राजस्थान के संभाग और जिले
राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य है। इतने विशाल क्षेत्र में प्रशासन को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए राज्य को विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों में विभाजित किया गया है।
प्रशासनिक दृष्टि से सामान्य क्रम इस प्रकार समझा जा सकता है:
राज्य → संभाग → जिला → उपखंड → तहसील → पंचायत समिति → ग्राम पंचायत
इनमें संभाग और जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण इकाइयाँ हैं।
वर्तमान में राजस्थान में 7 संभाग और 41 जिले हैं।
संभाग क्या होता है?
कई जिलों को प्रशासनिक सुविधा के लिए मिलाकर एक बड़ी इकाई बनाई जाती है, जिसे संभाग (Division) कहा जाता है।
संभाग का प्रशासन संभागीय आयुक्त (Divisional Commissioner) के माध्यम से संचालित होता है।
संभागीय स्तर का मुख्य उद्देश्य है—
- जिलों के प्रशासन की निगरानी
- राजस्व प्रशासन में समन्वय
- कानून व्यवस्था में समन्वय
- विकास योजनाओं की निगरानी
- विभिन्न जिलों के बीच प्रशासनिक समन्वय
राजस्थान में संभागीय व्यवस्था का इतिहास
1949 में संभागीय व्यवस्था की शुरुआत
राजस्थान के एकीकरण के बाद 1949 में हीरालाल शास्त्री सरकार के समय संभागीय व्यवस्था प्रारंभ की गई।
उस समय राजस्थान में 5 संभाग बनाए गए थे—
- जयपुर
- जोधपुर
- बीकानेर
- उदयपुर
- कोटा
राजस्थान राजस्व विभाग के इतिहास संबंधी स्रोत के अनुसार उस समय राज्य को 5 संभाग और 24 जिलों में विभाजित किया गया था।
1956 में अजमेर का राजस्थान में विलय
1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन के बाद अजमेर राज्य राजस्थान में शामिल हुआ।
अजमेर को राजस्थान का 26वाँ जिला बनाया गया। States Reorganisation Act, 1956 में भी अजमेर के क्षेत्र को नए राजस्थान राज्य में शामिल करने का प्रावधान किया गया था।
इस समय प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ।
अजमेर संभाग का महत्व
1956 में अजमेर को संभागीय व्यवस्था से जोड़ा गया और उपलब्ध राजस्थान प्रशासनिक अध्ययन स्रोतों के अनुसार जयपुर संभाग का नाम बदलकर अजमेर संभाग किया गया, जबकि संभागीय मुख्यालय कुछ समय तक जयपुर में रहा।
इसलिए परीक्षा में वर्ष को लेकर भ्रम न करें:
1956 → अजमेर राजस्थान में शामिल हुआ और अजमेर संभागीय व्यवस्था का हिस्सा बना।
लेकिन आगे संभागीय व्यवस्था समाप्त हो गई।
1962 में संभागीय व्यवस्था समाप्त
अप्रैल 1962 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया की सरकार ने राजस्थान में संभागीय व्यवस्था समाप्त कर दी।
इसका अर्थ है कि कुछ समय के लिए राजस्थान में प्रशासनिक व्यवस्था में संभाग स्तर समाप्त कर दिया गया था।
परीक्षा के लिए याद रखें
1962 → मोहनलाल सुखाड़िया → संभागीय व्यवस्था समाप्त
1987 में संभागीय व्यवस्था पुनः शुरू
लगभग 25 वर्षों के बाद संभागीय व्यवस्था को फिर से लागू किया गया।
26 जनवरी 1987 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी की सरकार ने राजस्थान में संभागीय व्यवस्था को पुनः लागू किया।
उस समय राजस्थान में कुल 6 संभाग बनाए गए—
- जयपुर
- अजमेर
- जोधपुर
- उदयपुर
- कोटा
- बीकानेर
सबसे महत्वपूर्ण तथ्य
अजमेर को 1987 में राजस्थान का छठा संभाग बनाया गया।
यह बात प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछी जाती है।
अजमेर संभाग → 1987 → हरिदेव जोशी सरकार → राजस्थान का छठा संभाग
2005 में भरतपुर संभाग
इसके बाद राजस्थान में एक और नया संभाग बनाया गया।
4 जून 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार ने भरतपुर को राजस्थान का सातवाँ संभाग बनाया।
भरतपुर संभाग में विभिन्न जिलों को दूसरे संभागों से पुनर्गठित करके शामिल किया गया।
इस प्रकार:
1987 → 6 संभाग
2005 → भरतपुर के गठन के बाद 7 संभाग
2023 में 3 नए संभाग
2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने प्रशासनिक पुनर्गठन करते हुए 3 नए संभाग बनाए।
ये थे—
- पाली संभाग
- बांसवाड़ा संभाग
- सीकर संभाग
इससे राजस्थान में संभागों की संख्या 7 से बढ़कर 10 हो गई थी।
2024 में फिर हुआ प्रशासनिक पुनर्गठन
2024 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने 2023 में बनाए गए नए जिलों और संभागों की समीक्षा की।
