाना गया?
Ans: उत्तर भट किंवाड़।
Q: भाटी वंश के प्रारंभिक शासक कौन माने जाते हैं?
Ans: भट्टी।
Q: भट्टी ने किस क्षेत्र में अपना प्रभुत्व स्थापित किया?
Ans: भटनेर क्षेत्र।
Q: भटनेर वर्तमान में किस जिले में स्थित है?
Ans: हनुमानगढ़।
Q: भाटी शासकों की पहली राजधानी कौन-सी थी?
Ans: भटनेर।
Q: भाटी शासकों की दूसरी राजधानी कौन-सी थी?
Ans: तनोट।
Q: भाटी शासकों की तीसरी राजधानी कौन-सी थी?
Ans: लौद्रवा।
Q: भाटी शासकों की स्थायी राजधानी कौन-सी बनी?
Ans: जैसलमेर।
Q: जैसलमेर नगर की स्थापना किसने की?
Ans: रावल जैसल।
Q: जैसलमेर नगर की स्थापना कब हुई?
Ans: 1155 ई.
Q: जैसलमेर के संस्थापक कौन थे?
Ans: रावल जैसल।
Q: जैसलमेर दुर्ग को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: सोनार किला।
Q: जैसलमेर दुर्ग को सोनार किला क्यों कहा जाता है?
Ans: पीले पत्थरों के कारण।
Q: जैसलमेर दुर्ग की प्रमुख निर्माण विशेषता क्या है?
Ans: इसमें चूने का उपयोग नहीं किया गया।
Q: विजयराज को किस उपनाम से जाना जाता था?
Ans: विजयराज चूड़ाला।
Q: विजयराज का उल्लेख किस शिलालेख में मिलता है?
Ans: धनावा शिलालेख।
Q: धनावा शिलालेख कब का है?
Ans: 1176 ई.
Q: जैसलमेर का पहला साका कब हुआ?
Ans: 1308 ई.
Q: जैसलमेर के पहले साके के समय किसने आक्रमण किया?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी।
Q: जैसलमेर का दूसरा साका कब हुआ?
Ans: 1352 ई.
Q: दूसरे साके के समय किस शासक ने आक्रमण किया?
Ans: फिरोजशाह तुगलक।
Q: जैसलमेर का अर्द्ध साका कब हुआ?
Ans: 1550 ई.
Q: अर्द्ध साके के समय जैसलमेर पर किसने आक्रमण किया?
Ans: अमीर अली ने।
Q: अर्द्ध साके के समय जैसलमेर का शासक कौन था?
Ans: रावल लूणकरण।
Q: अर्द्ध साके में जौहर क्यों नहीं हुआ?
Ans: भाटी अंततः विजयी रहे।
Q: गड़सीसर झील का निर्माण किसने करवाया?
Ans: रावल घड़सी।
Q: गड़सीसर झील किस प्रकार के कार्य का उदाहरण है?
Ans: जल संरक्षण।
Q: लक्ष्मीनाथ मंदिर का निर्माण किसने करवाया?
Ans: रावल लक्ष्मण सिंह।
Q: शांतिनाथ जैन मंदिर का निर्माण किसने करवाया?
Ans: रावल जैतसिंह।
Q: 1570 में भाटी शासक हरराय ने किसकी अधीनता स्वीकार की?
Ans: मुगल सम्राट अकबर की।
Q: हरराय ने अकबर की अधीनता कहाँ स्वीकार की?
Ans: नागौर दरबार में।
Q: अमरसिंह भाटी का प्रमुख जल संबंधी कार्य क्या था?
Ans: सिंधु नदी का पानी अमरकास नाले के माध्यम से जैसलमेर लाना।
Q: जैसलमेर ने अंग्रेजों से संधि कब की?
Ans: 1818 ई.
Q: 1818 की संधि किस शासक ने की?
Ans: मूलराज द्वितीय।
Q: 1857 के समय जैसलमेर का शासक कौन था?
Ans: रणजीत सिंह।
Q: 1857 के विद्रोह में रणजीत सिंह ने किसका समर्थन किया?
Ans: अंग्रेजों का।
Q: जैसलमेर में प्रमुख स्थापत्य निर्माण कौन-कौन से हैं?
Ans: गणेश पोल, सूर्य पोल, गजविलास महल और सर्वोत्तम विलास।
Q: जैसलमेर का अंतिम भाटी शासक कौन था?
Ans: महारावल जवाहर सिंह।
Q: जैसलमेर का राजस्थान में विलय कब हुआ?
Ans: 30 मार्च 1949।
Q: जैसलमेर में किस प्रकार के सिक्के प्रचलित हुए जिन पर महारानी विक्टोरिया का नाम अंकित था?
Ans: चाँदी के सिक्के।
Q: करौली के यादव वंश की स्थापना किसने की?
Ans: विजयपाल यादव।
Q: करौली यादव वंश की स्थापना कब हुई?
Ans: 1040 ई.
Q: करौली के प्रारंभिक नामों में कौन-सा नाम मिलता है?
Ans: गोपालपाल।
Q: करौली क्षेत्र का प्रमुख दुर्ग कौन-सा है?
Ans: तिमनगढ़ दुर्ग।
Q: करौली ने अंग्रेजों से संधि कब की?
Ans: 1817 ई.
Q: भरतपुर के जाट वंश के प्रमुख शासक कौन थे?
Ans: बदन सिंह और महाराजा सूरजमल।
Q: डीग के महलों का निर्माण किसने करवाया?
Ans: बदन सिंह।
Q: भरतपुर का सबसे महान जाट शासक किसे माना जाता है?
Ans: महाराजा सूरजमल।
Q: महाराजा सूरजमल ने आगरा किले पर कब अधिकार किया?
Ans: 1761 ई.
Q: जैसलमेर के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
Ans: वीरता, साके, जल संरक्षण और स्थापत्य कला।
Q: जैसलमेर का प्रसिद्ध सोनार किला किस वंश की धरोहर है?
Ans: भाटी वंश।
Q: भाटी वंश की स्थायी राजधानी बनने वाला नगर कौन-सा था?
Ans: जैसलमेर।
Q: जैसलमेर के इतिहास में तीन प्रमुख साके कौन-से हैं?
Ans: पहला साका, दूसरा साका और अर्द्ध साका।
राजस्थान प्रजामंडल आंदोलन
180 QuestionsQ: बीकानेर में राजनीतिक चेतना की नींव किस सभा से पड़ी?
Ans: सर्वहितकारिणी सभा।
Q: सर्वहितकारिणी सभा का गठन कब हुआ?
Ans: 1907 ई.
Q: सर्वहितकारिणी सभा का गठन कहाँ हुआ?
Ans: चूरू।
Q: सर्वहितकारिणी सभा के प्रमुख संस्थापक कौन थे?
Ans: कन्हैयालाल ढूँढ और स्वामी गोपालदास।
Q: सर्वहितकारिणी सभा को किस नाम से भी जाना जाता था?
Ans: 'चूरू की कांग्रेस'।
Q: कबीर पाठशाला किस वर्ग की शिक्षा के लिए स्थापित की गई थी?
Ans: दलितों की शिक्षा के लिए।
Q: पुत्री पाठशाला किसके लिए स्थापित की गई थी?
Ans: लड़कियों/बालिकाओं की शिक्षा के लिए।
Q: 26 जनवरी 1930 को चूरू के धर्मस्तूप पर तिरंगा किसने फहराया?
