Prime & Composite Numbers Maths
1. अभाज्य और भाज्य संख्याएँ क्या हैं?
प्राकृत संख्याओं को उनके गुणनखंडों (factors) की संख्या के आधार पर तीन समूहों में बाँटा जाता है: अभाज्य, भाज्य, और संख्या 1।
अभाज्य संख्या (Prime Number): वह संख्या जिसके ठीक दो गुणनखंड हों: 1 और स्वयं वह संख्या। जैसे 2, 3, 5, 7, 11...
भाज्य संख्या (Composite Number): वह संख्या जिसके दो से अधिक गुणनखंड हों। जैसे 4, 6, 8, 9, 10...
संख्या 1: न अभाज्य है, न भाज्य (इसका केवल एक ही गुणनखंड है)।
2. यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?
- SSC, Railway, Bank परीक्षाओं में अभाज्य संख्याओं से जुड़े प्रश्न नियमित आते हैं।
- यह HCF-LCM, गुणनखंडन (Factorization), और विभाज्यता जैसे टॉपिक्स की नींव है।
- Number Series और Classification (Odd One Out) में भी अभाज्य संख्याओं की पहचान काम आती है।
3. 100 तक की अभाज्य संख्याएँ (अवश्य याद करें)
| सीमा | अभाज्य संख्याएँ | संख्या |
|---|---|---|
| 1-10 | 2, 3, 5, 7 | 4 |
| 11-20 | 11, 13, 17, 19 | 4 |
| 21-30 | 23, 29 | 2 |
| 31-40 | 31, 37 | 2 |
| 41-50 | 41, 43, 47 | 3 |
| 51-60 | 53, 59 | 2 |
| 61-70 | 61, 67 | 2 |
| 71-80 | 71, 73, 79 | 3 |
| 81-90 | 83, 89 | 2 |
| 91-100 | 97 | 1 |
कुल: 100 तक 25 अभाज्य संख्याएँ हैं।
4. अभाज्य संख्याओं के महत्वपूर्ण तथ्य
- 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है; बाकी सभी अभाज्य संख्याएँ विषम हैं।
- सबसे छोटी अभाज्य संख्या = 2; सबसे बड़ी अभाज्य संख्या नहीं है (अनंत हैं)।
- सबसे छोटी भाज्य संख्या = 4।
- 1 अभाज्य नहीं है।
- जुड़वाँ अभाज्य (Twin Primes): ऐसे जोड़े जिनमें अंतर 2 हो, जैसे (3,5), (5,7), (11,13), (17,19), (29,31), (41,43)।
- सह-अभाज्य (Co-prime): दो संख्याएँ जिनका HCF = 1 हो (वे स्वयं अभाज्य हों, यह ज़रूरी नहीं)। जैसे (8, 9)।
- 1 से 100 के बीच अभाज्य संख्याओं की संख्या = 25।
- 3 से बड़ी हर अभाज्य संख्या 6k ± 1 के रूप में होती है (जैसे 5=6−1, 7=6+1, 11=6×2−1)। पर इसका उल्टा सच नहीं है (जैसे 25=6×4+1, पर अभाज्य नहीं)।
5. कोई संख्या अभाज्य है या नहीं, कैसे जाँचें? (वर्गमूल विधि)
विधि:
- संख्या का लगभग वर्गमूल निकालें।
- उस वर्गमूल से छोटी या बराबर सभी अभाज्य संख्याओं से भाग देकर जाँचें।
- यदि किसी से भी पूरी तरह विभाज्य नहीं है, तो संख्या अभाज्य है।
उदाहरण 1: क्या 97 अभाज्य है?
√97 ≈ 9.8, तो 2, 3, 5, 7 से जाँचें:
- 2 से: अंतिम अंक 7 (विषम) → नहीं
- 3 से: अंक योग 9+7=16 → नहीं
- 5 से: अंतिम अंक 7 → नहीं
- 7 से: 97÷7 = 13.86 → नहीं
उत्तर: 97 अभाज्य है
उदाहरण 2: क्या 221 अभाज्य है?
√221 ≈ 14.9, तो 2, 3, 5, 7, 11, 13 से जाँचें:
- 13 से: 13×17 = 221 → विभाज्य है!