समीक्षा के बाद 2023 में बनाए गए तीनों नए संभाग—
- पाली
- बांसवाड़ा
- सीकर
को समाप्त कर दिया गया।
इस प्रकार फिर से राजस्थान में 7 संभाग रह गए।
वर्तमान में राजस्थान के 7 संभाग
वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में राजस्थान में:
7 संभाग + 41 जिले
हैं। सरकारी विभागों की वर्तमान जिला सूची में 41 जिलों के नाम भी उपलब्ध हैं।
अब सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है—संभागवार जिले।
1. अजमेर संभाग
मुख्यालय – अजमेर
वर्तमान में अजमेर संभाग में 6 जिले हैं।
अजमेर संभाग के जिले
- अजमेर
- ब्यावर
- भीलवाड़ा
- डीडवाना-कुचामन
- नागौर
- टोंक
याद रखने की Trick
अज–ब्या–भी–डी–ना–टो
अज = अजमेर
ब्या = ब्यावर
भी = भीलवाड़ा
डी = डीडवाना-कुचामन
ना = नागौर
टो = टोंक
विशेष तथ्य
अजमेर राजस्थान का मध्यवर्ती संभाग माना जाता है।
2. भरतपुर संभाग
मुख्यालय – भरतपुर
भरतपुर राजस्थान का सातवाँ संभाग बना था।
वर्तमान में इसमें 5 जिले हैं।
जिले
- भरतपुर
- डीग
- धौलपुर
- करौली
- सवाई माधोपुर
Trick
भर–डी–धौ–कर–सवा
3. बीकानेर संभाग
मुख्यालय – बीकानेर
इस संभाग में वर्तमान में 4 जिले हैं।
जिले
- बीकानेर
- चूरू
- हनुमानगढ़
- श्रीगंगानगर
Trick
बी–चू–हनु–श्री
4. जयपुर संभाग
मुख्यालय – जयपुर
वर्तमान में जयपुर संभाग में 7 जिले हैं।
जिले
- जयपुर
- दौसा
- अलवर
- सीकर
- झुंझुनूं
- कोटपूतली-बहरोड़
- खैरथल-तिजारा
Trick
जय–दौ–अल–सी–झुं–को–खै
5. जोधपुर संभाग
मुख्यालय – जोधपुर
वर्तमान में जोधपुर संभाग में 8 जिले हैं। यह वर्तमान में सबसे अधिक जिलों वाला संभाग है।
जिले
- जोधपुर
- पाली
- जालौर
- सिरोही
- बाड़मेर
- जैसलमेर
- फलौदी
- बालोतरा
Trick
जो–पा–जा–सि–बा–जै–फ–बा
6. कोटा संभाग
मुख्यालय – कोटा
कोटा संभाग में वर्तमान में 4 जिले हैं।
जिले
- कोटा
- बूंदी
- बारां
- झालावाड़
Trick
को–बूं–बा–झा
यह क्षेत्र मुख्य रूप से हाड़ौती क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।
7. उदयपुर संभाग
मुख्यालय – उदयपुर
वर्तमान में उदयपुर संभाग में 7 जिले हैं।
जिले
- उदयपुर
- सलूंबर
- डूंगरपुर
- चित्तौड़गढ़
- बांसवाड़ा
- राजसमंद
- प्रतापगढ़
Trick
उ–स–डू–चि–बा–रा–प्र
सभी संभाग और जिले एक नजर में
| क्रम | संभाग | मुख्यालय | जिले | संख्या |
|---|---|---|---|---|
| 1 | अजमेर | अजमेर | अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, नागौर, टोंक | 6 |
| 2 | भरतपुर | भरतपुर | भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर | 5 |
| 3 | बीकानेर | बीकानेर | बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर | 4 |
| 4 | जयपुर | जयपुर | जयपुर, दौसा, अलवर, सीकर, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा | 7 |
| 5 | जोधपुर | जोधपुर | जोधपुर, पाली, जालौर, सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर, फलौदी, बालोतरा | 8 |
| 6 | कोटा | कोटा | कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ | 4 |
| 7 | उदयपुर | उदयपुर | उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, राजसमंद, प्रतापगढ़ | 7 |
| कुल | 7 संभाग | — | 41 जिले | 41 |
वर्तमान 41 जिलों का सरकारी जिला-डेटा भी उपलब्ध है।
2023 के नए संभाग और 2024 में उनकी स्थिति
| 2023 में बनाया गया संभाग | 2024 के बाद स्थिति |
|---|---|
| पाली | समाप्त |
| बांसवाड़ा | समाप्त |
| सीकर | समाप्त |
इसलिए वर्तमान परीक्षा के लिए 7 संभाग याद करें, जबकि इतिहास के प्रश्न में 2023 के 10 संभाग का तथ्य भी महत्वपूर्ण है।
संभागीय व्यवस्था का पूरा Timeline
इसे परीक्षा के लिए इस क्रम में याद करें:
1949
↓
हीरालाल शास्त्री सरकार
↓
5 संभाग
1956
↓
अजमेर राजस्थान में शामिल
↓
अजमेर संभागीय व्यवस्था में आया
1962
↓
मोहनलाल सुखाड़िया
↓
संभागीय व्यवस्था समाप्त
26 जनवरी 1987
↓
हरिदेव जोशी
↓
संभागीय व्यवस्था पुनः शुरू
↓
6 संभाग
↓
अजमेर = छठा संभाग
4 जून 2005
↓
वसुंधरा राजे
↓
भरतपुर = सातवाँ संभाग
2023
↓
अशोक गहलोत
↓
पाली + बांसवाड़ा + सीकर
↓
कुल 10 संभाग
2024
↓
भजनलाल शर्मा सरकार
↓
3 नए संभाग समाप्त
↓
वर्तमान = 7 संभाग
सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य
1. राजस्थान में संभागीय व्यवस्था कब शुरू हुई?