Ans: स्वामी गोपालदास और चन्दनमल बहड़।
Q: 'बीकानेर दिग्दर्शन' पर्चे कब बाँटे गए?
Ans: 1931 ई.
Q: 'बीकानेर दिग्दर्शन' पर्चे कहाँ आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन के दौरान बाँटे गए?
Ans: लंदन में।
Q: 'बीकानेर दिग्दर्शन' किसके विरुद्ध था?
Ans: महाराजा गंगासिंह की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध।
Q: बीकानेर षड्यंत्र मुकदमा कब हुआ?
Ans: 1932 ई.
Q: बीकानेर षड्यंत्र मुकदमे में गिरफ्तार प्रमुख नेता कौन थे?
Ans: स्वामी गोपालदास, चन्दनमल बहड़, सत्यनारायण सर्राफ और खूबराम सर्राफ।
Q: बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1936 ई.
Q: बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना कहाँ हुई?
Ans: कलकत्ता।
Q: बीकानेर प्रजामंडल के प्रमुख संस्थापक कौन थे?
Ans: वैद्य मघाराम, लक्ष्मी देवी आचार्य, मुक्ता प्रसाद और रघुवर दयाल गोयल।
Q: बीकानेर देशी राज्य लोक परिषद की स्थापना कब हुई?
Ans: 1942 ई.
Q: बीकानेर देशी राज्य लोक परिषद की स्थापना किसने की?
Ans: रघुवर दयाल गोयल।
Q: बीकानेर देशी राज्य लोक परिषद का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Ans: उत्तरदायी शासन की माँग।
Q: बीकानेर दमन विरोधी दिवस कब मनाया गया?
Ans: 26 अक्टूबर 1944।
Q: रायसिंहनगर की घटना कब हुई?
Ans: 1 जुलाई 1946।
Q: रायसिंहनगर की घटना कहाँ हुई?
Ans: रायसिंहनगर, श्रीगंगानगर।
Q: रायसिंहनगर की घटना में कौन शहीद हुआ?
Ans: बीरबल।
Q: बीरबल दिवस कब मनाया जाता था?
Ans: 17 जुलाई।
Q: शहीद बीरबल के सम्मान में IGNP की किस शाखा का नाम बदला गया?
Ans: जैसलमेर शाखा का नाम 'बीरबल शाखा' रखा गया।
Q: बीकानेर का प्रथम जागीरी किसान आंदोलन कौन-सा था?
Ans: उदरासर किसान आंदोलन।
Q: उदरासर किसान आंदोलन कब हुआ?
Ans: 1937 ई.
Q: उदरासर किसान आंदोलन से कौन जुड़े थे?
Ans: जीवनराम।
Q: महाजन किसान आंदोलन कब हुआ?
Ans: 1938 ई.
Q: दुधवा खारा किसान आंदोलन कब हुआ?
Ans: 1944 ई.
Q: दुधवा खारा आंदोलन से कौन जुड़े थे?
Ans: हनुमान सिंह आर्य।
Q: काँगड़ा किसान आंदोलन कहाँ हुआ?
Ans: काँगड़ा, चूरू।
Q: काँगड़ा किसान आंदोलन कब हुआ?
Ans: 1946 ई.
Q: काँगड़ा आंदोलन से कौन जुड़े थे?
Ans: मेघसिंह आर्य।
Q: गंगनहर किसान आंदोलन कब हुआ?
Ans: 1930–31 ई.
Q: गंगनहर आंदोलन से कौन जुड़े थे?
Ans: दरबार सिंह और करतार सिंह।
Q: दरबार सिंह और करतार सिंह ने किसानों को किस संगठन के माध्यम से संगठित किया?
Ans: जमींदारा संघ।
Q: बीकानेर में सिंचाई कर को क्या कहा जाता था?
Ans: आबियाना।
Q: बीकानेर सुरक्षा अधिनियम कब लागू हुआ?
Ans: 1932 ई.
Q: बीकानेर सुरक्षा अधिनियम किसने लागू किया?
Ans: महाराजा गंगासिंह ने।
Q: बीकानेर सुरक्षा अधिनियम को जनता ने क्या कहा?
Ans: 'काला कानून'।
Q: बीकानेर आंदोलन में प्रमुख महिला कार्यकर्ताओं में कौन थीं?
Ans: रुक्मा देवी, गीता देवी और लक्ष्मी देवी आचार्य।
Q: धौलपुर में राजनीतिक चेतना जगाने में किसका प्रमुख योगदान था?
Ans: आर्य समाज का।
Q: धौलपुर की आचार सुधारिणी सभा कब बनी?
Ans: 1910 ई.
Q: आचार सुधारिणी सभा के प्रमुख संस्थापक कौन थे?
Ans: ज्वाला प्रसाद जिज्ञासु और यमुना प्रसाद।
Q: आचार सुधारिणी सभा का उद्देश्य क्या था?
Ans: समाज सुधार।
Q: नागरी प्रचारिणी सभा धौलपुर में कब बनी?
Ans: 1934 ई.
Q: नागरी प्रचारिणी सभा का उद्देश्य क्या था?
Ans: हिंदी भाषा का प्रचार-प्रसार।
Q: धौलपुर प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1936 ई.
Q: धौलपुर प्रजामंडल के प्रमुख संस्थापक कौन थे?
Ans: ज्वाला प्रसाद जिज्ञासु और कृष्ण दत्त पालीवाल।
Q: धौलपुर प्रजामंडल का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Ans: राजनीतिक अधिकारों की प्राप्ति।
Q: धौलपुर में राजनीतिक चेतना का संचार करने वाले आर्य समाज के नेता कौन थे?
Ans: स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती।
Q: तसीमो कांड कब हुआ?
Ans: 11 अप्रैल 1947।
Q: तसीमो कांड में कौन शहीद हुए?
Ans: पंचम सिंह और छत्तर सिंह।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 24 अप्रैल 1938।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना किस अधिवेशन के प्रभाव से हुई?
Ans: कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन के प्रभाव से।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना कहाँ हुई?
Ans: बलवन्त सिंह मेहता के निजी निवास 'साहित्य कुटीर' पर।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल के अध्यक्ष कौन थे?
Ans: बलवन्त सिंह मेहता।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल के उपाध्यक्ष कौन थे?
Ans: भूरेलाल बयां।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल के महामंत्री कौन थे?
Ans: माणिक्यलाल वर्मा।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल पर प्रतिबंध लगने के बाद गतिविधियाँ कहाँ से संचालित की गईं?
Ans: अजमेर से।
Q: अजमेर से मेवाड़ प्रजामंडल का संचालन किसने किया?
Ans: माणिक्यलाल वर्मा।
Q: माणिक्यलाल वर्मा ने कौन-सी पुस्तक लिखी?
Ans: 'मेवाड़ का वर्तमान शासन'।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल के प्रथम सत्याग्रही कौन थे?
Ans: रमेशचन्द्र व्यास।
Q: रमेशचन्द्र व्यास किस स्थान से संबंधित थे?
Ans: भीलवाड़ा।
Q: भूरेलाल बयां को कहाँ नजरबंद किया गया?
Ans: सराडा किले में।
Q: सराडा किले को किस नाम से जाना जाता था?
Ans: 'मेवाड़ का कालापानी'।
Q: माणिक्यलाल वर्मा की गिरफ्तारी की आलोचना किसने की?
Ans: महात्मा गांधी ने।
Q: गांधीजी ने माणिक्यलाल वर्मा की गिरफ्तारी की आलोचना कहाँ की?