उत्तर: 221 भाज्य है (= 13×17)
6. अभाज्य गुणनखंडन (Prime Factorization)
हर भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखा जा सकता है, और यह रूप अद्वितीय (unique) होता है।
उदाहरण: 360 का अभाज्य गुणनखंडन
360 ÷ 2 = 180
180 ÷ 2 = 90
90 ÷ 2 = 45
45 ÷ 3 = 15
15 ÷ 3 = 5
5 ÷ 5 = 1
360 = 2³ × 3² × 5
7. गुणनखंडों की संख्या निकालने का सूत्र
यदि N = a^p × b^q × c^r (जहाँ a, b, c अभाज्य हैं), तो:
गुणनखंडों की कुल संख्या = (p+1)(q+1)(r+1)
उदाहरण: 360 के कुल गुणनखंड
360 = 2³ × 3² × 5¹
कुल गुणनखंड = (3+1)(2+1)(1+1) = 4×3×2 = 24
विषम/सम गुणनखंडों की संख्या
- विषम गुणनखंड: 2 को छोड़कर बाकी घातों का गुणनफल: (2+1)(1+1) = 6
- सम गुणनखंड: 24 − 6 = 18
8. गुणनखंडों का योग (Sum of Factors)
N = a^p × b^q के लिए: योग = (a^(p+1) − 1)/(a−1) × (b^(q+1) − 1)/(b−1)
उदाहरण: 12 के सभी गुणनखंडों का योग
12 = 2² × 3¹
योग = (2³−1)/(2−1) × (3²−1)/(3−1) = 7 × 4 = 28
(जाँच: 1+2+3+4+6+12 = 28 ✓)
9. विस्तृत हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: अभाज्य संख्याओं की पहचान
प्रश्न: 50 से 70 के बीच कितनी अभाज्य संख्याएँ हैं?
हल: 53, 59, 61, 67 → 4 अभाज्य संख्याएँ
उदाहरण 2: दो अभाज्य संख्याओं का योग
प्रश्न: दो अभाज्य संख्याओं का योग 21 है। वे संख्याएँ क्या हैं?
हल: योग विषम है, तो एक संख्या सम (=2) होगी: 21−2 = 19 (अभाज्य ✓)
उत्तर: 2 और 19
उदाहरण 3: जुड़वाँ अभाज्य
प्रश्न: 40 से 50 के बीच जुड़वाँ अभाज्य जोड़ा कौन-सा है?
हल: 41, 43, 47 अभाज्य हैं; 41 और 43 में अंतर 2 है
उत्तर: (41, 43)
उदाहरण 4: गुणनखंडों की संख्या
प्रश्न: 48 के कुल गुणनखंड कितने हैं?
हल: 48 = 2⁴ × 3¹ → (4+1)(1+1) = 5×2 = 10
10. हल करने की 6 आसान ट्रिक्स
- 100 तक की 25 अभाज्य संख्याएँ रट लें — यह सबसे बड़ी ट्रिक है।
- अभाज्य जाँच के लिए सिर्फ वर्गमूल तक की अभाज्य संख्याओं से भाग दें, पूरी संख्या तक नहीं।
- 2 के अलावा हर अभाज्य संख्या विषम है — इसलिए "सम अभाज्य" वाले प्रश्न में उत्तर हमेशा 2 होगा।
- दो अभाज्य संख्याओं का योग विषम हो, तो उनमें से एक अवश्य 2 है।
- गुणनखंडों की संख्या का सूत्र (p+1)(q+1)... याद रखें।
- पूर्ण वर्ग संख्या के गुणनखंडों की संख्या हमेशा विषम होती है, अन्य संख्याओं की सम।
11. सामान्य गलतियाँ जिनसे बचें
- 1 को अभाज्य मान लेना — सबसे आम गलती।
- 2 को अभाज्य न मानना या "सभी अभाज्य विषम हैं" कह देना।
- 9, 15, 21, 27, 33, 39, 51, 57, 91 जैसी विषम भाज्य संख्याओं को अभाज्य समझ लेना (91 = 7×13 विशेष रूप से चकमा देती है)।
- सह-अभाज्य और अभाज्य को एक समझना।
12. अभ्यास प्रश्न (खुद हल करें)
Q1. क्या 91 अभाज्य संख्या है?
Q2. 30 से 50 के बीच कितनी अभाज्य संख्याएँ हैं?
Q3. 180 के कुल गुणनखंड कितने हैं?
Q4. दो अभाज्य संख्याओं का योग 36 है और अंतर 10 है। संख्याएँ क्या हैं?
Q5. 20 के सभी गुणनखंडों का योग क्या है?
13. उत्तर और स्पष्टीकरण
Q1. नहीं — 91 = 7 × 13, इसलिए भाज्य है।
Q2. 4 — 31, 37, 41, 43, 47 गिनने पर 5 अभाज्य संख्याएँ हैं। सही उत्तर: 5
Q3. 18 — 180 = 2² × 3² × 5¹ → (2+1)(2+1)(1+1) = 3×3×2 = 18
Q4. 23 और 13 — बड़ी = (36+10)/2 = 23, छोटी = (36−10)/2 = 13; दोनों अभाज्य ✓
Q5. 42 — 20 = 2² × 5 → (2³−1)/(2−1) × (5²−1)/(5−1) = 7 × 6 = 42
14. मुख्य बिंदु (Quick Revision)
- अभाज्य: ठीक दो गुणनखंड (1 और स्वयं); भाज्य: दो से अधिक गुणनखंड; 1: न अभाज्य न भाज्य।
- 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है; 100 तक कुल 25 अभाज्य संख्याएँ हैं।
- अभाज्य जाँच के लिए वर्गमूल तक की अभाज्य संख्याओं से भाग दें।
- गुणनखंडों की संख्या: (p+1)(q+1)(r+1)...
- 91, 51, 57, 87 जैसी संख्याएँ अभाज्य दिखती हैं पर होती नहीं हैं।
💬 Leave a Comment & Rating