1949
2. 1949 में कितने संभाग थे?
5
3. संभागीय व्यवस्था किस सरकार ने शुरू की?
हीरालाल शास्त्री सरकार
4. संभागीय व्यवस्था कब समाप्त हुई?
अप्रैल 1962
5. संभागीय व्यवस्था किसने समाप्त की?
मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया
6. संभागीय व्यवस्था दोबारा कब शुरू हुई?
26 जनवरी 1987
7. किसने दोबारा शुरू की?
मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी
8. 1987 में कितने संभाग बनाए गए?
6
9. 1987 में राजस्थान का छठा संभाग कौन बना?
अजमेर
10. राजस्थान का सातवाँ संभाग कौन बना?
भरतपुर
11. भरतपुर संभाग कब बना?
4 जून 2005
12. भरतपुर संभाग किसके शासनकाल में बना?
वसुंधरा राजे
13. 2023 में कौन से तीन नए संभाग बने?
पाली, बांसवाड़ा और सीकर
14. 2024 में कौन से तीन संभाग समाप्त किए गए?
पाली, बांसवाड़ा और सीकर
15. वर्तमान में राजस्थान में कितने संभाग हैं?
7
16. वर्तमान में राजस्थान में कितने जिले हैं?
41
17. वर्तमान में सबसे अधिक जिलों वाला संभाग कौन सा है?
जोधपुर – 8 जिले
18. 4 जिलों वाले संभाग कौन से हैं?
बीकानेर और कोटा
FAQ:
Q1. राजस्थान में वर्तमान में कुल कितने संभाग और जिले हैं? वर्तमान में राजस्थान में कुल 7 संभाग और 41 जिले हैं।
Q2. राजस्थान में संभागीय व्यवस्था की शुरुआत कब हुई थी? संभागीय व्यवस्था की शुरुआत 1949 में हीरालाल शास्त्री सरकार के समय हुई थी, जब राज्य में 5 संभाग बनाए गए थे।
Q3. राजस्थान में संभागीय व्यवस्था कब और क्यों समाप्त की गई थी? अप्रैल 1962 में मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया की सरकार ने संभागीय व्यवस्था को समाप्त कर दिया था।
Q4. अजमेर राजस्थान का छठा संभाग कब बना? 26 जनवरी 1987 को मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी की सरकार ने संभागीय व्यवस्था पुनः लागू करते हुए अजमेर को राजस्थान का छठा संभाग बनाया।
Q5. भरतपुर को राजस्थान का सातवाँ संभाग कब बनाया गया? 4 जून 2005 को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार ने भरतपुर को राजस्थान का सातवाँ संभाग घोषित किया।
Q6. 2023 में कौन-कौन से नए संभाग बनाए गए थे और उनका क्या हुआ? 2023 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने पाली, बांसवाड़ा और सीकर — तीन नए संभाग बनाए थे, जिससे कुल संभाग 10 हो गए थे। हालाँकि 2024 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने इन तीनों को समाप्त कर दिया, जिससे राजस्थान फिर से 7 संभाग पर लौट आया।
Q7. राजस्थान का सबसे अधिक जिलों वाला संभाग कौन-सा है? जोधपुर संभाग वर्तमान में सबसे अधिक जिलों (8 जिले) वाला संभाग है।
Q8. राजस्थान में सबसे कम जिलों वाले संभाग कौन-से हैं? बीकानेर और कोटा — दोनों संभागों में वर्तमान में केवल 4-4 जिले हैं, जो इन्हें सबसे कम जिलों वाला संभाग बनाता है।
Q9. डीग और खैरथल-तिजारा जैसे नए जिले किस संभाग में आते हैं? डीग जिला भरतपुर संभाग में और खैरथल-तिजारा जिला जयपुर संभाग में शामिल है।
Q10. अजमेर राजस्थान में कब शामिल हुआ था? 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत अजमेर राजस्थान में शामिल हुआ और इसे राज्य का 26वाँ जिला बनाया गया।
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