Ans: अपने समाचार पत्र 'हरिजन' में।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल का प्रथम अधिवेशन कब हुआ?
Ans: 1941 ई.
Q: मेवाड़ प्रजामंडल का प्रथम अधिवेशन कहाँ हुआ?
Ans: उदयपुर।
Q: प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की?
Ans: माणिक्यलाल वर्मा।
Q: प्रथम अधिवेशन का उद्घाटन किसने किया?
Ans: जे. बी. कृपलानी।
Q: प्रथम अधिवेशन में खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किसने किया?
Ans: विजयलक्ष्मी पंडित।
Q: अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद का 7वाँ अधिवेशन कब हुआ?
Ans: 1946 ई.
Q: 7वाँ अधिवेशन कहाँ हुआ?
Ans: उदयपुर के सलेटिया मैदान में।
Q: 7वें अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की?
Ans: पंडित जवाहरलाल नेहरू।
Q: 7वें अधिवेशन में जम्मू-कश्मीर के कौन-से नेता शामिल हुए?
Ans: शेख अब्दुल्ला।
Q: मेवाड़ के भारत छोड़ो आंदोलन में जेल जाने वाली प्रमुख महिलाओं में कौन थीं?
Ans: नारायणी देवी वर्मा, भगवती देवी बिश्नोई और सुशीला।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल से जुड़ी प्रमुख महिलाओं के नाम बताइए।
Ans: नारायणी देवी, भगवती देवी, स्नेहलता और सीमा देवी।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल के प्रमुख केंद्र कौन-कौन से थे?
Ans: भीलवाड़ा और नाथद्वारा।
Q: मेवाड़ के इन केंद्रों पर प्रमुख नेता कौन थे?
Ans: नरेन्द्रपाल।
Q: मेवाड़ प्रजामंडल के बाहरी केंद्र किन स्थानों पर थे?
Ans: बॉम्बे, नागपुर, जलगाँव और अकोला।
Q: राजस्थान की पहली रियासत कौन-सी थी जहाँ उत्तरदायी शासन स्थापित हुआ?
Ans: शाहपुरा।
Q: शाहपुरा प्रजामंडल की स्थापना किसकी प्रेरणा से हुई?
Ans: माणिक्यलाल वर्मा।
Q: शाहपुरा प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?
Ans: लादूराम व्यास और रमेश चन्द्र ओझा।
Q: शाहपुरा के महाराजा कौन थे?
Ans: सुदर्शन देव।
Q: शाहपुरा में प्रधानमंत्री किसे बनाया गया?
Ans: गोकुल लाल असावा।
Q: शाहपुरा प्रजामंडल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या थी?
Ans: सबसे पहले उत्तरदायी शासन की स्थापना।
Q: अलवर प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?
Ans: हरिनारायण शर्मा।
Q: अलवर प्रजामंडल ने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया था या नहीं?
Ans: नहीं।
Q: अलवर प्रजामंडल के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की?
Ans: भवानी शंकर शर्मा।
Q: अलवर प्रजामंडल का प्रथम अधिवेशन कब हुआ?
Ans: 1944 ई.
Q: हरिनारायण शर्मा ने आदिवासियों के लिए कौन-सा संगठन बनाया?
Ans: आदिवासी संघ।
Q: हरिनारायण शर्मा ने दलितों के उत्थान के लिए कौन-सा संगठन बनाया?
Ans: वाल्मीकि संघ।
Q: अस्पृश्यता समाप्त करने के लिए हरिनारायण शर्मा ने कौन-सा संगठन बनाया?
Ans: अस्पृश्यता निवारण संघ।
Q: भरतपुर प्रजामंडल के प्रमुख संस्थापकों में कौन थे?
Ans: जुगल किशोर चतुर्वेदी, मास्टर आदित्येन्द्र, गोपीलाल यादव और किशनलाल जोशी।
Q: जुगल किशोर चतुर्वेदी को किस उपनाम से जाना जाता है?
Ans: 'राजस्थान का नेहरू'।
Q: भरतपुर प्रजामंडल की स्थापना कहाँ हुई?
Ans: रेवाड़ी, हरियाणा।
Q: भरतपुर प्रजामंडल का प्रमुख समाचार-पत्र कौन-सा था?
Ans: 'वैभव'।
Q: भरतपुर प्रजामंडल के अध्यक्ष कौन रहे?
Ans: गोपीलाल यादव।
Q: भरतपुर प्रजामंडल की स्थापना राजस्थान से बाहर कहाँ हुई?
Ans: रेवाड़ी (हरियाणा) में।
Q: भरतपुर में हिंदी साहित्य समिति की स्थापना कब हुई?
Ans: 1912 ई.
Q: हिंदी साहित्य समिति की स्थापना किसने की?
Ans: जगन्नाथ दास अधिकारी।
Q: भरतपुर हिंदी सम्मेलन कब हुआ?
Ans: 1927 ई.
Q: 1927 के हिंदी सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की?
Ans: गौरीशंकर हीराचंद ओझा।
Q: भरतपुर के हिंदी सम्मेलन में किन प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया?
Ans: रवीन्द्रनाथ टैगोर और जमनालाल बजाज।
Q: भरतपुर के किस महाराजा ने हिंदी को राजभाषा घोषित किया?
Ans: महाराजा किशन सिंह।
Q: उत्तरदायी शासन की माँग का समर्थन करने के कारण महाराजा किशन सिंह के साथ क्या हुआ?
Ans: अंग्रेजों ने उन्हें शासन से हटा दिया।
Q: करौली प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1938 ई.
Q: करौली में राजनीतिक चेतना का संचार किन नेताओं ने किया?
Ans: पूर्ण सिंह और मदन सिंह।
Q: करौली किसान आंदोलन में किस महिला ने सक्रिय भूमिका निभाई?
Ans: सरदार कंवर।
Q: करौली प्रजामंडल के प्रमुख संस्थापक कौन थे?
Ans: त्रिलोकचन्द माथुर, चिरंजीलाल शर्मा और कुँवर सिंह वर्मा।
Q: कोटा प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?
Ans: नयनूराम शर्मा और अभिन्न हरि।
Q: कोटा प्रजामंडल का 1939 का अधिवेशन कहाँ हुआ?
Ans: मांगरोल (बारां)।
Q: 1939 के कोटा प्रजामंडल अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की?
Ans: नयनूराम शर्मा।
Q: 1940 के कोटा प्रजामंडल अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की?
Ans: अभिन्न हरि।
Q: 1940 के कोटा प्रजामंडल अधिवेशन में कौन-से प्रसिद्ध नेता शामिल हुए?
Ans: विजय सिंह पथिक।
Q: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कोटा नगर प्रशासन पर किसने अधिकार किया?
Ans: मोतीलाल जैन के नेतृत्व में प्रजामंडल कार्यकर्ताओं ने।
Q: कोटा में कॉलेज की छात्राओं ने किस पुलिस थाने पर अधिकार किया?
Ans: रामपुरा पुलिस थाने।
Q: किशनगढ़ प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?
Ans: कांतिचन्द चौथानी और जमानशाह।
Q: सिरोही प्रजामंडल के प्रमुख नेताओं में कौन थे?
Ans: गोकुलभाई भट्ट और वृद्धिशंकर त्रिवेदी।
Q: गोकुलभाई भट्ट को किस उपनाम से जाना जाता है?
Ans: 'राजस्थान का गाँधी'।
Q: सिरोही प्रजामंडल की स्थापना कहाँ हुई?
Ans: बॉम्बे (मुंबई)।
Q: सिरोही प्रजामंडल का सर्वाधिक प्रचार-प्रसार किसने किया?
Ans: चुन्नीलाल टेवटा।
Q: कुशलगढ़ प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1942 ई.
Q: कुशलगढ़ प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?
Ans: भंवरलाल निगम।
Q: बाँसवाड़ा प्रजामंडल के प्रमुख संस्थापक कौन थे?
Ans: भूपेन्द्र नाथ त्रिवेदी, मणिशंकर नागर और धूलजी भाई भावसार।
Q: भूपेन्द्र नाथ त्रिवेदी ने कौन-सा समाचार-पत्र निकाला?
Ans: 'संग्राम'।
Q: 'संग्राम' समाचार-पत्र कहाँ से प्रकाशित किया गया?
Ans: बॉम्बे (मुंबई) से।
Q: बाँसवाड़ा में महिला मंडल किसने बनाया?
Ans: विजया बहिन भावसार।
Q: डूँगरपुर प्रजामंडल के प्रमुख संस्थापक कौन थे?
Ans: भोगीलाल पांड्या, हरिदेव जोशी और गौरीशंकर उपाध्याय।
Q: भोगीलाल पांड्या को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: 'वागड़ का गाँधी'।
Q: गौरीशंकर उपाध्याय ने कौन-सा समाचार-पत्र निकाला?
Ans: 'सेवक'।
Q: डूँगरपुर प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1 अगस्त 1944।
Q: डूँगरपुर प्रजामंडल की स्थापना किस अवसर पर हुई?
Ans: बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि के अवसर पर।
Q: डूँगरपुर प्रजामंडल ने कौन-सी सभाएँ आयोजित कीं?
Ans: प्रयाण सभाएँ।
Q: रास्तापाल घटना कब हुई?
Ans: 19 जून 1947।
Q: रास्तापाल घटना किस रियासत से संबंधित है?
Ans: डूँगरपुर।
Q: रास्तापाल घटना में कौन शहीद हुए?
Ans: अध्यापक नानाभाई और 13 वर्षीय भील बालिका कालीबाई।
Q: रास्तापाल घटना में कौन-से अध्यापक घायल हुए?
Ans: सेंगा भाई।
Q: नानाभाई और कालीबाई की मूर्तियाँ कहाँ स्थापित हैं?
Ans: डूँगरपुर के गैपसागर तालाब के पास।
Q: बालिका शिक्षा के लिए राजस्थान सरकार द्वारा कौन-सा पुरस्कार दिया जाता है?
Ans: कालीबाई पुरस्कार।
Q: पूनावाड़ा घटना कब हुई?
Ans: मई 1947।
Q: पूनावाड़ा घटना में कौन घायल हुए?
Ans: अध्यापक शिवराम भील।
Q: जैसलमेर प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1945 ई.
Q: जैसलमेर प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?
Ans: मीठालाल व्यास।
Q: जैसलमेर प्रजामंडल की स्थापना कहाँ हुई?
Ans: जोधपुर।
Q: 'माहेश्वरी नवयुवक मंडल' की स्थापना किसने की?
Ans: रघुनाथ सिंह।
Q: प्रतापगढ़ प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1945 ई.
Q: प्रतापगढ़ प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?
Ans: अमृतलाल पायक और चुन्नीलाल प्रभाकर।
Q: ठक्कर बापा ने 1922 में कौन-सा संगठन स्थापित किया?
Ans: भील सेवा मंडल।
Q: झालावाड़ प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1946 ई.
Q: राजस्थान का अंतिम स्थापित प्रजामंडल कौन-सा था?
Ans: झालावाड़ प्रजामंडल।
Q: झालावाड़ प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?
Ans: मांगीलाल भव्य, मकबूल आलम और कन्हैयालाल मित्तल।
Q: झालावाड़ में उत्तरदायी शासन किसके नेतृत्व में स्थापित हुआ?
Ans: राजराणा हरिश्चन्द्र।
Q: झालावाड़ की विशेष प्रशासनिक विशेषता क्या थी?
Ans: यहाँ राजा स्वयं प्रधानमंत्री बना था।
Q: राजस्थान का सबसे प्राचीनतम प्रजामंडल कौन-सा था?
Ans: जयपुर प्रजामंडल।
Q: जयपुर प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1931 ई.
Q: राजस्थान का सबसे नवीनतम प्रजामंडल कौन-सा था?
Ans: झालावाड़ प्रजामंडल।
Q: झालावाड़ प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1946 ई.
Q: राजस्थान से बाहर स्थापित प्रमुख प्रजामंडलों में बीकानेर कहाँ स्थापित हुआ?
Ans: कोलकाता।
Q: सिरोही प्रजामंडल कहाँ स्थापित हुआ?
Ans: बॉम्बे (मुंबई)।
Q: भरतपुर प्रजामंडल कहाँ स्थापित हुआ?
Ans: रेवाड़ी (हरियाणा)।
Q: कांग्रेस ने प्रजामंडल आंदोलनों को आधिकारिक समर्थन कब दिया?
Ans: 1938 के हरिपुरा अधिवेशन में।
Q: हरिपुरा अधिवेशन के बाद किस प्रमुख प्रजामंडल की स्थापना हुई?
Ans: मेवाड़ प्रजामंडल।
Q: राजस्थान की प्रथम उत्तरदायी सरकार कहाँ स्थापित हुई?
Ans: शाहपुरा में।
Q: शाहपुरा की प्रथम उत्तरदायी सरकार के प्रधानमंत्री कौन बने?
Ans: गोकुल लाल असावा।
Q: मेवाड़ रियासत का संविधान किसने तैयार किया था?
Ans: के. एम. मुंशी।
Q: प्रजामंडल आंदोलनों का प्रमुख राजनीतिक उद्देश्य क्या था?
Ans: उत्तरदायी शासन और जनता की राजनीतिक भागीदारी स्थापित करना।
Q: प्रजामंडल आंदोलनों ने राजस्थान के एकीकरण में क्या भूमिका निभाई?
Ans: इन्होंने रियासतों के भारत संघ में विलय और लोकतांत्रिक शासन की माँग को मजबूत किया।
Q: प्रजामंडल आंदोलनों ने किस प्रथा का विरोध किया?
Ans: बेगार प्रथा।
Q: प्रजामंडल आंदोलनों ने किसानों की किन समस्याओं को उठाया?
Ans: जागीरदारी शोषण, करों और आर्थिक शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई।
Q: प्रजामंडल आंदोलनों ने महिलाओं की भूमिका को कैसे प्रभावित किया?
Ans: महिलाओं को सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों से जोड़ा।
Q: प्रजामंडल आंदोलन का सामाजिक महत्व क्या था?
Ans: सामाजिक कुरीतियों, छुआछूत और जातीय भेदभाव के विरोध को बढ़ावा देना।
Q: प्रजामंडल आंदोलन ने शिक्षा को किस रूप में देखा?
Ans: जन-जागृति के प्रमुख साधन के रूप में।
Q: दलित शिक्षा के लिए कौन-सी संस्था स्थापित की गई?
Ans: कबीर पाठशाला।
Q: बालिका शिक्षा के लिए कौन-सी संस्था स्थापित की गई?
Ans: पुत्री पाठशाला।
Q: हरिनारायण शर्मा ने छुआछूत के विरोध में कौन-सा संगठन बनाया?
Ans: अस्पृश्यता निवारण संघ।
Q: प्रजामंडल आंदोलनों ने राष्ट्रीय आंदोलन से कैसे संबंध स्थापित किया?
Ans: रियासती आंदोलनों को भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और कांग्रेस से जोड़ा।
मारवाड़ प्रजामंडल आंदोलन
110 QuestionsQ: मारवाड़ सेवा संघ की स्थापना कब हुई?
Ans: 1920 ई.
Q: मारवाड़ सेवा संघ के संस्थापक कौन थे?
Ans: जयनारायण व्यास।
Q: मारवाड़ सेवा संघ ने किस आंदोलन का नेतृत्व किया?
Ans: तौल आंदोलन।
Q: तौल आंदोलन किस समस्या के विरोध में चलाया गया?
Ans: सेर में तौल कम करने के विरोध में।
Q: एक सेर में पहले कितनी तौल होती थी?
Ans: 100 तौल।
Q: रियासत ने एक सेर में कितनी तौल कर दी थी?
Ans: 80 तौल।
Q: तौल आंदोलन किस संगठन से संबंधित था?
Ans: मारवाड़ सेवा संघ।
Q: मारवाड़ सेवा संघ का बाद में किस संगठन में विलय हुआ?
Ans: मारवाड़ यूथ लीग।
Q: मारवाड़ देशी राज्य लोक परिषद का गठन कब हुआ?
Ans: 1929 ई.
Q: मारवाड़ देशी राज्य लोक परिषद का गठन किसने किया?
Ans: जयनारायण व्यास।
Q: लोक परिषद अपना प्रथम अधिवेशन कहाँ करना चाहती थी?
Ans: जोधपुर।
Q: लोक परिषद के नेताओं को किसने गिरफ्तार किया?
Ans: जोधपुर रियासत ने।
Q: जयनारायण व्यास के साथ गिरफ्तार होने वाले प्रमुख नेता कौन थे?
Ans: आनंदराज सुराणा और भंवरलाल सर्राफ।
Q: गिरफ्तार नेताओं पर मुकदमा कहाँ चलाया गया?
Ans: नागौर की विशेष अदालत में।
Q: मारवाड़ देशी राज्य लोक परिषद का प्रथम अधिवेशन कब हुआ?
Ans: 24–25 नवंबर 1931।
Q: लोक परिषद का प्रथम अधिवेशन कहाँ हुआ?
Ans: पुष्कर।
Q: पुष्कर अधिवेशन के अध्यक्ष कौन थे?
Ans: चाँदकरण शारदा।
Q: पुष्कर अधिवेशन में कौन-कौन प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए?
Ans: मणिलाल कोठारी, काका कालेलकर और कस्तूरबा गांधी।
Q: मारवाड़ यूथ लीग की स्थापना कब हुई?
Ans: 10 मई 1931।
Q: मारवाड़ यूथ लीग के संस्थापक कौन थे?
Ans: जयनारायण व्यास।
Q: मारवाड़ यूथ लीग का बाद में क्या नाम रखा गया?
Ans: बाल भारत सभा।
Q: जोधपुर में तिरंगा किसने फहराया था?
Ans: छगनराज चौपासनीवाला।
Q: जोधपुर में तिरंगा कब फहराया गया?
Ans: 1932 ई.
Q: मारवाड़ प्रजामंडल का गठन कब हुआ?
Ans: 1934 ई.
Q: मारवाड़ प्रजामंडल के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
Ans: भंवरलाल सर्राफ।
Q: कृष्णा दिवस कब मनाया गया?
Ans: 1936 ई.
Q: कृष्णा दिवस कहाँ मनाया गया?
Ans: बॉम्बे (मुंबई)।
Q: शिक्षा दिवस कब मनाया गया?
Ans: 1936 ई.
Q: शिक्षा दिवस कहाँ मनाया गया?
Ans: जोधपुर।
Q: अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद का अधिवेशन 1936 में कहाँ हुआ?
Ans: कराची।
Q: कराची अधिवेशन में जयनारायण व्यास को कौन-सा पद मिला?
Ans: महामंत्री।
Q: जयनारायण व्यास के प्रवेश पर किस रियासत ने पाबंदी लगाई?
Ans: जोधपुर रियासत।
Q: जयनारायण व्यास की पाबंदी किसके हस्तक्षेप से हटाई गई?
Ans: बीकानेर महाराजा गंगासिंह।
Q: गंगासिंह ने किसे पत्र लिखकर पाबंदी हटवाई?
Ans: जोधपुर के प्रधानमंत्री डोनाल्ड फील्ड को।
Q: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जयनारायण व्यास को कहाँ नजरबंद किया गया?
Ans: सिवाणा किले में।
Q: मारवाड़ प्रजामंडल के अन्य नेताओं को कहाँ नजरबंद किया गया?
Ans: जालौर किले में।
Q: मारवाड़ लोक परिषद का गठन कब हुआ?
Ans: 1938 ई.
Q: मारवाड़ लोक परिषद के अध्यक्ष कौन थे?
Ans: रणछोड़ दास गट्टानी।
Q: मारवाड़ लोक परिषद का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans: उत्तरदायी शासन की स्थापना।
Q: मारवाड़ लोक परिषद ने किस वर्ग के आंदोलनों को समर्थन दिया?
Ans: किसानों के आंदोलनों को।
Q: मारवाड़ लोक परिषद किस प्रकार के शासन की स्थापना चाहती थी?
Ans: उत्तरदायी शासन।
Q: 1938 में जोधपुर की यात्रा किन राष्ट्रीय नेताओं ने की?
Ans: सुभाष चंद्र बोस और विजयलक्ष्मी पंडित।
Q: सुभाष चंद्र बोस ने जोधपुर की यात्रा कब की?
Ans: 1938 ई.
Q: विजयलक्ष्मी पंडित का संबंध किस प्रमुख नेता से था?
Ans: जवाहरलाल नेहरू।
Q: विजयलक्ष्मी पंडित कौन थीं?
Ans: जवाहरलाल नेहरू की बहन।
Q: जवाहरलाल नेहरू को जोधपुर नगरपालिका का अध्यक्ष कब बनाया गया?
Ans: 1941 ई.
Q: 1945 में जोधपुर नगरपालिका के अध्यक्ष कौन बने?
Ans: द्वारिकादास पुरोहित।
Q: जोधपुर नगरपालिका में पुनः चुनाव कब हुए?
Ans: 1945 ई.
Q: 1945 में जोधपुर के प्रधानमंत्री के रूप में किसे नियुक्त किया गया?
Ans: C.S. वेंकटाचारी।
Q: C.S. वेंकटाचारी की नियुक्ति किसके सुझाव पर हुई?
Ans: जवाहरलाल नेहरू।
Q: C.S. वेंकटाचारी से पहले जोधपुर के प्रधानमंत्री कौन थे?
Ans: डोनाल्ड फील्ड।
Q: चण्डावल घटना कब हुई?
Ans: 28 मार्च 1942।
Q: चण्डावल घटना कहाँ हुई?
Ans: पाली।
Q: चण्डावल में किस सभा पर लाठीचार्ज हुआ?
Ans: मारवाड़ लोक परिषद की किसान सभा पर।
Q: चण्डावल में लाठीचार्ज किसने करवाया?
Ans: चण्डावल के सामंत ने।
Q: चण्डावल घटना में कितने किसान शहीद हुए?
Ans: 6 किसान।
Q: चण्डावल घटना का विवरण किसने प्रकाशित करवाया?
Ans: महात्मा गांधी ने।
Q: चण्डावल घटना का विवरण गांधीजी ने किस पत्र में प्रकाशित करवाया?
Ans: हरिजन।
Q: चण्डावल घटना की जाँच के लिए आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
Ans: श्री प्रकाश।
Q: चण्डावल घटना किस आंदोलन से संबंधित थी?
Ans: मारवाड़ किसान आंदोलन/लोक परिषद आंदोलन।
Q: चण्डावल घटना का प्रमुख परिणाम क्या था?
Ans: किसान आंदोलन के प्रति जन एवं राष्ट्रीय समर्थन बढ़ा।
Q: डाबड़ा काण्ड कब हुआ?
Ans: 13 मार्च 1947।
Q: डाबड़ा काण्ड कहाँ हुआ?
Ans: डीडवाना, नागौर।
Q: डाबड़ा काण्ड किससे संबंधित था?
Ans: किसान सभा पर लाठीचार्ज।
Q: डाबड़ा में लाठीचार्ज किसने करवाया?
Ans: डीडवाना के सामंत ने।
Q: डाबड़ा काण्ड में शहीद प्रमुख किसानों के नाम क्या थे?
Ans: मोतीराम जी और चुन्नीलाल जी।
Q: डाबड़ा काण्ड में कौन-से प्रमुख नेता घायल हुए?
Ans: मथुरादास माथुर।
Q: मथुरादास माथुर किस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए?
Ans: डाबड़ा काण्ड।
Q: डाबड़ा काण्ड को किस प्रकार की घटना कहा गया?
Ans: जीवन को झकझोर देने वाली घटना।
Q: डाबड़ा काण्ड किस वर्ग के आंदोलन से जुड़ा था?
Ans: किसान आंदोलन।
Q: मारवाड़ सत्याग्रह दिवस कब मनाया गया?
Ans: 26 जुलाई 1942।
Q: मारवाड़ सत्याग्रह में महिलाओं का नेतृत्व किसने किया?
Ans: महिमा देवी किंकर।
Q: मारवाड़ सत्याग्रह में किस वर्ग की महिलाओं ने प्रमुख भूमिका निभाई?
Ans: महिला कार्यकर्ताओं ने।
Q: मारवाड़ दरबार पब्लिक सेफ्टी अध्यादेश कब लागू हुआ?
Ans: 1932 ई.
Q: मारवाड़ दरबार पब्लिक सेफ्टी अध्यादेश का उद्देश्य क्या था?
Ans: आंदोलनों को दबाना।
Q: पब्लिक सेफ्टी अध्यादेश किस प्रकार का कानून था?
Ans: दमनकारी कानून।
Q: भारत छोड़ो आंदोलन में मारवाड़ के किस नेता को सिवाणा में नजरबंद किया गया?
Ans: जयनारायण व्यास।
Q: अन्य प्रजामंडल नेताओं को किस किले में रखा गया?
Ans: जालौर किला।
Q: मारवाड़ प्रजामंडल से जुड़ी प्रमुख महिला कौन थीं?
Ans: गौरजा व्यास।
Q: महिमा देवी किंकर किस आंदोलन से जुड़ी थीं?
Ans: मारवाड़ सत्याग्रह।
Q: सावित्री देवी भाटी किससे संबंधित थीं?
Ans: मारवाड़ प्रजामंडल आंदोलन।
Q: रमादेवी व्यास किस आंदोलन से जुड़ी थीं?
Ans: मारवाड़ जन-जागृति आंदोलन।
Q: मारवाड़ प्रजामंडल से जुड़ी एक अन्य महिला का नाम बताइए।
Ans: दयावती।
Q: मारवाड़ प्रजामंडल से जुड़ी कृष्णाकुमारी किस आंदोलन से संबंधित थीं?
Ans: मारवाड़ स्वतंत्रता आंदोलन।
Q: मारवाड़ प्रजामंडल से जुड़ी एक अन्य प्रमुख महिला कौन थीं?
Ans: सूरजदेवी।
Q: महिला सत्याग्रहियों में प्रमुख नेतृत्व किसने किया?
Ans: महिमा देवी किंकर।
Q: जयनारायण व्यास की प्रसिद्ध पुस्तक कौन-सी है?
Ans: मारवाड़ की अवस्था।
Q: 'पोपाबाई की पोल' के लेखक कौन थे?
Ans: जयनारायण व्यास।
Q: 'मार्च से संघर्ष क्यों?' के लेखक कौन थे?
Ans: जयनारायण व्यास।
Q: 'गरीबों की आवाज' के लेखक कौन थे?
Ans: जयनारायण व्यास।
Q: जयनारायण व्यास ने जनता में राजनीतिक चेतना किस माध्यम से फैलाई?
Ans: लेखन और पत्रकारिता से।
Q: 'PeeP' किस भाषा का समाचार-पत्र था?
Ans: अंग्रेजी।
Q: 'PeeP' कहाँ से प्रकाशित होता था?
Ans: दिल्ली।
Q: 'अखण्ड भारत' किस भाषा का समाचार-पत्र था?
Ans: हिन्दी।
Q: 'अखण्ड भारत' कहाँ से प्रकाशित होता था?
Ans: बॉम्बे (मुंबई)।
Q: 'तरुण राजस्थान' किस भाषा का समाचार-पत्र था?
Ans: हिन्दी।
Q: 'तरुण राजस्थान' कहाँ से प्रकाशित होता था?
Ans: ब्यावर।
Q: 'आगीवाण' किस भाषा का समाचार-पत्र था?
Ans: राजस्थानी।
Q: 'आगीवाण' कहाँ से प्रकाशित होता था?
Ans: ब्यावर।
Q: राजस्थानी भाषा का पहला राजनीतिक पाक्षिक समाचार-पत्र कौन-सा था?
Ans: आगीवाण।
Q: 'आगीवाण' का प्रकाशन कितने अंतराल पर होता था?
Ans: पाक्षिक।
Q: जयनारायण व्यास की पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans: राजनीतिक जागृति पैदा करना।
Q: जयनारायण व्यास का संबंध किस प्रजामंडल से प्रमुख रूप से था?
Ans: मारवाड़ प्रजामंडल।
Q: हाड़ौती प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
Ans: 1934 ई.
Q: हाड़ौती प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?
Ans: नयनूराम शर्मा और हाजी फैज मोहम्मद।
Q: हाड़ौती प्रजामंडल ने कौन-सा प्रमुख आंदोलन चलाया?
Ans: बेगार विरोधी आंदोलन।
Q: हाड़ौती प्रजामंडल का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Ans: बेगार प्रथा का विरोध।
Q: बेगार विरोधी आंदोलन किस प्रजामंडल से संबंधित था?
Ans: हाड़ौती प्रजामंडल।
Q: उत्तरदायी शासन के गीत गाकर जन-जागृति फैलाने वाली प्रमुख महिलाओं में कौन शामिल थीं?
Ans: सूरजदेवी माथुर और सावित्री देवी।
Q: सूरजदेवी माथुर और सावित्री देवी ने किस प्रकार जन-जागृति फैलाई?
Ans: उत्तरदायी शासन के गीत गाकर।
करौली यादव एवं भरतपुर जाट वंश
120 QuestionsQ: करौली के यादव किस वंश से संबंधित माने जाते हैं?
Ans: चंद्रवंशी।
Q: करौली के यादव स्वयं को किसका वंशज मानते हैं?
Ans: भगवान श्रीकृष्ण का।
Q: करौली के यादवों की प्रमुख शाखा कौन-सी थी?
Ans: जादौन।
Q: करौली की कुलदेवी कौन हैं?
Ans: कैला माता।
Q: कैला माता मंदिर कहाँ स्थित है?
Ans: त्रिकूट पर्वत पर।
Q: करौली के शासकों की प्रमुख उपाधि क्या थी?
Ans: पाल।
Q: ‘पाल’ उपाधि का अर्थ क्या माना गया है?
Ans: गोपालक या रक्षक।
Q: करौली राज्य का संस्थापक कौन था?
Ans: विजयपाल।
Q: विजयपाल ने करौली राज्य की स्थापना कब की?
Ans: 1040 ई.
Q: विजयपाल ने अपना शक्ति केंद्र कहाँ बनाया?
Ans: बयाना।
Q: विजयपाल ने कौन-सा दुर्ग बनवाया?
Ans: विजय मंदिर गढ़।
Q: विजय मंदिर गढ़ कहाँ स्थित था?
Ans: बयाना की पहाड़ी पर।
Q: विजय मंदिर गढ़ का सामरिक महत्व क्या था?
Ans: यह दिल्ली-मालवा व्यापारिक मार्ग पर स्थित था।
Q: विजयपाल के उत्तराधिकारी कौन थे?
Ans: तिमनपाल।
Q: तिमनपाल को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
Ans: तवनपाल।
Q: तिमनपाल ने कौन-सा प्रसिद्ध दुर्ग बनवाया?
Ans: तिमनगढ़ दुर्ग।
Q: तिमनगढ़ का दूसरा नाम क्या है?
Ans: तेहनगढ़।
Q: तिमनगढ़ किसके लिए प्रसिद्ध है?
Ans: मूर्तिकला और नक्काशी के लिए।
Q: मोहम्मद गोरी ने बयाना और तिमनगढ़ पर लगभग कब आक्रमण किया?
Ans: 1196 ई.
Q: मुस्लिम आक्रमणों के बाद किस वंश की शक्ति कमजोर हुई?
Ans: यादव वंश की।
Q: करौली के यादव वंश के पुनरुद्धार का श्रेय किसे दिया जाता है?
Ans: महाराजा अर्जुनपाल।
Q: अर्जुनपाल ने यादवों की खोई प्रतिष्ठा कब पुनः स्थापित की?
Ans: 14वीं शताब्दी में।
Q: अर्जुनपाल ने तिमनगढ़ के साथ क्या किया?
Ans: मुस्लिमों से वापस छीना।
Q: अर्जुनपाल ने कल्याणपुरी नगर कब बसाया?
Ans: 1348 ई.
Q: कल्याणपुरी का आधुनिक नाम क्या है?
Ans: करौली।
Q: कल्याणपुरी किस नदी के किनारे बसाया गया?
Ans: भद्रावती नदी।
Q: अर्जुनपाल ने किस मंदिर का निर्माण करवाया?
Ans: अंजनी माता मंदिर।
Q: अंजनी माता मंदिर किसकी स्मृति में बनवाया गया?
Ans: अर्जुनपाल की माता की स्मृति में।
Q: करौली को औपचारिक राजधानी किस शासक ने बनाया?
Ans: धर्मपाल द्वितीय।
Q: धर्मपाल द्वितीय ने लगभग कब करौली को राजधानी बनाया?
Ans: 1650 ई.
Q: धर्मपाल द्वितीय ने करौली में क्या करवाया?
Ans: किलेबंदी और प्रशासनिक सुधार।
Q: मदन मोहन जी की प्रतिमा किस क्षेत्र में धार्मिक महत्व रखती है?
Ans: करौली।
Q: मदन मोहन जी किस संप्रदाय से जुड़े प्रमुख केंद्र हैं?
Ans: गौड़ीय संप्रदाय।
Q: करौली की प्रमुख धार्मिक पहचान क्या है?
Ans: कैला माता और मदन मोहन जी।
Q: करौली ने अंग्रेजों से संधि कब की?
Ans: 15 नवंबर 1817।
Q: अंग्रेजों से संधि करने वाली राजस्थान की पहली रियासत कौन-सी बताई गई है?
Ans: करौली।
Q: 1817 की संधि किस शासक के समय हुई?
Ans: महाराजा हरबक्षपाल।
Q: करौली के किस शासक ने 1857 में कोटा के महाराव की सहायता की?
Ans: मदनपाल।
Q: मदनपाल ने 1857 में किसकी सहायता की?
Ans: कोटा के महाराव रामसिंह द्वितीय की।
Q: मदनपाल को अंग्रेजों ने किस सम्मान से नवाजा?
Ans: G.C.S.I.
Q: मदनपाल की तोपों की सलामी कितनी बढ़ाई गई?
Ans: 13 से 17।
Q: कैला माता के मेले को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: लक्खी मेला।
Q: कैला माता से जुड़े प्रसिद्ध लोकगीत कौन-से हैं?
Ans: लाँगुरिया गीत।
Q: भरतपुर का जाट राज्य किस प्रकार की शक्ति से उभरा?
Ans: विद्रोही किसान शक्ति के रूप में।
Q: जाट विद्रोह का प्रारंभिक प्रमुख नेता कौन था?
Ans: गोकुल जाट।
Q: गोकुल जाट ने विद्रोह कब किया?
Ans: 1669 ई.
Q: गोकुल जाट का विद्रोह किसके विरुद्ध था?
Ans: औरंगजेब की नीतियों और भारी लगान के विरुद्ध।
Q: गोकुल जाट का विद्रोह कहाँ से प्रारंभ हुआ?
Ans: तिलपत।
Q: गोकुल जाट के बाद जाट विद्रोह को आगे किसने बढ़ाया?
Ans: राजाराम।
Q: राजाराम ने किस युद्ध पद्धति को अपनाया?
Ans: गुरिल्ला युद्ध।
Q: राजाराम ने किस प्रसिद्ध मकबरे को लूटा?
Ans: अकबर का मकबरा, सिकंदरा।
Q: राजाराम ने अकबर की अस्थियों के साथ क्या किया?
Ans: उन्हें निकालकर जलाने की बात कही जाती है।
Q: जाट राज्य का संस्थापक किसे माना जाता है?
Ans: चुडामन।
Q: चुडामन का शासनकाल क्या था?
Ans: 1695–1721 ई.
Q: चुडामन ने जाटों को क्या बनाया?
Ans: संगठित सैन्य शक्ति।
Q: चुडामन ने अपना प्रमुख केंद्र कहाँ बनाया?
Ans: थूण।
Q: थूण किससे संबंधित है?
Ans: चुडामन के जाट शक्ति केंद्र से।
Q: चुडामन के बाद प्रमुख जाट शासक कौन बने?
Ans: बदनसिंह।
Q: बदनसिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1723–1756 ई.
Q: बदनसिंह को किस जयपुर शासक की सहायता मिली?
Ans: सवाई जयसिंह।
Q: बदनसिंह को कौन-सी उपाधि मिली?
Ans: बृजराज।
Q: बदनसिंह ने किन स्थानों पर निर्माण कार्य करवाए?
Ans: डीग, कुम्हेर और भरतपुर।
Q: भरतपुर के जाटों का स्वर्णकाल किस शासक के समय माना जाता है?
Ans: महाराजा सूरजमल।
Q: सूरजमल का शासनकाल क्या था?
Ans: 1756–1763 ई.
Q: सूरजमल को किस उपाधि से जाना जाता है?
Ans: जाटों का प्लेटो।
Q: सूरजमल को ‘अफलातून’ क्यों कहा गया?
Ans: उनकी राजनीतिक बुद्धिमत्ता और रणनीति के कारण।
Q: सूरजमल का सबसे प्रसिद्ध दुर्ग कौन-सा है?
Ans: लोहागढ़ दुर्ग।
Q: लोहागढ़ दुर्ग कहाँ स्थित है?
Ans: भरतपुर।
Q: लोहागढ़ दुर्ग की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans: इसकी मजबूत मिट्टी की दीवारें।
Q: लोहागढ़ को किस नाम से जाना जाता है?
Ans: अजेय दुर्ग।
Q: लोहागढ़ की खाई किससे भरी जाती थी?
Ans: सुजान गंगा नहर के पानी से।
Q: सूरजमल ने किस प्रसिद्ध स्थान पर जलमहल बनवाए?
Ans: डीग।
Q: डीग के महल किस स्थापत्य शैली के मिश्रण के लिए प्रसिद्ध हैं?
Ans: मुगल और राजपूत शैली।
Q: डीग के महलों में सबसे भव्य भवन कौन-सा है?
Ans: गोपाल भवन।
Q: पानीपत के तीसरे युद्ध के समय सूरजमल ने किसे सलाह दी?
Ans: मराठों को।
Q: पानीपत का तीसरा युद्ध कब हुआ?
Ans: 1761 ई.
Q: युद्ध के बाद सूरजमल ने किसकी सहायता की?
Ans: घायल मराठा सैनिकों की।
Q: मराठा सैनिकों की सहायता में किस रानी ने सूरजमल का साथ दिया?
Ans: रानी किशोरी देवी।
Q: सूरजमल ने दिल्ली पर कब विजय प्राप्त की?
Ans: 1754 ई.
Q: दिल्ली विजय के बाद सूरजमल क्या लेकर आए?
Ans: बहुमूल्य सामान।
Q: सूरजमल के बाद प्रमुख शासक कौन बने?
Ans: जवाहर सिंह।
Q: जवाहर सिंह किसके पुत्र थे?
Ans: महाराजा सूरजमल।
Q: जवाहर सिंह ने दिल्ली पर आक्रमण क्यों किया?
Ans: अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए।
Q: जवाहर सिंह दिल्ली से कौन-सा प्रसिद्ध दरवाजा लाए?
Ans: अष्टधातु दरवाजा।
Q: अष्टधातु दरवाजा कहाँ स्थापित किया गया?
Ans: भरतपुर।
Q: अष्टधातु दरवाजा मूलतः किस किले का था?
Ans: चित्तौड़गढ़।
Q: चित्तौड़ का अष्टधातु दरवाजा दिल्ली कौन ले गया था?
Ans: अलाउद्दीन खिलजी।
Q: जवाहर सिंह ने दिल्ली विजय की स्मृति में क्या बनवाया?
Ans: जवाहर बुर्ज।
Q: जवाहर बुर्ज कहाँ स्थित है?
Ans: भरतपुर दुर्ग।
Q: भरतपुर के राजाओं का राजतिलक कहाँ होता था?
Ans: जवाहर बुर्ज।
Q: रणजीत सिंह का शासनकाल क्या था?
Ans: 1803–1805 ई.
Q: रणजीत सिंह ने किस मराठा नेता को शरण दी?
Ans: यशवंतराव होल्कर।
Q: रणजीत सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध किस नीति का पालन किया?
Ans: मराठा विरोधी शक्ति को शरण देकर अंग्रेजों का विरोध।
Q: लोहागढ़ पर अंग्रेजों ने कितनी बार आक्रमण किया?
Ans: 5 बार।
Q: लोहागढ़ पर आक्रमण करने वाला अंग्रेज सेनापति कौन था?
Ans: लॉर्ड लेक।
Q: लॉर्ड लेक के लोहागढ़ पर आक्रमणों का परिणाम क्या रहा?
Ans: सभी आक्रमण असफल रहे।
Q: लोहागढ़ की असफलता के बाद अंग्रेजों को क्या करना पड़ा?
Ans: संधि करनी पड़ी।
Q: भरतपुर के जाट राज्य का सबसे प्रसिद्ध दुर्ग कौन-सा है?
Ans: लोहागढ़।
Q: भरतपुर की जाट शक्ति का प्रमुख संस्थापक किसे माना जाता है?
Ans: चुडामन।
Q: भरतपुर के जाटों का महानतम शासक किसे माना जाता है?
Ans: महाराजा सूरजमल।
Q: करौली का प्रमुख दुर्ग कौन-सा है?
Ans: तिमनगढ़।
Q: तिमनगढ़ किस शासक से संबंधित है?
Ans: तिमनपाल।
Q: तिमनगढ़ किस कला के लिए प्रसिद्ध है?
Ans: मूर्तिकला।
Q: ‘नन्द-भोजाई के कुएँ’ कहाँ स्थित हैं?
Ans: तिमनगढ़।
Q: बयाना का विजय मंदिर गढ़ किस वंश से संबंधित है?
Ans: यादव वंश।
Q: लोहागढ़ दुर्ग किस वंश से संबंधित है?
Ans: भरतपुर के जाट वंश से।
Q: डीग का किला किसके लिए प्रसिद्ध है?
Ans: जलमहलों और फव्वारों के लिए।
Q: डीग का सबसे प्रसिद्ध भवन कौन-सा है?
Ans: गोपाल भवन।
Q: करौली का प्रसिद्ध मंदिर कौन-सा है?
Ans: कैला माता मंदिर।
Q: भरतपुर का प्रसिद्ध धार्मिक निर्माण कौन-सा है?
Ans: गंगा मंदिर।
Q: मत्स्य संघ का गठन कब हुआ?
Ans: 18 मार्च 1948।
Q: मत्स्य संघ में कितनी रियासतें शामिल थीं?
Ans: चार।
Q: मत्स्य संघ की चार रियासतें कौन-सी थीं?
Ans: करौली, भरतपुर, धौलपुर और अलवर।
Q: मत्स्य संघ में जयपुर शामिल था या नहीं?
Ans: नहीं।
Q: मत्स्य संघ का संबंध राजस्थान के किस क्षेत्र से था?
Ans: पूर्वी राजस्थान।
Q: करौली के विलय पत्र पर किस शासक ने हस्ताक्षर किए?
Ans: गणेशपाल देव।
Q: भरतपुर के विलय पत्र पर किस शासक ने हस्ताक्षर किए?
Ans: बृजेंद्र सिंह।
Q: मत्स्य संघ का निर्माण किस प्रक्रिया का हिस्सा था?
Ans: रियासतों के भारतीय संघ में एकीकरण का।
Q: करौली और भरतपुर का आधुनिक राजस्थान के निर्माण में क्या महत्व है?
Ans: दोनों मत्स्य संघ के प्रमुख घटक थे।
Q: मत्स्य संघ में शामिल नहीं होने वाली प्रमुख रियासत कौन-सी थी?
Ans: जयपुर।
राजस्थान के राजकीय प्रतीक
5 QuestionsQ: राजस्थान का राजकीय वृक्ष कौन-सा है?
Ans: खेजड़ी।
Q: खेजड़ी का वैज्ञानिक नाम क्या है?
Ans: प्रोसोपिस सिनेरारिया।
Q: राजस्थान का राजकीय पुष्प कौन-सा है?
Ans: रोहिड़ा।
Q: राजस्थान का राजकीय पक्षी कौन-सा है?
Ans: गोडावण।
Q: राजस्थान का राजकीय खेल कौन-सा है?
Ans: बास्केटबॉल।